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Champions Trophy: न्यूजीलैंड से रहना होगा सावधान, भारतीय गेंदबाजों पर रहेगी नजर, पाकिस्तान की बल्लेबाजी कमजोर
Wed, 19 Feb 2025 08:50 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 19 Feb 2025 08:50 AM IST
सार
- दो बार से फाइनल में पहुंची है भारतीय टीम, अब तक 29 में से जीते हैं 18 मैच।
- दावा है दमदार...भारत की निगाह तीसरे खिताब पर, 69.2 का है जीत प्रतिशत।
- 23 को होना है गत विजेता पाकिस्तान से महामुकाबला। दुबई में खेला जाएगा मैच।
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चैंपियंस ट्रॉफी 2025
- फोटो : Twitter
विस्तार
आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 को शुरू होने में अब बस दो दिन बचे हैं। इसके मुकाबले पाकिस्तान और दुबई में खेले जाएंगे। भारतीय टीम अपने सभी मुकाबले दुबई में खेलेगी। इस 50 ओवर के टूर्नामेंट में आठ टीमें भारत, पाकिस्तान, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, बांग्लादेश और अफगानिस्तान एक्शन में दिखेंगी। हम आपको ग्रुप-ए, जिसमें भारत, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और बांग्लादेश हैं, उसके स्क्वॉड और हालिया फॉर्म के आधार पर SWOT एनालिसिस करके बता रहे हैं...
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भारत
चैंपियंस ट्रॉफी 2025
- फोटो : Twitter
मजबूती: बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी के दम पर भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान के साथ चैंपियंस ट्रॉफी में प्रबल दावेदारों में से एक होगी। चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारत ने अपनी मेजबानी में इंग्लैंड को 3-0 से हराकर अपनी तैयारियों के संकेत दे दिए हैं। कप्तान रोहित शर्मा ने भी शतक लगाकर फॉर्म में वापसी के संकेत दिए हैं। विराट भी पुराने टच में दिखने लगे हैं। युवा बल्लेबाज शुभमन गिल बेहतरीन लय में हैं और मध्यक्रम को श्रेयस अय्यर मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
गेंदबाजी में भारत का स्पिन विभाग रवींद्र जडेजा, कुलदीप, अक्षर और वरुण की मौजूदगी से मजबूत नजर आता है। भारत के ग्रुप में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के अलावा बांग्लादेश और न्यूजीलैंड हैं। भारत दो बार ट्रॉफी जीत चुका है, पिछली बार चैंपियंस ट्रॉफी 2013 में इंग्लैंड में जीती थी जबकि 2002 में श्रीलंका के साथ संयुक्त विजेता था। पिछली दो बार से फाइनल में पहुंच रही भारतीय टीम का जीत प्रतिशत 69.2 है। उसने अब तक 29 में से 18 मैच जीते हैं।
कमजोरी: तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति निश्चित रूप से भारत को बड़ा नुकसान पहुंचाएगी। बुमराह हाल के दिनों में तीनों फॉर्मेंट्स में भारत के सबसे बड़े मैच विजेता के रूप में उभरे हैं। वह लगभग हर बार जब गेंदबाजी करते हैं तो एक विकेट की गारंटी देते हैं। बुमराह के नहीं होने से मोहम्मद शमी टीम के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज होंगे। शमी ने खुद चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की है। इसलिए उनके फॉर्म को लेकर हमेशा अनिश्चितता बनी रहेगी।
अवसर: वरुण चक्रवर्ती को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। मिस्ट्री स्पिनर ने इंग्लैंड के खिलाफ एक शानदार टी20 सीरीज खेली थी। यह टूर्नामेंट उनके लिए भारत की वनडे टीम में जगह बनाने का मौका हो सकता है।
खतरा: पिछले साल आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल को छोड़कर भारत हाल के वर्षों में आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में ही लड़खड़ा गया है। भारत को इतिहास से सावधान रहना चाहिए बशर्ते वे इस बार फाइनल के लिए क्वालिफाई करें।
