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अनुबंध था ही नहीं, फिर कैसे लगाया बैन?: PSL-नकवी की बड़ी फजीहत, मुजरबानी विवाद से उनकी टी20 लीग पर फिर लगा दाग
Sun, 19 Apr 2026 04:03 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Sun, 19 Apr 2026 04:03 PM IST
सार
ब्लेसिंग मुजरबानी की पीआर एजेंसी ने साफ कहा है कि बिना अनुबंध के प्रतिबंध लगाना पूरी तरह गलत है, जिससे पीएसएल की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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ब्लेसिंग मुजरबानी
- फोटो : PTI
विस्तार
पाकिस्तान सुपर लीग एक बार फिर विवादों में है। जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी पर लगाए गए दो साल के प्रतिबंध को लेकर नया मोड़ आ गया है। खिलाड़ी की पीआर एजेंसी ने साफ कहा है कि बिना अनुबंध के प्रतिबंध लगाना पूरी तरह गलत है, जिससे लीग की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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अनुबंध ही नहीं, तो उल्लंघन कैसा?
मुजरबानी की एजेंसी ने बयान जारी कर पीएसएल के फैसले को चुनौती दी है। उनके मुताबिक, इस्लामाबाद यूनाइटेड के साथ सिर्फ बातचीत हुई थी, लेकिन कोई आधिकारिक अनुबंध साइन नहीं हुआ। ऐसे में अनुबंध उल्लंघन का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। एजेंसी ने इसे बेहद ज्यादा और गलत सजा बताया।
एनओसी और कागजी प्रक्रिया में पीएसएल की बड़ी चूक
एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी विदेशी लीग में खेलने के लिए एनओसी जरूरी होता है, जो तभी मिलता है जब वैध कॉन्ट्रैक्ट मौजूद हो। चूंकि मुजरबानी को ऐसा कोई साइन किया हुआ कॉन्ट्रैक्ट मिला ही नहीं, इसलिए पूरी प्रक्रिया अधूरी थी। इस लापरवाही ने पीएसएल के प्रशासनिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुजरबानी की एजेंसी ने बयान जारी कर पीएसएल के फैसले को चुनौती दी है। उनके मुताबिक, इस्लामाबाद यूनाइटेड के साथ सिर्फ बातचीत हुई थी, लेकिन कोई आधिकारिक अनुबंध साइन नहीं हुआ। ऐसे में अनुबंध उल्लंघन का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। एजेंसी ने इसे बेहद ज्यादा और गलत सजा बताया।
एनओसी और कागजी प्रक्रिया में पीएसएल की बड़ी चूक
एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी विदेशी लीग में खेलने के लिए एनओसी जरूरी होता है, जो तभी मिलता है जब वैध कॉन्ट्रैक्ट मौजूद हो। चूंकि मुजरबानी को ऐसा कोई साइन किया हुआ कॉन्ट्रैक्ट मिला ही नहीं, इसलिए पूरी प्रक्रिया अधूरी थी। इस लापरवाही ने पीएसएल के प्रशासनिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
All we have to say on the matter.#psl #cricket #truth #ipl pic.twitter.com/zuV07gz5ET
— WSX Cricket (@WSXcricket) April 19, 2026
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आईपीएल में मौका मिला, केकेआर से जुड़ते ही बदली कहानी
इसी बीच आईपीएल की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें मुस्तफिजुर रहमान के रिप्लेसमेंट के तौर पर साइन कर लिया। चूंकि कोई बाध्यकारी समझौता नहीं था, इसलिए मुजरबानी ने आईपीएल का ऑफर स्वीकार कर लिया और यहीं से पूरा विवाद खड़ा हो गया।
इसी बीच आईपीएल की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें मुस्तफिजुर रहमान के रिप्लेसमेंट के तौर पर साइन कर लिया। चूंकि कोई बाध्यकारी समझौता नहीं था, इसलिए मुजरबानी ने आईपीएल का ऑफर स्वीकार कर लिया और यहीं से पूरा विवाद खड़ा हो गया।
मैदान पर जवाब, चार विकेट लेकर दिखाया दम
ऑफ-फील्ड विवाद के बीच मुजरबानी ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया। डेब्यू मैच में भले ही विकेट नहीं मिला, लेकिन अगले मुकाबले में चार विकेट लेकर उन्होंने अपनी काबिलियत साबित कर दी। इससे साफ है कि वह केकेआर के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।
पीएसएल से बैन हटाने की मांग, गलती सुधारो की अपील
एजेंसी ने पीएसएल से अपील की है कि वह इस फैसले को सम्मानजनक तरीके से वापस ले” और अपनी गलती स्वीकार करे। इस पूरे मामले ने एक बार फिर दिखा दिया कि बिना ठोस आधार के लिए गए फैसले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लीग की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
ऑफ-फील्ड विवाद के बीच मुजरबानी ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया। डेब्यू मैच में भले ही विकेट नहीं मिला, लेकिन अगले मुकाबले में चार विकेट लेकर उन्होंने अपनी काबिलियत साबित कर दी। इससे साफ है कि वह केकेआर के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।
पीएसएल से बैन हटाने की मांग, गलती सुधारो की अपील
एजेंसी ने पीएसएल से अपील की है कि वह इस फैसले को सम्मानजनक तरीके से वापस ले” और अपनी गलती स्वीकार करे। इस पूरे मामले ने एक बार फिर दिखा दिया कि बिना ठोस आधार के लिए गए फैसले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लीग की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।