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वाह रे फाइनल! 5 दिन में महज 10 ओवर का खेल
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 22 Oct 2013 12:33 PM IST
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किसी टूर्नामेंट की खिताबी जंग पर सभी की नजर होती है, लेकिन पांच दिन के मुकाबले में महज 10 ओवर का ही खेल हो तो इसे क्या कहेंगे?
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कोच्चि में दिलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट का फाइनल मैच 17 अक्टूबर से शुरू हुआ और आज मैच के अंतिम दिन 21 अक्टूबर तक महज 10 ओवर का ही खेल हो सका।
इस 10 ओवर के खेल में दक्षिण क्षेत्र ने उत्तर क्षेत्र के खिलाफ दो विकेट के नुकसान पर 33 रन बनाकर संकट में दिख रहा था। लेकिन इसके बाद आई बारिश और खराब आउटफील्ड ने आगे का मैच होने ही नहीं दिया।
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चार बार संयुक्त विजेता
मैच के पांचवें दिन अंपायरों ने खेल को खत्म घोषित कर दिया और दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया। दिलीप ट्रॉफी में चौथी बार संयुक्त विजेता घोषित किया गया।
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इससे पहले दिलीप ट्रॉफी के इतिहास में तीन बार ऐसे मौके आए जब फाइनल में पहुंची दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया गया।
1963-64 में (पश्विम क्षेत्र और दक्षिण क्षेत्र), 1988-89 में (उत्तर क्षेत्र और पश्चिम क्षेत्र) और 1997-98 में (मध्य क्षेत्र और पश्चिम क्षेत्र) दोनों टीमे संयुक्त विजेता बनी थी।
हालांकि, दिलीप ट्रॉफी के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब सेमीफाइनल के बाद फाइनल मैच में बारिश ने बाधा डाली है। इससे पहले दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले का फैसला टॉस से कराना पड़ा था।
उत्तर क्षेत्र और पूर्व क्षेत्र के बीच दिलीप ट्रॉफी के एक अन्य सेमीफाइनल में पहली पारी पूरी न होने के कारण सिक्का उछालकर मैच का परिणाम निकाला गया।
उत्तर क्षेत्र के कप्तान हरभजन सिंह ने सिक्के की उछाल जीतकर अपनी टीम को फाइनल में पहुंचा दिया था।