गेंदबाजी में भारत का स्पिन विभाग रवींद्र जडेजा, कुलदीप, अक्षर और वरुण की मौजूदगी से मजबूत नजर आता है। भारत के ग्रुप में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के अलावा बांग्लादेश और न्यूजीलैंड हैं। भारत दो बार ट्रॉफी जीत चुका है, पिछली बार चैंपियंस ट्रॉफी 2013 में इंग्लैंड में जीती थी जबकि 2002 में श्रीलंका के साथ संयुक्त विजेता था। पिछली दो बार से फाइनल में पहुंच रही भारतीय टीम का जीत प्रतिशत 69.2 है। उसने अब तक 29 में से 18 मैच जीते हैं।
कमजोरी: तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति निश्चित रूप से भारत को बड़ा नुकसान पहुंचाएगी। बुमराह हाल के दिनों में तीनों फॉर्मेंट्स में भारत के सबसे बड़े मैच विजेता के रूप में उभरे हैं। वह लगभग हर बार जब गेंदबाजी करते हैं तो एक विकेट की गारंटी देते हैं। बुमराह के नहीं होने से मोहम्मद शमी टीम के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज होंगे। शमी ने खुद चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की है। इसलिए उनके फॉर्म को लेकर हमेशा अनिश्चितता बनी रहेगी।
अवसर: वरुण चक्रवर्ती को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। मिस्ट्री स्पिनर ने इंग्लैंड के खिलाफ एक शानदार टी20 सीरीज खेली थी। यह टूर्नामेंट उनके लिए भारत की वनडे टीम में जगह बनाने का मौका हो सकता है।
खतरा: पिछले साल आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल को छोड़कर भारत हाल के वर्षों में आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में ही लड़खड़ा गया है। भारत को इतिहास से सावधान रहना चाहिए बशर्ते वे इस बार फाइनल के लिए क्वालिफाई करें।
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पाकिस्तान
चैंपियंस ट्रॉफी 2025
- फोटो : Twitter
मजबूती: मेजबान टीम के पास विध्वंसक खिलाड़ी हैं जो अपना दिन होने पर खतरनाक साबित हो सकते हैं। फखर जमां ने 2017 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत को परेशान किया था। वह बाबर आजम से ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। कप्तान मोहम्मद रिजवान और फिनिशर सलमान अली आगा शानदार फाॅर्म में हैं। अपने घर में खेलने का पाकिस्तान को फायदा मिलेगा। उनके पास अच्छा तेज आक्रमण है, लेकिन कराची और रावलविंडी की पिचों से मदद मिलना जरूरी है ताकि शाहीन शाह आफरीदी, नसीम शाह और हारिस रऊफ कमाल दिखा सकें।
कमजोरी: सैम अयूब की असामयिक चोट ने पाकिस्तान को ओपनिंग में कमजोर किया है। साथ ही बाबर के फॉर्म के बारे में भी टीम मैनेजमेंट को चिंताएं होंगी। यहां तक कि न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका की मौजूदगी वाली त्रिकोणीय सीरीज में भी बाबर (10, 23 और 29) कुछ खास नहीं कर पाए थे। कामरान गुलाम, खुशदिल शाह और तैयब ताहिर को मौका मिलने पर उसे भुनाना होगा। खुशदिल और फहीम अशरफ इस टीम की कमजोर कड़ी हैं। घर पर पाटा पिच पर बल्लेबाज पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों की धुनाई कर सकते हैं।
अवसर: घर पर खेलना निश्चित रूप से पाकिस्तान के लिए एक फायदा है। उनके पास एक शक्तिशाली पेस बॉलिंग अटैक है, लेकिन शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह और हैरिस रऊफ की तिकड़ी के लिए कराची और रावलपिंडी में बैटिंग पिचों पर बहुत अच्छा प्रदर्शन करना होगा। मध्य क्रम में सलमान आगा का फॉर्म में आना एक बड़ा प्लस है और वह बीच के ओवरों मेंऑफ-ब्रेक गेंदबाजी भी कर सकते हैं। सलमान आगा टूर्नामेंट में जाने वाले पाकिस्तान के 'एक्स फैक्टर' होंगे।
खतरा: अबरार अहमद के रूप में सिर्फ एक विशेषज्ञ स्पिनर का होना जोखिम भरी चाल है। एकमात्र अन्य खिलाड़ी जो स्पिन कर सकते हैं, वह सलमान हैं, लेकिन वह एक बल्लेबाज हैं, जो गेंदबाजी कर सकता है। ऑलराउंडर फहीम अशरफ का बल्लेबाजी औसत या गेंदबाजी इकॉनमी रेट आत्मविश्वास नहीं दिलाता है। त्रिकोणीय सीरीज में शाहीन और नसीम दोनों रन लुटा चुके हैं।
