निधन: नहीं रहे भारत को कई दिग्गज क्रिकेटर देने वाले कोच तारक सिन्हा, शोक में डूबा क्रिकेट जगत
क्रिकेट के मशूहर कोच तारक सिन्हा का निधन हो गया है। वह काफी दिनों से बीमार थे और उनका इलाज चल रहा था। तारक सिन्हा ने भारत को कई शानदार क्रिकेटर दिए जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
विस्तार
टीम इंडिया को कई स्टार क्रिकेटर देने वाले क्रिकेट कोच तारक सिन्हा का निधन हो गया। वह 71 साल के थे। तारक सिन्हा ने सुबह तीन बजे अंतिम सांस ली। वह काफी समय से बीमार थे और उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन के बाद क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके अचानक चलेत जाने पर कई क्रिकेटरों ने शोक व्यक्त किया है। तारक सिन्हा से क्रिकेट के गुर सीखने वाले कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई। तारक सिन्हा दिल्ली के सोनेट क्लब में अपनी क्रिकेट एकेडमी चलाते थे। उन्होंने भारत को 12 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर दिए। इसके अलावा उनके द्वारा प्रशिक्षित दर्जनों क्रिकेटर प्रथम श्रेणी क्रिेकेट खेले।
आकाश चोपड़ा ने जताया शोक
टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, उस्ताद जी नहीं रहे, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता, एक दर्जन से अधिक भारतीय टेस्ट क्रिकेटरों के कोच, बिना किसी संस्थागत मदद के भारतीय क्रिकेट लिए की गई सेवा के लिए आपको याद किया जाएगा सर।
Ustaad Ji is no more. Dronacharya Awardee. Coach to over a dozen India Test cricketers. And scores of first-class cricketers. Both men and women. Without any institutional help. Your service to Indian cricket will be remembered, sir. May your soul R.I.P.
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Om Shanti 🙌🙏 pic.twitter.com/fDmvdJC8vZ — Aakash Chopra (@cricketaakash) November 6, 2021
तारक सिन्हा द्वारा तरासे गए क्रिकेटरों में सुरिंदर खन्ना, रंधीर सिंह, रमन लांबा, मनोज प्रभाकर, अजय शर्मा, केपी भास्कर, अतुल वासन, आशीष नेहरा, संजीव शर्मा, आकाश चोपड़ा, शिखर धवन और ऋषभ पंत जैसे क्रिकेट शामिल रहे। जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में काफी सफल रहे। इसके अलावा वह महिला क्रिकेटर अंजुम चोपड़ा के भी कोच रहे।
द्रोणाचार्य अवॉर्ड से किए गए सम्मानित
तारक सिन्हा द्रोणाचार्य अवॉर्ड पाने वाले पांचवें क्रिकेट कोच थे। उनसे पहले यह पुरस्कार देश प्रेम आजाद, गुरचरण सिंह, रामाकांत आचरेकर और सुनीता शर्मा को मिल चुका था। तारक का शुमार देश के प्रतिष्ठित क्रिकेट कोचों में किया जाता था। उनका अचानक चले जाना क्रिकेट जगत की बड़ी क्षति है।