ऐसा क्या कर गए फजल जो टीम इंडिया में हुई सरप्राइज एंट्री
30 साल के फैज फजल की टीम इंडिया में एंट्री हुई है। वह जून माह में जिम्बाब्वे के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करेंगे। टीम में युवराज सिंह जैसे दिग्गज की उपेक्षा कर फजल को सलेक्ट करना चौंकाने वाली बात है। लेकिन अगर आप इनका वह खास कारनामा सुनेंगे तो चौंक जाएंगे।
जी हां, भारतीय चयनकर्ताओं के जेहन में इनका वह खास कारनामा जरूर होगा जिसके दम पर ये चयनित हुए। आपको बता दें कि फजल आईपीएल 2016 में भी किसी टीम का हिस्सा नहीं थे। हालांकि इससे पहले राजस्थान रॉयल्स टीम से जरूर खेल चुके हैं।
अब आपके जेहन में यह बात आ रही होगी, फजल का वह कौन सा कारनामा है, जिसकी बदौलत वह टीम इंडिया की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा पाने में सफल रहे। गौरतलब है कि उनका नाम कहीं भी रेस में नहीं था, जबकि कृणाल पांड्या रेस में आगे चल रहे थे, जिन्होंने मुंबई इंडियंस की ओर से शानदार प्रदर्शन किया।
फजल ने नामुमकिन को किया था मुमकिन
फजल को प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 79 क्रिकेट मैचों का अनुभव है। उनका यहां सर्वश्रेष्ठ 200 रन नाबाद है। वह सेंट्रल, इंडिया ए, अंडर-19 क्रिकेट टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। 48 टी-20 मैचों में इनका सर्वश्रेष्ठ 66 रन है। यह मध्यम गति के गेंदबाज भी हैं और इसमें भी अपना जौहर दिखा चुके हैं।
इसी साल 10 मार्च को फजल की शतकीय पारी की बदौलत ईरानी कप रेस्ट ऑफ इंडिया के कब्जे में आया और चैंपियन मुंबई को हार झेलनी पड़ी थी। यही वह ऐतिहासिक कारनामा है।
मुंबई ने पहले बल्लेबाजी की थ्ी और 603 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य खड़ा किया। जवाब में रेस्ट ऑफ इंडिया 306 रन पर ऑलआउट हो गई। इस वक्त मुंबई जीत की ओर बढ़ रही थी और रेस्ट ऑफ इंडिया के लिए जीतना लगभग नामुमकिन सा हो गया था।
लेकिन दूसरी पारी में सब कुछ पलट गया। मुंबई 182 रन पर ऑलआउट हो गई। इस वक्त भी मुंबई जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वत थी, क्योंकि दूसरी पारी में 480 रनों का पीछा करना आसान नहीं था। लेकिन फजल ने इसे मुमकिन कर दिखाया।
फजल ने पहले केएस भारत के साथ पहले विकेट के लिए 66 रनों की साझेदारी की, फिर दूसरे विकेट के लिए सुदीप चटर्जी के साथ 110 रनों की शतकीय साझेदारी की। फिर करुण नायर के साथ 130 रनों की एक और शतकीय साझेदारी की। फजल के बल्ले से 127 रन निकले। जिसकी बदौलत रेस्ट ऑफ इंडिया ने एऐतिहासिक जीत दर्ज की।