कमाल और श्रीनि का झगड़ा, क्रिकेट रिश्तों पर दरार!
क्रिकेट जगत के दो बड़े अधिकारियों के बीच झगड़े का असर इन दो देशों के बीच क्रिकेट संबंधों पर पड़ने का खतरा मंडरा रहा है।
यहां बात हो रही है भारत और बांग्लादेश के अधिकारियों के बीच झगड़ा और बीच में खटास पड़ने वाले क्रिकेटा संबंधों को लेकर। बीसीसीआई जून में होने वाले बांग्लादेश दौरे के भविष्य को लेकर एक हफ्ते के अंदर आपात बैठक बुला सकती है।
ऐसा सब कुछ बांग्लादेश के मुस्तफा कमाल ने आईसीसी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के दौरान आईसीसी के चेयरमैन एन श्रीनिवासन के बारे में अपशब्द बोला और उन्हें इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था। सारा विवाद वर्ल्ड कप विजेता को ट्रॉफी देने के विवाद के बाद खुलकर सामने आ गया।
भारत और बांग्लादेश पड़ोसी मुल्क हैं और दोनों के बीच अब तक के रिश्ते अच्छे रहे हैं लेकिन इस हालिया विवाद गंभीर रूप लेता जा रहा है। अगर दौरा रद्द होने की कगार पर पहुंचता है तो न सिर्फ क्रिकेट रिश्तों पर दरार पड़ेगा बल्कि नरेंद्र मोदी की पड़ोसी देशों के साथ बेहतर रिश्ते बनाने के अभियान पर असर डाल सकता है।
श्रीनिवासन का खेमा भारत का दौरा रद्द करवाने पर अड़ा
बांग्लादेश की एक वेबसाइट ने बीसीसीआई के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है कि मुस्तफा कमाल के श्रीनिवासन के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करने के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड आगे की स्थिति पर विचार करने जा रहा है।
कमाल ने बुधवार को यह कहते हुए आईसीसी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था कि उन्हें 29 मार्च को वर्ल्ड चैंपियन बनी ऑस्ट्रेलियाई टीम को ट्रॉफी सौंपने का मौका नहीं दिया गया जो वैश्विक स्तर की संस्था के लिए लज्जाजनक अपराध है।
श्रीनिवासन पर भारत में केस चल रहा है। उन पर सुप्रीम कोर्ट ने बतौर बीसीसीआई अध्यक्ष और आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के सहमालिक के रूप में काम करने को 'कनफिल्किट ऑफ इंटरेस्ट' माना है।
श्रीनिवासन और कमाल विवाद पर बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। पूरे प्रकरण पर श्रीनिवासन के समर्थक एक आपात बैठक बुलाना चाह रहे हैं। सूत्र के अनुसार, वे लोग बीसीसीआई पर इस बात का दबाव बनाना चाह रहे है कि भारत जून में बांग्लादेश का दौरा रद्द कर दे क्योंकि श्रीनिवासन आईसीसी में बीसीसीआई के प्रतिनिधि के रूप में है और कमाल का उनके खिलाफ बोलना कोई व्यक्तिगत मामला नही है बल्कि यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है।
हालांकि श्रीनि के खेमे के विपरीत लोगों का मानना है कि दौरे को रद्द करना नादानी समझी जाएगी। बीसीसीआई अगर इस बांग्लादेश के दौरे को रद्द कर देती है तो कमाल निश्चित तौर पर अपनी सरकार को इस मामले को दिल्ली लाने को कहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार इस दौरे को रोक देती है तो द्वीपक्षीय रिश्तों पर असर पड़ सकता है।
कमाल ने पहले ही साफ कर दिया है कि उनका झगड़ा श्रीनिवासन के साथ है बीसीसीआई के साथ नहीं। मोदी सरकार में कई नेता बीसीसीआई से जुड़े हैं लेकिन वे श्रीनिवासन कैंप के नहीं हैं।