{"_id":"57a85d864f1c1bb561ee444f","slug":"cricket-south-africa-banned-four-cricketers-for-match-fixing","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका का बड़ा फैसला, पूर्व विकेटकीपर समेत चार पर लगाया बैन","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका का बड़ा फैसला, पूर्व विकेटकीपर समेत चार पर लगाया बैन
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 08 Aug 2016 09:55 PM IST
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- फोटो : getty
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दक्षिण अफ्रीका ने अपने चार क्रिकेटरों पर प्रतिबंध लगा दिया है। मैच फिक्सिंग के अपराध में दोषी पाए जाने के बाद यह फैसला लिया गया है। इन खिलाड़यियों के नाम जीन साइम्स, थामी सोलकीले, इथी भालाथी और पुमेरेला मत्शिक्वे हैं।
क्रिकेट साउथ अफ्रीका (सीएसए) ने अपनी प्रेस रीलीज में कहा है कि पूर्व राष्ट्रीय विकेटकीपर सोलकीले पर 12 साल का प्रतिबंध लगाया गया है। सोलकीने पर दक्षिण अफ्रीका की घरेलु क्रिकेट लीग रैम स्लैम टी-20 2015 में कई मैच फिक्स करने, पूरी जानकारी न देने और जांच में दिक्क्तें पैदा करने का आरोप है।
टाइटन्स के खिलाड़ी भालाथी और लायंस के लिए खेलने वाले मत्शिक्वे पर 10 साल के लिए बैन लगाया गया है। दोनों पर मैच फिक्सिंग के लिए पेमेंट लेने और अधूरी जानकारी देने का आरोप हैं।
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क्रिकेट साउथ अफ्रीका (सीएसए) ने अपनी प्रेस रीलीज में कहा है कि पूर्व राष्ट्रीय विकेटकीपर सोलकीले पर 12 साल का प्रतिबंध लगाया गया है। सोलकीने पर दक्षिण अफ्रीका की घरेलु क्रिकेट लीग रैम स्लैम टी-20 2015 में कई मैच फिक्स करने, पूरी जानकारी न देने और जांच में दिक्क्तें पैदा करने का आरोप है।
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टाइटन्स के खिलाड़ी भालाथी और लायंस के लिए खेलने वाले मत्शिक्वे पर 10 साल के लिए बैन लगाया गया है। दोनों पर मैच फिक्सिंग के लिए पेमेंट लेने और अधूरी जानकारी देने का आरोप हैं।
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कोई मैच फिक्स नहीं, फिर भी हुई सजा
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लांयस के ही ऑलराउंडर साइम्स पर 7 साल का बैन लगा है। साइम्स खिलाड़ियों के लिए बने नियमों के उल्लंघन के दोषी हैं।
यह बैन 1 अगस्त 2016 से लागू हैं और सभी दोषी खिलाड़ियों ने इसे स्वीकर कर लिया है। सीएसए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारुन लोगार्ट ने कहा है कि इस बात कोई सबूत नहीं है कि इन खिलाड़ियों ने सच में कोई मैच फिक्स किया है। मगर पैसे के लेन-देन और फिक्सिंग की हामी करने के कारण इन खिलाड़ियों को सजा मिली है।
सीएसए के रुख ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे अन्य खिलाड़ियो को एक सख्त संदेश मिलेगा।
यह बैन 1 अगस्त 2016 से लागू हैं और सभी दोषी खिलाड़ियों ने इसे स्वीकर कर लिया है। सीएसए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारुन लोगार्ट ने कहा है कि इस बात कोई सबूत नहीं है कि इन खिलाड़ियों ने सच में कोई मैच फिक्स किया है। मगर पैसे के लेन-देन और फिक्सिंग की हामी करने के कारण इन खिलाड़ियों को सजा मिली है।
सीएसए के रुख ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे अन्य खिलाड़ियो को एक सख्त संदेश मिलेगा।