फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   england beat india by 7 wickets to take lead

मैच पोस्टमार्टमः 7 गलतियों ने छिनी करोड़ों फैंस की हंसी

Sun, 09 Dec 2012 01:38 PM IST
अभिषेक कुमार/इंटरनेट डेस्क
अभिषेक कुमार/इंटरनेट डेस्क Updated Sun, 09 Dec 2012 01:38 PM IST
विज्ञापन
england beat india by 7 wickets to take lead

ईडन गार्डंस पर खेले गए टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने भारत को 7 विकेट से हराकर सीरीज में 2-1 की बढ़त बना लिया है। इस शर्मनाक हार के बाद भारतीय क्रिकेट फैंस को गहरा आघात हुआ है। 13 साल बाद यह पहला मौका है जब भारतीय टीम अपनी जमीन पर लगातार दो टेस्ट मैच हारी है। साल 1999-2000 के भारत दौर पर दक्षिण अफ्रीका ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज में टीम इंडिया के खिलाफ क्लीन स्विप किया था। इस 7 विकेट की हार ने टीम इंडिया की 7 गलतियों को उजागर किया है। पूरे मैच में टीम के कप्तान, बल्लेबाज और गेंदबाज अपनी भूमिका को नहीं निभा सके।

विज्ञापन


सहवाग, गंभीरः टीम इंडिया की मजबूत कड़ी गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग की ओपनिंग जोड़ी इस हार के सबसे बड़ी जिम्मेदार है। ओपनिंग जोड़ी ने दोनों पारियों में अच्छी शुरुआत के बाद खराब शॉट खेलकर विकेट गंवाए, जिससे सपाट पिच पर भी टीम इंडिया का मध्यक्रम दबाव में आ गया। सहवाग ने मैच की दोनों पारियों में क्रमशः 23 और 49 रन बनाए। वहीं गंभीर ने 60 और 40 रन के स्कोर को शतक में नहीं बदल सके।
विज्ञापन


अश्विन, ओझाः ईडन गार्डंस की पिच पर इंग्लैंड के मोंटी पनेसर और ग्रीम स्वान की स्पिन जोड़ी ने भारतीय बल्लेबाजों को धराशायी कर दिया। उसी पिच पर भारत के स्पिनर प्रज्ञान ओझा और आर अश्विन बेअसर रहे। दोनों भारतीय स्पिनरों ने मैच में भले ही पांच-पांच विकेट लिए लेकिन इसके लिए उन्होंने जमकर रन लुटाए। अश्विन ने 58.4 ओवर में 214 रन खर्च किए। वहीं ओझा ने 58 ओवर में 152 रन लुटाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


एमएस धोनीः कोलकाता टेस्ट में इग्लैंड के कप्तान एलेस्टर कुक की तरह धोनी टीम को लीड करने में नाकाम रहे। बल्लेबाजी के दौरान जब भारत मुश्किल में था तो धोनी सपाट पिच पर भी नाकाम रहे। इंग्लैंड की पहली पारी में जब भारत विकेट के लिए तरस रहा था तो धोनी बेबस दिखे। उन्होंने गेंदबाजी में पार्टटाइमर का इस्तेमाल करने की कोशिश भी नहीं की, जबकि ऐसे मौकों पर युवराज और सहवाग जैसे बॉलर प्रभावी साबित हुए हैं।

सचिन तेंदुलकरः टीम के सबसे वरिष्ठ खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर पहली पारी में 76 रनों की पारी खेलकर फॉर्म वापसी के संकेत दिए। लेकिन जब दूसरी पारी में एक संकटमोचक की भूमिका के रूप में क्रीज पर टिकने की बारी आई तो वह पांच रन ही बनाकर आउट हो गए।

कोहलीः वनडे और टी20 में प्रभाव छोड़ने वाले विराट कोहली ईडन गार्डंस की सपाट पिच पर पूरी तरह फ्लॉप रहे। कोलकाता में वे 6 और 20 रन की पारी खेल पाए। कोलकाता टेस्ट में कोहली की बल्लेबाजी तकनीक में कमी दिखी। वे तेज और स्पिन दोनों गेंदबाजी आक्रमण के सामने डिफेंस करने में नाकाम दिखे।

युवराजः कैंसर के बाद लौटे युवराज सिंह ने भले ही टी20 और वनडे में प्रदर्शन के दम पर टेस्ट टीम में स्थान बना लिया, लेकिन टेस्ट में उनका फ्लॉप शो कोलकाता में भी जारी रहा। कोलकाता टेस्ट के दोनों पारियों में क्रमशः उनके 32 और 11 रनों की पारी के बाद टेस्ट टीम में उनके प्रदर्शन पर सवाल खड़े हो गए हैं।


जहीर खानः वरिष्ठ तेज गेंदबाज जहीर खान कोलकाता टेस्ट में पूरी तरह बेबस दिखे। न तो उनकी गेंद में वह धार दिखा, ना ही वे रिवर्स स्विंग से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान कर सके। वहीं इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन ने जहीर की ही तकनीक रिवर्स स्विंग का इस्तेमाल कर भारतीय बल्लेबाजों को पस्त कर दिया। कोलकाता टेस्ट में जहीर को एक मात्र विकेट मिला।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed