IND Inning
213/9 (18.5 ov)
Target: 248
Axar Patel 3(5)*
Arshdeep Singh 1 (1)
IND need 35 runs in 7 remaining balls
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बयान: कलर ब्लाइंड खिलाड़ियों को ठीक से नहीं दिखती है गुलाबी गेंद, ब्रैड हॉग ने बयां किया अपना दर्द
Thu, 30 Sep 2021 01:41 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Thu, 30 Sep 2021 01:41 PM IST
सार
ब्रैड हॉग ने कहा है कलर ब्लाइंड खिलाड़ियों को गुलाबी गेंद के साथ खेलने में परेशानी आती है। खासकर लाल रंग की सीटों से भरे स्टेडियम में गुलाबी गेंद को देखना काफी मुश्किल होता है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उन्हें गुलाबी गेंद के साथ खेलने में क्या परेशानी आती थी।
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कलर ब्लाइंड खिलाड़ियों को ठीक से नहीं दिखती है गुलाबी गेंद
- फोटो : Social Media
विस्तार
भारत की महिला क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया के साथ अपना पहला डे-नाइट टेस्ट खेल रही है। यह मैच गुलाबी गेंद से खेला जा रहा है और मैच के पहले ही दिन ऑस्ट्रेलिया की खिलाड़ियों ने कई कैच छोड़े हैं। ऐसे में गुलाबी गेंद को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ब्रैड हॉग ने कहा कि कलर ब्लाइंड (वर्णांध) खिलाड़ियों को गुलाबी गेंद से खेलने में परेशानी होती है। डे-नाइट टेस्ट में इस्तेमाल होने वाली गुलाबी गेंद का रंग मैदान में मौजूद लाल रंग की कुर्सियों से मेल खाता है, इस वजह से कलर ब्लाइंड खिलाड़ी ठीक तरीके से यह गेंद नहीं देख पाते हैं।
भारत और आस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे डे-नाइट टेस्ट मैच में भी कई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने कैच छोड़े हैं, जिसका फायदा भारतीय खिलाड़ियों को मिला और भारत की ओपनिंग जोड़ी ने रिकॉर्ड साझेदारी की। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 93 रन जोड़े, जो कि ऑस्ट्रेलिया में भारतीय महिला टीम के लिए सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी है। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी सदरलैंड ने एक आसान कैच छोड़ दिया, जिसके बाद कंमेंट्री कर रहे ब्रैड हॉग ने गुलाबी गेंद के न दिखाई देने को लेकर अपना अनुभव शेयर किया।
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भारत और आस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे डे-नाइट टेस्ट मैच में भी कई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने कैच छोड़े हैं, जिसका फायदा भारतीय खिलाड़ियों को मिला और भारत की ओपनिंग जोड़ी ने रिकॉर्ड साझेदारी की। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 93 रन जोड़े, जो कि ऑस्ट्रेलिया में भारतीय महिला टीम के लिए सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी है। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी सदरलैंड ने एक आसान कैच छोड़ दिया, जिसके बाद कंमेंट्री कर रहे ब्रैड हॉग ने गुलाबी गेंद के न दिखाई देने को लेकर अपना अनुभव शेयर किया।
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ब्रैड हॉग भी हैं कलर ब्लाइंड
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी ब्रैड हॉग भी कलर ब्लाइंड थे और उन्हें भी गुलाबी गेंद से खेलने में परेशानी होती थी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहले मैच में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के कैच छोड़ने के बाद ब्रैड हॉग ने इस बारे में बात की। अपना दर्द बयां करते हुए उन्होंने समझाया कि एक कलर ब्लाइंड खिलाड़ी के लिए गुलाबी गेंद देखना कितना मुश्किल होता होगा, जब स्टेडिम में लाल रंग की कुर्सियों का बैकग्राउंड होता है। इसके अलावा शाम के समय आसमान का रंग भी गुलाबी हो जाता है। खासकर ऑस्ट्रेलिया में ऐसा ज्यादा होता है। इस समय भी खिलाड़ियों को गुलाबी गेंद देखने में परेशानी होती है।
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ब्रैड हॉग के अलावा इयान बॉथम और मैथ्यू वेड भी हैं कलर ब्लाइंड
क्रिकेट के इतिहास में कई खिलाड़ियों ने कलर ब्लाइंड होने के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया है। इसमें सबसे पहला नाम इंग्लैंड के महान ऑलराउंडर इयान बॉथम का आता है। उनके अलावा ब्रैड हॉग, मैथ्यू वेड, क्रिस रॉजर्स और गैरी बैलेंस जैसे खिलाड़ी भी कलर ब्लाइंड रहे हैं। हालांकि सफेद और लाल गेंद से इनका प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन ब्रैड हॉग की बात पर गौर किया जाए तो गुलाबी गेंद से खेलने में इन खिलाड़ियों को भी परेशानी आती। ऐसे में बॉथम के लिए भी महान ऑलराउंड बन पाना काफी मुश्किल होता।
क्या है कलर ब्लाइंडनेस
कलर ब्लाइंड इंसान की आंखें सामान्य व्यक्ति से अलग होती हैं और उसे कुछ रंगों के बीच फर्क पहचानने में परेशानी आती है। आमतौर पर इन व्यक्तियों को हरे और लाल रंग के अलग-अलग वर्णों में फर्क पहचानने में समस्या आती है। इसके अलावा इन्हें कभी-कभी नीले रंग को भी समझने में समस्या आती है। ये लोग सामान्य रोशनी पर चीजें ठीक से देख पाते हैं, लेकिन कम रोशनी होने पर इन्हें कई चीजों को देखने में समस्या आती है।