यूएई में होने जा रहे आईपीएल के 13वें संस्करण में VIVO टाइटल स्पॉन्सर नहीं होगा, इसकी आधिकारिक घोषणा 6 अगस्त को हो गई, हालांकि यह एलान महज औपचारिक ही था क्योंकि बीते कई दिन से आईपीएल और चीनी कंपनी के अलगाव की खबर मीडिया में आ चुकी थी। अब बीसीसीआई नए स्पॉन्सर्स के लिए बोलियां आमंत्रित करने की तैयारियां शुरू कर चुका है।
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आईपीएल 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, आईपीएल के मुख्य प्रायोजक से चीनी कंपनी वीवो के हटने को राष्ट्रभक्ति से भले जोड़कर देखा जा रहा हो, लेकिन इसके अंदर की कहानी बाजार से जुड़ी नजर आ रही है। बीसीसीआई इससे भली-भांति परिचित था। मगर बोर्ड इतने अहम मौके पर 440 करोड़ रुपये का मोटा प्रायोजक खोना नहीं चाहता था। बोर्ड को उम्मीद थी कि चीनी कंपनी मान जाएगी, लेकिन इससे पहले ही वीवो के हटने की बात बाहर निकल आई।
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यूएई में आईपीएल
- फोटो : मुंबई इंडियंस ट्विटर हैंडल
2 अगस्त को आयोजित आईपीएल संचालन परिषद की बैठक से पहले ही वीवो के इस साल आईपीएल से नहीं जुड़ने की मंशा के बारे में बीसीसीआई के कुछ आला अधिकारियों को पता था। अनुबंध में इससे बाहर निकलने का भी प्रावधान है, लेकिन यह सिर्फ बोर्ड और वीवो को ही मालूम था।
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IPL 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
सूत्र बताते हैं कि देश में चीन विरोधी माहौल और खराब होते बाजार के हालात के मद्देनजर ही वीवो ने बोर्ड अधिकारियों के समक्ष राशि को कम करने या फिर एक साल के लिए हटने की इच्छा जताई थी। आईपीएल के प्रायोजकों में कुछ अन्य कंपनियां ऐसी हैं जिनमें चीन की हिस्सेदारी है। उनसे दूर रहने की बात अब तक सामने नहीं आई है। अब बोर्ड नया प्रायोजक ढूंढने में जुट गया है। हालांकि उसकी सबसे बड़ी चिंता अब तक लीग के लिए गृह और विदेश मंत्रालय की मंजूरी सरकार से नहीं मिलना है।