विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को हराकर टेस्ट सीरीज अपने नाम कर ली है। अब दोनों टीमें टी-20 की जंग में एक-दूसरे के सामने उतरने को तैयार हैं। दोनों के बीच 12 मार्च से पांच मैचों की टी-20 सीरीज खेली जाएगी। इंग्लैंड इस वक्त टी-20 रैंकिंग में जहां शीर्ष पर काबिज है तो वहीं भारतीय टीम दूसरे स्थान पर है। लेकिन रैंकिंग से अलग दोनों टीमों की निगाहें भारत में साल के आखिरी में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप पर टिकी होंगी और दोनों ही अपनी तैयारियों को आजमाना चाहेंगी। ऐसे में दोनों पुरानी चिर-प्रतिद्वंदी टीम के बीच एक रोमांचक जंग देखने को मिलेगी। फिलहाल आइए एक नजर डालते हैं दोनों टीमों के बीच हुए कुछ यादगार मैचों पर जो आज भी सबके जहन में होगा।
टी-20 की जंग: भारत-इंग्लैंड के बीच खेले गए वो पांच यादगार मुकाबले जो हमेशा रहेंगे याद
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वर्ल्ड टी-20, डरबन, 2007
दक्षिण अफ्रीका में पहला टी-20 वर्ल्ड कप खेला जा रहा था। इसी दौरान 19 सितंबर को ग्रुप मुकाबले में पहली बार भारत और इंग्लैंड की टीम आमने-सामने थी। यह वह दिन था जब युवराज सिंह ने इतिहास रच दिया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करना शुरू किया और गंभीर (58) और सहवाग (68) की अर्धशतकीय पारियों के दम पर 15वें ओवर में ही पहले विकेट के लिए 136 रन जोड़ दिए। हालांकि इसके बाद भारत ने तीन ओवर में तीन विकेट गंवाए और उसका स्कोर 155/3 हो गया। इसी दौरान कप्तान धोनी का साथ देने के लिए भारत की तरफ से युवराज सिंह 17वें ओवर में मैदान पर उतरे। तभी 18वें ओवर में फ्लिंटॉफ और युवराज में कुछ कहासुनी हुई और अंपायरों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत किया। लेकिन इसके अगले ही ओवर में युवराज ने सारा गुस्सा युवा तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के ऊपर निकाल दिया। उन्होंने ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के जड़ दिए और सिर्फ 12 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया, जो आज भी टी-20 इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक बना हुआ है। युवराज की इस तूफानी पारी की वजह से भारत ने 200 से अधिक का स्कोर खड़ा किया और इस मुकाबले को 18 रन से अपने नाम किया था।
वर्ल्ड टी-20, लंदन, 2009
दो साल बाद टी-20 वर्ल्ड कप के दूसरे सीजन का आयोजन इंग्लैंड में किया गया। गत विजेता के सामने एक बार फिर से ग्रुप मुकाबले में इंग्लैंड की टीम सामने थी। लेकिन तब भारतीय टीम ने करीबी मुकाबले में मैच गंवा दिया और खिताब का बचाव करने में असफल रही। 14 जून को लंदन में खेले गए इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने 20 ओवर में 153 रन बनाए। जवाब में भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 11वें ओवर में ही 62 रन पर अपने शुरू के तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद युवराज की जगह पर धोनी ने रविंद्र जडेजा को बल्लेबाजी के लिए भेजा जो टीम के लिए घातक साबित हुआ। जडेजा ने 35 गेंदों में सिर्फ 25 रन बनाए। इसके बाद युवराज ने 9 गेंदों में 17, धोनी ने 20 गेंदों में 30 रन और युसूफ पठान ने 17 गेंदों में 33 रन बनाए। बावजूद इसके टीम इंडिया तीन रन से मैच हार गई।
बर्मिंघम, टी-20, 2014
भारतीय टीम को इंग्लैंड के इस दौरे पर सिर्फ एक टी-20 मुकाबला खेलना था। दोनों के बीच सात सितंबर 2014 को मुकाबला खेला गया। इंग्लैंड ने कप्तान इयोन मोर्गन के 31 गेंदों में बनाए गए 71 रन की मदद से सात विकेट पर 180 रन बनाए। जवाब में भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही अजिंक्य रहाणे आठ रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि इसके बाद विराट कोहली (66) और शिखर धवन (33) ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 79 रनों की साझेदारी की। भारत को आखिरी के 12 गेंदों में 26 रनों की दरकार थी और तब धोनी 10 गेंदों में नौ रन बनाकर क्रीज पर थे और रायुडू एक रन बनाकर दूसरी छोर पर। 19वें ओवर में धोनी ने दो गेंदों में पांच और रायुडू ने चार गेंदों में दो रन बटोरे। इसके बाद आखिरी ओवर में भारत को 17 रन चाहिए थे और धोनी ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया, यही नहीं उसकी अगली गेंद पर उन्होंने दो रन भी लिए। भारत को तब आखिरी की चार गेंदों में जीत के लिए 9 रन चाहिए थे और धोनी क्रीज पर थे। तीसरी गेंद पर धोनी ने सिंगल लेने से मना कर दिया और फिर चौथी गेंद पर चौका जड़ दिया। भारत को आखिरी दो गेंदों में अब पांच रन की जरूरत थी। धोनी ने शॉट खेला और एक बार फिर सिंगल नहीं भागे और आखिरी गेंद पर स्ट्राइक अपने पास रखी। हालांकि छक्के की उम्मीद लगाए धोनी आखिरी गेंद पर एक रन ही भाग पाए और टीम इंडिया मैच हार गई।
नागपुर, दूसरा टी-20, 2017
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। जवाब में भारत ने केएल राहुल (71) की अर्धशतकीय पारी के दम पर आठ विकेट के नुकसान पर 144 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम 20 ओवर में छह विकेट गंवाकर 139 रन ही बना पाई। लेकिन भारत की जीत में बुमराह का अहम योगदान रहा। तीन विकेट लेने वाले आशीष नेहरा ने 19वें ओवर में 16 रन लुटाए और इंग्लैंड को आखिरी की छह गेंदों में जीत के लिए आठ रनों की दरकार थी। लेकिन तब बुमराह ने जो रूट और जोस बटलर को आउट किया और ओवर में सिर्फ दो रन ही दिए।