NZ Inning
153/3 (14.4 ov)
Bevon Jacobs 12(7)*
Glenn Phillips 41 (22)
IND elected to bowl
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Mike Smith Passed Away: इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक स्मिथ का 92 साल की उम्र में निधन, जानिए कैसा रहा करियर
Mon, 18 May 2026 09:26 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Mon, 18 May 2026 09:26 PM IST
सार
इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान माइक स्मिथ का 92 साल की उम्र में निधन हो गया।
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माइक स्मिथ का निधन
- फोटो : IANS
विस्तार
इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान माइक स्मिथ का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। वारविकशायर काउंटी क्रिकेट क्लब ने सोमवार को यह जानकारी दी। माइक स्मिथ ने क्रिकेट में एक शानदार करियर के साथ-साथ 1956 में रग्बी यूनियन इंटरनेशनल के तौर पर भी कुछ समय तक खेला। स्मिथ ने इंग्लैंड के लिए 50 टेस्ट मैच खेले। साल 1958 से 1972 के बीच माइक ने 25 मुकाबलों में टीम की कप्तानी की। कुल मिलाकर, स्मिथ ने 2,278 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और 11 अर्धशतक शामिल थे। क्रिकेट में शानदार योगदान के लिए उन्हें साल 1976 में ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (ओबीई) से सम्मानित किया गया था।
वारविकशायर ने माइक स्मिथ के निधन की खबर की पुष्टि की। ग्लैमरगन के खिलाफ अपने काउंटी चैंपियनशिप मैच के चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले खिलाड़ियों और अधिकारियों ने एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।क्लब ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया, 'वारविकशायर काउंटी क्रिकेट क्लब को 'बेयर्स' के दिग्गज खिलाड़ी एमजेके स्मिथ के 92 साल की उम्र में निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ है।'
साल 1957 से 1967 के बीच स्मिथ ने वारविकशायर की कमान संभाली थी; उन्होंने अपने काउंटी करियर के दौरान 637 मुकाबलों में 39,832 फर्स्ट-क्लास रन बनाए। वारविकशायर आने से पहले, स्मिथ ने 1951 से 1955 तक लीसेस्टरशायर के लिए भी खेला था और दो साल तक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की टीम का भी हिस्सा रहे।
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साल 1958 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले स्मिथ को शुरुआत में बतौर ओपनर आजमाया गया था, लेकिन उन्होंने मध्यक्रम में शानदार प्रदर्शन किया। साल 1959 में ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत के खिलाफ अपना पहला शतक लगाया। 1963-64 में टेड डेक्सटर और कॉलिन काउड्रे की गैरमौजूदगी में उन्हें भारत दौरे पर कप्तानी का मौका मिला था। कप्तान के तौर पर खेले गए 25 टेस्ट मुकाबलों में उन्हें सिर्फ तीन बार हार का सामना करना पड़ा, जबकि पांच मुकाबलों में जीत मिली और 17 मैच ड्रॉ रहे।
संन्यास के बाद स्मिथ ने पांच साल तक बतौर रेफरी काम किया। इसके बाद, साल 1991 में वारविकशायर के चेयरमैन के तौर पर क्लब में वापस लौटे। साल 2003 तक वह इस पद पर बने रहे। इसके अलावा, उन्होंने आईसीसी मैच रेफरी की भूमिका भी निभाई। उनके बेटे नील ने वारविकशायर की कप्तानी करके और वनडे मुकाबलों में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करके पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ाया।
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वारविकशायर ने माइक स्मिथ के निधन की खबर की पुष्टि की। ग्लैमरगन के खिलाफ अपने काउंटी चैंपियनशिप मैच के चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले खिलाड़ियों और अधिकारियों ने एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।क्लब ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया, 'वारविकशायर काउंटी क्रिकेट क्लब को 'बेयर्स' के दिग्गज खिलाड़ी एमजेके स्मिथ के 92 साल की उम्र में निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ है।'
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साल 1957 से 1967 के बीच स्मिथ ने वारविकशायर की कमान संभाली थी; उन्होंने अपने काउंटी करियर के दौरान 637 मुकाबलों में 39,832 फर्स्ट-क्लास रन बनाए। वारविकशायर आने से पहले, स्मिथ ने 1951 से 1955 तक लीसेस्टरशायर के लिए भी खेला था और दो साल तक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की टीम का भी हिस्सा रहे।
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साल 1958 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले स्मिथ को शुरुआत में बतौर ओपनर आजमाया गया था, लेकिन उन्होंने मध्यक्रम में शानदार प्रदर्शन किया। साल 1959 में ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत के खिलाफ अपना पहला शतक लगाया। 1963-64 में टेड डेक्सटर और कॉलिन काउड्रे की गैरमौजूदगी में उन्हें भारत दौरे पर कप्तानी का मौका मिला था। कप्तान के तौर पर खेले गए 25 टेस्ट मुकाबलों में उन्हें सिर्फ तीन बार हार का सामना करना पड़ा, जबकि पांच मुकाबलों में जीत मिली और 17 मैच ड्रॉ रहे।
संन्यास के बाद स्मिथ ने पांच साल तक बतौर रेफरी काम किया। इसके बाद, साल 1991 में वारविकशायर के चेयरमैन के तौर पर क्लब में वापस लौटे। साल 2003 तक वह इस पद पर बने रहे। इसके अलावा, उन्होंने आईसीसी मैच रेफरी की भूमिका भी निभाई। उनके बेटे नील ने वारविकशायर की कप्तानी करके और वनडे मुकाबलों में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करके पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ाया।