{"_id":"11feb972a0909d3ce2655d8cc0b119c1","slug":"can-team-india-survive-in-test-series","type":"story","status":"publish","title_hn":"टेस्ट में क्या होगा टीम इंडिया का ?","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
टेस्ट में क्या होगा टीम इंडिया का ?
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 13 Dec 2013 01:27 PM IST
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इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर जब टीम इंडिया को लगातार आठ टेस्ट मैचों में शिकस्त मिली तो टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण की त्रिमूर्ति के करियर पर संकट मंडराने लगा।
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क्रिकेट पंडित टीम में युवा खिलाड़ियों को शामिल करने की मांग करने लगे। सीनियरों पर दबाव बड़ा और नतीजतन डेढ़ साल के अंदर तीनों सीनियर खिलाड़ियों ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
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टीम में ज्यादातर युवा खिलाड़ी
अब टीम इंडिया की बागडोर युवा खिलाड़ियों के हाथों में थी। शिखर धवन, रोहित शर्मा और विराट कोहली को पुरानी त्रिमूर्ति का विकल्प मान लिया गया और घरेलू मैदानों में इन तीनों ने धमाकेदार पारियां भी खेली। लेकिन जब यह युवा त्रिमूर्ति असल परीक्षा देने दक्षिण अफ्रीका पहुंची तो नतीजा वही पुराना रहा।
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घर में गरजने वाले ये तीनों शेर दक्षिण अफ्रीका की तेज और उछाल लेती पिचों पर फ्लॉप साबित हुए। परिणाम यह रहा कि तीन वनडे मैचों की सीरीज में विश्व चैंपियन टीम को 0-2 से करारी हार का सामना करना पड़ा। पहले वनडे में टीम इंडिया को 141 और दूसरे वनडे में 134 रन की बड़ी हार झेलनी पड़ी।
गनीमत रही कि तीसरा वनडे बारिश से धुल गया नहीं तो टीम इंडिया का सीरीज में क्लीन स्वीप होना तय था। एक तरफ जहां दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने तीनों वनडे में 300 से ज्यादा का स्कोर बनाया, वहीं भारतीय टीम अपने कोटे के पूरे ओवर भी नहीं खेल सकी थी।
अब तेज गेंदबाजी के आगे हुए फेल
मेजबान टीम के तेज गेंदबाज डेन स्टेन, मोर्ने मोर्कल, रेयान मैक्लॉरेन, लोनवाबो सोतसोबे ने अपनी रफ्तार और उछाल से भारतीय बल्लेबाजों के दिलों में दहशत पैदा कर दी।
रोहित शर्मा दो मैचों में 37, शिखर धवन 13 और विराट कोहली 31 रन ही बना सके। सुरेश रैना भी दो मैचों में सिर्फ 50 रन बना सके जबकि युवराज एक मैच खेले और खाता नहीं खोल सके।
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अजिंक्य रहाणे भी एक मैच में मौके का फायदा नहीं उठा सके और उन्होंने सिर्फ आठ रन बनाए। सिर्फ कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (84) कुछ देर विकेट पर टिक सके और उन्होंने भारतीय टीम की ओर से एकमात्र पचासा जड़ा।
अब सवाल यह उठता है कि जब ये धुरंधर वनडे में पचास ओवर भी पूरे नहीं खेल सके तो 18 दिसंबर से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में क्या दमखम दिखाएंगे। दक्षिण अफ्रीका में भारतीय टेस्ट टीम का रिकॉर्ड भी बेहद खराब है और टीम 15 टेस्ट में से सिर्फ दो जीती है जबकि सात हारी है।
'टेस्ट में अलग होगा गेम'
वनडे में वर्ल्ड नंबर वन टीम को वनडे सीरीज में 2-0 से हराने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम को कप्तान एबी डीविलियर्स का मानना है कि टेस्ट सीरीज में दोनों टीमों के बीच अलग मुकाबला देखने को मिलेगा।
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डीविलियर्स ने कहा, "हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं और हम अपनी लय को बनाए रखना चाहते हैं। यह सीरीज जीतना काफी अहम था क्योंकि हम दुनिया की नंबर वन टीम के खिलाफ खेले। मुझे उम्मीद है कि जैसी आक्रामकता हमने वनडे सीरीज में दिखाई, वैसी ही हम टेस्ट सीरीज में भी दिखाएंगे। हालांकि यह अलग तरह का गेम होगा क्योंकि यहां आप लाल बॉल के साथ ज्यादा रिस्क उठा सकते हैं। हमें अपनी तकनीक मजबूत करके तैयार रहना है।"