एमएस धोनी के भविष्य पर टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने दिया बड़ा बयान
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टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने महेंद्र सिंह धोनी का खुलकर समर्थन किया है। धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनके फॉर्म और भविष्य को लेकर लगातार चर्चा होती रही, लेकिन कप्तान कोहली का मानना है कि अगले तीन महीनों में सीमित ओवरों के कई मुकाबले होने है, ऐसे में पूर्व कप्तान धोनी को अपनी लय हासिल करने में मदद मिलेगी।
धोनी का बल्ला पिछले कुछ समय से खामोश रहा है, लेकिन कोहली को उम्मीद है कि वो फॉर्म में जरुर लौट आएँगे। टीम इंडिया को इस सीजन में सीमित ओवर के 24 मुकाबले खेलना है। कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वन-डे से पहले कहा, 'इस सीजन में हमें खिलाड़ियों की भूमिका परिभाषित करने में मदद मिलेगी। इससे हम 2019 वर्ल्ड कप से पहले उन्हें अपनी भूमिका में खरा उतरने के लिए समय दे पाएंगे। इससे हमें पता चलेगा कि कुछ खास परिस्थितियों में एक खिलाड़ी को क्या करने की जरूरत है। और इससे पहले धोनी जैसे खिलाड़ियों को भी मदद मिलेगी, क्योंकि अब वह टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते हैं। लगातार मैचों से उन्हें इंटरनेशनल मैचों में लय हासिल करने और उसे बरकरार रखने में मदद मिलेगी।'
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कोहली का ये भी मानना है कि चाइनामैन कुलदीप यादव की तुलना में अक्षर पटेल अधिक उपयोगी क्रिकेटर हैं और यही वजह है कि उन्हें पहले वनडे में प्लेइंग इलेवन में जगह दी गई। उन्होंने कहा, 'यह मामला टीम में बाएं हाथ के दो स्पिनरों की मौजूदगी से जुड़ा है, जिसके कारण पहले मैच में कुलदीप नहीं खेल पाए। कुलदीप पर अक्षर को प्राथमिकता इसलिए दी गई, क्योंकि वह काफी अच्छी बल्लेबाजी करते हैं और उनका क्षेत्ररक्षण भी अच्छा है। कुलदीप को पूर्व में भी मौके मिले हैं।'
श्रीलंकाई कप्तान को बल्लेबाजों से उम्मीद
वहीं श्रीलंका के कप्तान उपुल थरंगा ने शीर्ष क्रम के अपने बल्लेबाजों से भारत के खिलाफ दूसरे वन-डे में मेहमान टीम को कड़ी टक्कर देने और अपने विकेट खराब शॉट खेलकर नहीं गंवाने को कहा है।
थरंगा ने कहा, 'बड़ा स्कोर बनाने के लिए जरूरी है कि शीर्ष चार बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन करें। उनमें से एक या दो को निश्चित तौर पर बड़ा स्कोर बनाना चाहिए। पिछले 10-15 साल में हमने यही देखा है। अगर एक खिलाड़ी शतक जड़ता है तो फिर हम 280 से 300 रन के बीच का अच्छा स्कोर बना सकते हैं। मैं बल्लेबाजों से उम्मीद करता हूं कि एक बार जमने के बाद वे पूरी पारी में बल्लेबाजी करें और हमें अच्छे स्कोर तक पहुंचाएं। अगर आप अतीत के नतीजे देखो तो शुरुआती 20-25 ओवर में हम अच्छी स्थिति में थे। यहां से हमने मैच से शिकंजा गंवा दिया क्योंकि बल्लेबाजों ने गैरजिम्मेदाराना शॉट खेले।'