ऑस्ट्रेलिया से हार के बाद महिला क्रिकेट पर बोर्ड में मंथन, रिजर्व बैंच की मजबूती पर जोर
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला क्रिकेट टीम की करारी हार के बाद मंथन शुरू कर दिया है। फोकस महिला क्रिकेटरों के पूल को मजबूत करने पर है। घरेलू ढांचे की मजबूती और ए टीम के टूर तय होने के बाद चयनकर्ताओं को तेज गेंदबाजों, स्पिनरों और विकेटकीपरों के लिए नेशनल क्रिकेट अकादमी में इस महीने एक कैंप लगाने को कहा गया है। अनुभवी बल्लेबाज मिताली राज और तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी अब ज्यादा लंबे समय तक टीम के साथ नहीं जुड़ी रह सकेंगी।
बोर्ड का मानना है कि यही समय है कि उन्हें अभी से रिजर्व बैंच को मजबूत करने पर जुट जाना चाहिए। भारतीय तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फिट न होने के कारण टीम का हिस्सा नहीं थीं और भारतीय टीम को सीरीज में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा।
बोर्ड की महिला क्रिकेट समिति में प्रशासकों की समिति (सीओए) सदस्य डायना एडुल्जी, मिताली राज (वन-डे कप्तान), हरमनप्रीत कौर (टी-20 कप्तान), हेमलता काला (चयन समिति प्रमुख) और प्रोफेसर रत्नाकर शेट्टी (संयोजक) शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार पर मंथन के लिए 28 मार्च को समिति की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में आगामी कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श होगा। पिछले वर्ष इंग्लैंड में हुए विश्व कप में भारतीय टीम के फाइनल प्रवेश के बाद महिला क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ी है।
वर्षों की उपेक्षा की बाद अब महिला क्रिकेेटरों को पैसा और शोहरत भी मिलने लगी है। एडुल्जी ने कहा कि अब महिला क्रिकेटरों के पास पहले से ज्यादा सुविधाएं हैं। अब उन्हें निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है। अब ऐसा भी नहीं है कि भारतीय टीम को लगातार अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं मिलते क्योंकि अब ज्यादातर टीमें उपमहाद्वीप की टीमों के साथ वनडे विश्व कप के अलावा भी खेलना चाहती हैं। भारतीय टीम को अब इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ त्रिकोणीय टी-20 सीरीज में हिस्सा लेना है जोकि बृहस्पतिवार से मुंबई में शुरू हो रही है।
पूर्वोत्तर में होगी प्रतिभाओं की तलाश
भारतीय टीम में हरमनप्रीत और ओपनर स्मृति मंधाना जैसी प्रतिभावान बल्लेबाज हैं लेकिन उनके प्रदर्शन में और निरंतरता की उम्मीद की जाती है। बीसीसीआई की निगाहें पूर्वोत्तर सहित पूरे देश से प्रतिभाओं की तलाश पर है। पूर्व कप्तान और सीओए सदस्य एडुल्जी का कहना है कि हाल ही में अंडर-16 क्रिकेट को शामिल करना अच्छा कदम है लेकिन उसके लिए हमें थोड़ा इंतजार करना होगा।
हमें अभी उपलब्ध प्रतिभाओं को सामने लाने की जरूरत है इसके लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाना होगा। पूर्वोत्तर से प्रतिभाओं को और आगे लाने की जरूरत है। निश्चित रूप से हमें और उच्च स्तरीय तेज गेंदबाज और स्पिनरों की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज से यह झलका। उन्होंने हमारे स्पिनरों को बड़ी सहजता से खेला जबकि हमें उनके स्पिनरों के आगे दिक्कतें हुईं। हमें बल्लेबाजी में भी और गहराई की जरूरत है।