कमजोरी: सैम अयूब की असामयिक चोट ने पाकिस्तान को ओपनिंग में कमजोर किया है। साथ ही बाबर के फॉर्म के बारे में भी टीम मैनेजमेंट को चिंताएं होंगी। यहां तक कि न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका की मौजूदगी वाली त्रिकोणीय सीरीज में भी बाबर (10, 23 और 29) कुछ खास नहीं कर पाए थे। कामरान गुलाम, खुशदिल शाह और तैयब ताहिर को मौका मिलने पर उसे भुनाना होगा। खुशदिल और फहीम अशरफ इस टीम की कमजोर कड़ी हैं। घर पर पाटा पिच पर बल्लेबाज पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों की धुनाई कर सकते हैं।
अवसर: घर पर खेलना निश्चित रूप से पाकिस्तान के लिए एक फायदा है। उनके पास एक शक्तिशाली पेस बॉलिंग अटैक है, लेकिन शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह और हैरिस रऊफ की तिकड़ी के लिए कराची और रावलपिंडी में बैटिंग पिचों पर बहुत अच्छा प्रदर्शन करना होगा। मध्य क्रम में सलमान आगा का फॉर्म में आना एक बड़ा प्लस है और वह बीच के ओवरों मेंऑफ-ब्रेक गेंदबाजी भी कर सकते हैं। सलमान आगा टूर्नामेंट में जाने वाले पाकिस्तान के 'एक्स फैक्टर' होंगे।
खतरा: अबरार अहमद के रूप में सिर्फ एक विशेषज्ञ स्पिनर का होना जोखिम भरी चाल है। एकमात्र अन्य खिलाड़ी जो स्पिन कर सकते हैं, वह सलमान हैं, लेकिन वह एक बल्लेबाज हैं, जो गेंदबाजी कर सकता है। ऑलराउंडर फहीम अशरफ का बल्लेबाजी औसत या गेंदबाजी इकॉनमी रेट आत्मविश्वास नहीं दिलाता है। त्रिकोणीय सीरीज में शाहीन और नसीम दोनों रन लुटा चुके हैं।
न्यूजीलैंड
चैंपियंस ट्रॉफी 2025
- फोटो : Twitter
मजबूती: न्यूजीलैंड टीम के पास डेवोन कॉन्वे और लाथम के रूप में उनके पास दो भरोसेमंद बल्लेबाज हैं। केन विलियमसन भी सूत्रधार की भूमिका निभा सकते हैं। मध्यक्रम में डेरिल मिचेल और फिलिप्स मैच विजेता हैं। त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में उन्होंने पाकिस्तान को हराया है। न्यूजीलैंड शीर्ष चार का प्रबल दावेदार है। उसके पास सेंटनर के रूप में अच्छा कप्तान है। बहुत सारे खिलाड़ियों के पास अलग अलग लीग के जरिये उप-महाद्वीप में सफेद गेंद क्रिकेट खेलने का पर्याप्त अनुभव है।
कमजोरी: लंबे समय के बाद न्यूजीलैंड टिम साउदी और ट्रेंट बोल्ट के बिना किसी आईसीसी इवेंट में खेलता दिखेगा। यहां तक कि लोकी फर्ग्यूसन के खेलने की संभावना बहुत कम है और तेज गेंदबाजी विभाग थोड़ा कम अनुभवी दिखता है। उप-महाद्वीपीय और दुबई की पिचों पर गेंदबाजी करने का कौशल सेना देशों से अलग हो सकता है।
अवसर: न्यूजीलैंड हमेशा शीर्ष चार में रहने का दावेदार रहा है और इस बार भी इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। मिचेल सेंटनर के रूप में उनके पास स्थिर कप्तान है जो अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और ग्लेन फिलिप्स और डेरिल मिचेल की मौजूदगी में वे बीच के ओवरों में खेल को नियंत्रित कर सकते हैं जिससे टूर्नामेंट का नतीजा तय होगा।
खतरा: यह पता लगाना दिलचस्प होगा कि न्यूजीलैंड बीच के ओवरों के दौरान विपक्षी स्पिनरों को कैसे खेलता है। भारत में टेस्ट मैचों में विल यंग ने स्पिनरों को अच्छे तरीके से खेला था। पाकिस्तान और यूएई में परिस्थितियां काफी सपाट होंगी, लेकिन भारतीय स्पिन तिकड़ी या बांग्लादेश के रिशाद और पाकिस्तान के अबरार के खिलाफ खेलने के लिए वनडे मैचों में विशेष कौशल की आवश्यकता होगी।
कमजोरी: लंबे समय के बाद न्यूजीलैंड टिम साउदी और ट्रेंट बोल्ट के बिना किसी आईसीसी इवेंट में खेलता दिखेगा। यहां तक कि लोकी फर्ग्यूसन के खेलने की संभावना बहुत कम है और तेज गेंदबाजी विभाग थोड़ा कम अनुभवी दिखता है। उप-महाद्वीपीय और दुबई की पिचों पर गेंदबाजी करने का कौशल सेना देशों से अलग हो सकता है।
