भारत-बांग्लादेश मैच पर प्रदूषण का साया, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा- कोई दिक्कत नहीं
भारत और बांग्लादेश के बीच टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला दिल्ली में ही खेला जाएगा। इसे किसी भी सूरत में यहां से स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। बीसीसीआई सूत्रों ने साफ कर दिया है कि सीरीज का पहला मुकाबला अरुण जेटली स्टेडियम पर ही खेला जाएगा। हालांकि दिवाली के बाद बढ़े वायु प्रदूषण के चलते पहले इसका स्थान बदलने की संभावना जताई जा रही थी।
बीसीसीआई सूत्रों ने कहा कि हमने दिल्ली पलूशन कंट्रोल कमिटी से परमिशन ले ली है। उन्होंने कहा है कि तीन नवंबर को वातावरण साफ रहेगा इसलिए हमने उनकी सलाह के बाद मैच दिल्ली में कराने का फैसला किया है। अगर प्रदूषण की समस्या बढ़ गई तब क्या किया जाएगा, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल सब कुछ फिक्स है। मुझे नहीं लगता कि प्लान में कोई बदलाव होगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी उम्मीद जताई कि प्रदूषण का मैच पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए उनकी सरकार ने कई कदम उठाए हैं।
बीसीसीआई को प्रदूषण की स्थिति बताएगा डीडीसीए
भारत और बांग्लादेश के बीच तीन नवंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले टी-20 मुकाबले पर कहीं प्रदूषण रोड़ा न बन जाए। प्रदूषण की मार को लेकर दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिसके चलते डीडीसीए ने फैसला लिया है कि मंगलवार को उसकी ओर से बीसीसीआई को दिल्ली की प्रदूषण की स्थिति के बारे में बताया जाएगा। इसके बाद बोर्ड को जो भी फैसला लेना हो वह अपने स्तर पर ले। ऐसा कर डीडीसीए गेंद बोर्ड के पाले में डालने जा रहा है। दरअसल केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से भविष्यवाणी की गई है कि नवंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली में प्रदूषण बेहद खराब स्तर पर जा सकता है। इसके बाद से ही डीडीसीए की परेशानी बढ़ी है।
दिवाली के तुरंत बाद नहीं देना था मैच
डीडीसीए के एक पदाधिकारी का कहना है कि यह मैच बीसीसीआई ने उन्हें दिया है। उन्हें इसका ध्यान रखना चाहिए था कि दिल्ली में दिवाली के तुरंत बाद प्रदूषण बेहद खराब स्तर पर चला जाता है। इसमें डीडीसीए कुछ नहीं कर सकता है। डीडीसीए ने बीसीसीआई से मैच नहीं मांगा था। अगर मैच देना था तो सीरीज का अंतिम मैच दिया जा सकता था। हालांकि डीडीसीए को उम्मीद है कि मैच रद्द नहीं होगा और इसका आयोजन तय समय पर होगा। तैयारियां भी सारी पूरी हो चुकी हैं, लेकिन दो वर्ष पूर्व भारत और श्रीलंका के बीच कोटला में हुए टेस्ट मैच जैसी स्थितियां यहां न पैदा हों इसका डर डीडीसीए को सता रहा है।
प्रदूषण को कम करने के लिए डीडीसीए ने फायर विभाग से स्टेडियम के चारों ओर पेड़ों पर छिड़काव करने के लिए कहा है साथ ही खुद भी पानी के टैंकरों से छिड़काव कराने का फैसला लिया है।
75 लाख के टिकट बिके
दिक्कत यह है कि डीडीसीए की ओर से ऑन लाइन टिकटों की बिक्री शुरू कर दी गई है। पदाधिकारी के मुताबिक 75 लाख रुपये के टिकट बिक चुके हैं।
जब मास्क पहनकर खेले थे श्रीलंकाई खिलाड़ी
दिसंबर 2017 में श्रीलंका क्रिकेट टीम को इसी मैदान पर प्रदूषण के बढ़े हुए स्तर के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। तब इस मैदान को फिरोजशाट कोटला के नाम से जाना जाता था। श्रीलंका के खिलाड़ी प्रदूषण से बचाव करने वाले मास्क पहनकर भी उतरे थे लेकिन इसके बावजूद कुछ खिलाड़ी बीमार हो गए थे।