अवसर: न्यूजीलैंड हमेशा शीर्ष चार में रहने का दावेदार रहा है और इस बार भी इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। मिचेल सेंटनर के रूप में उनके पास स्थिर कप्तान है जो अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और ग्लेन फिलिप्स और डेरिल मिचेल की मौजूदगी में वे बीच के ओवरों में खेल को नियंत्रित कर सकते हैं जिससे टूर्नामेंट का नतीजा तय होगा।
खतरा: यह पता लगाना दिलचस्प होगा कि न्यूजीलैंड बीच के ओवरों के दौरान विपक्षी स्पिनरों को कैसे खेलता है। भारत में टेस्ट मैचों में विल यंग ने स्पिनरों को अच्छे तरीके से खेला था। पाकिस्तान और यूएई में परिस्थितियां काफी सपाट होंगी, लेकिन भारतीय स्पिन तिकड़ी या बांग्लादेश के रिशाद और पाकिस्तान के अबरार के खिलाफ खेलने के लिए वनडे मैचों में विशेष कौशल की आवश्यकता होगी।
बांग्लादेश
चैंपियंस ट्रॉफी
- फोटो : Twitter
मजबूती: वनडे प्रारूप में बांग्लादेश मजबूत है। वे एशिया कप फाइनल खेल चुके हैं और 2015 विश्व कप क्वार्टर फाइनल में भी पहुंचे थे। महमूदुल्लाह और मुशफिकुर रहीम जैसे सीनियर खिलाड़ियों के रहते उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। उनकी सबसे बड़ी ताकत सौम्य सरकार, तंजीम हसन साकिब, उपकप्तान मेहदी हसन मिराज जैसे उपयोगी खिलाड़ियों का टीम में होना है।
कमजोरी: कप्तान नजमुल हसन शांतो अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हैं। अच्छी टीम के खिलाफ निरंतरता हमेशा बांग्लादेश का अभिशाप रही है। लिटन दास जैसा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण चैंपियंस ट्रॉफी की टीम में जगह नहीं बना पाए। लिटन में मैच पलटने की क्षमता है। शाकिब अल हसन भी टीम में नहीं हैं और उनकी अनुभव की कमी जरूर खलेगी। शाकिब संदिग्ध एक्शन के कारण गेंदबाजी से निलंबित होने के बाद, सिर्फ अपनी बल्लेबाजी के दम पर ही जगह बना सकते थे, लेकिन यह भी नहीं हो पाया।
अवसर: भारत के खिलाफ दुबई में अगर पिच धीमी होती है तो बांग्लादेश के स्पिनर मेहदी और लेग ब्रेक गेंदबाज रिशाद हुसैन उपयोगी साबित हो सकते हैं। मुस्तफिजुर रहमान को नहीं भूलना चाहिए, जिनके पास बल्लेबाजों को परेशान करने के लिए पर्याप्त विविधताएं हैं।
खतरा: बांग्लादेश ने अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पिछले छह वनडे मैचों में से पांच गंवाए हैं। बांग्लादेश के खिलाड़ी बीपीएल खेलने के बाद चैंपियंस ट्रॉफी में आ रहे हैं, जिसे दुनिया भर में सभी टी20 लीगों में दोयम दर्जे का कहा जा सकता है। टी20 से वनडे प्रारूप में ढलने में भी समय लग सकता है।
कमजोरी: कप्तान नजमुल हसन शांतो अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हैं। अच्छी टीम के खिलाफ निरंतरता हमेशा बांग्लादेश का अभिशाप रही है। लिटन दास जैसा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण चैंपियंस ट्रॉफी की टीम में जगह नहीं बना पाए। लिटन में मैच पलटने की क्षमता है। शाकिब अल हसन भी टीम में नहीं हैं और उनकी अनुभव की कमी जरूर खलेगी। शाकिब संदिग्ध एक्शन के कारण गेंदबाजी से निलंबित होने के बाद, सिर्फ अपनी बल्लेबाजी के दम पर ही जगह बना सकते थे, लेकिन यह भी नहीं हो पाया।
अवसर: भारत के खिलाफ दुबई में अगर पिच धीमी होती है तो बांग्लादेश के स्पिनर मेहदी और लेग ब्रेक गेंदबाज रिशाद हुसैन उपयोगी साबित हो सकते हैं। मुस्तफिजुर रहमान को नहीं भूलना चाहिए, जिनके पास बल्लेबाजों को परेशान करने के लिए पर्याप्त विविधताएं हैं।
खतरा: बांग्लादेश ने अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पिछले छह वनडे मैचों में से पांच गंवाए हैं। बांग्लादेश के खिलाड़ी बीपीएल खेलने के बाद चैंपियंस ट्रॉफी में आ रहे हैं, जिसे दुनिया भर में सभी टी20 लीगों में दोयम दर्जे का कहा जा सकता है। टी20 से वनडे प्रारूप में ढलने में भी समय लग सकता है।