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Bajrang Punia: कांस्य पदक जीतने वाले बजरंग बोले- घाव तो चार दिन में भर जाता पर विश्व चैंपियनशिप साल बाद मिलती
Fri, 23 Sep 2022 09:09 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Fri, 23 Sep 2022 09:09 AM IST
सार
विश्व चैंपियनशिप में मैच के दौरान चोटिल होने पर बजरंग को डर था कि उनके सिर से खून निकलता देख डॉक्टर उन्हें खेलने से मना न कर दे। ऐसे में उन्होंने फिजियो से पट्टी करवाई और कांस्य पदक भी अपने नाम किया।
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बजरंग पूनिया
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बजरंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती लड़ते 10 साल से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन इस दौरान उनके कॅरिअर में एक भी ऐसा मौका नहीं आया जब वह टूर्नामेंट के बीच में बुरी तरह चोटिल हो गए हों और उनके सिर से रिस रहा खून बंद होने का नाम नहीं ले रहा हो। बजरंग ने भी हौसला नहीं छोड़ा। फीजियो आनंद से कहा कि बस ऐसी पट्टी कर दो कि डॉक्टर को खून रिसने का अहसास न हो। फीजियो ने भी ऐसा ही किया और बजरंग विश्व चैंपियनशिप में चौथे पदक की लड़ाई के लिए मैट में कूद पड़े। जहां वह कांस्य जीतकर निकले।
टोक्यो ओलंपिक पदक विजेता पहलवान अमर उजाला से कहते हैं कि घाव तो दो-चार दिन में भर जाना था, लेकिन विश्व चैंपियनशिप के लिए पूरे एक साल इंतजार करना होता। वह किसी भी कीमत पर चैंपियनशिप में खेलना चाहते थे चोटिल होकर बाहर नहीं होना चाहते थे।
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टोक्यो ओलंपिक पदक विजेता पहलवान अमर उजाला से कहते हैं कि घाव तो दो-चार दिन में भर जाना था, लेकिन विश्व चैंपियनशिप के लिए पूरे एक साल इंतजार करना होता। वह किसी भी कीमत पर चैंपियनशिप में खेलना चाहते थे चोटिल होकर बाहर नहीं होना चाहते थे।
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पहली ही बाउट में बुरी तरह चोटिल हो गए थे
बजरंग कहते हैं कि चोटिल होने के बाद उनके दिमाग में सिर्फ एक ही बात घूम रही थी कि कहीं टूर्नामेंट के डॉक्टर उनके सिर से रिसते खून को देखकर कहीं उन्हें खेलने से न रोक दें। यही वजह थी कि उन्होंने फीजियो से कहा कि ऐसी पट्टी करो कि खून रिसता नहीं दिखे। एक बार वह मैट पर उतर गए तो उन्हें दर्द का अहसास नहीं रहा और सामान्य तरीके से बाउट लड़े। बजरंग विश्व चैंपियनशिप की पहली ही बाउट में चोटिल हो गए थे। विरोधी पहलवान का सिर उनके सिर से टकरा गया था, जिससे उनके सिर में घाव हो गया था। बजरंग कहते हैं कि उनके पूरे कॅरिअर में इससे पहले एक बार भी ऐसा मौका नहीं आया जब वह टूर्नामेंट के बीच में चोटिल हुए हों।
हर चैंपियनशिप में पदक जीतने की रहती है कोशिश
विश्व चैंपियनशिप में चार पदक जीतने वाले देश के पहलवान बनने पर बजरंग कहते हैं कि उनकी कोशिश यही रहती है कि वह जिस चैंपियनशिप में भी खेलने जाएं पदक जीतकर जरूर आएं। इससे पहले किसी भारतीय पहलवान ने विश्व चैंपियनशिप में तीन पदक भी नहीं जीते थे, इस लिए उन्हें उनके दिमाग में पदकों की संख्या की बात बिल्कुल नहीं थी।
बजरंग कहते हैं कि चोटिल होने के बाद उनके दिमाग में सिर्फ एक ही बात घूम रही थी कि कहीं टूर्नामेंट के डॉक्टर उनके सिर से रिसते खून को देखकर कहीं उन्हें खेलने से न रोक दें। यही वजह थी कि उन्होंने फीजियो से कहा कि ऐसी पट्टी करो कि खून रिसता नहीं दिखे। एक बार वह मैट पर उतर गए तो उन्हें दर्द का अहसास नहीं रहा और सामान्य तरीके से बाउट लड़े। बजरंग विश्व चैंपियनशिप की पहली ही बाउट में चोटिल हो गए थे। विरोधी पहलवान का सिर उनके सिर से टकरा गया था, जिससे उनके सिर में घाव हो गया था। बजरंग कहते हैं कि उनके पूरे कॅरिअर में इससे पहले एक बार भी ऐसा मौका नहीं आया जब वह टूर्नामेंट के बीच में चोटिल हुए हों।
हर चैंपियनशिप में पदक जीतने की रहती है कोशिश
विश्व चैंपियनशिप में चार पदक जीतने वाले देश के पहलवान बनने पर बजरंग कहते हैं कि उनकी कोशिश यही रहती है कि वह जिस चैंपियनशिप में भी खेलने जाएं पदक जीतकर जरूर आएं। इससे पहले किसी भारतीय पहलवान ने विश्व चैंपियनशिप में तीन पदक भी नहीं जीते थे, इस लिए उन्हें उनके दिमाग में पदकों की संख्या की बात बिल्कुल नहीं थी।
राष्ट्रीय खेल में नहीं खेलेंगे बजरंग
बजरंग साफ करते हैं कि वह गुजरात में होने वाले राष्ट्रीय खेल में नहीं खेलेंगे। वह अभी चोट से पूरी तरह उबरे नहीं हैं। हालांकि भारतीय कुश्ती संघ ने इन खेलों केलिए राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले सभी पहलवानों की एंट्री भेजी है। बजरंग का फोकस फिलहाल अगले साल होने वाले एशियाई खेलों और पेरिस ओलंपिक क्वालिफाइंग विश्व चैंपियनशिप पर है। वह अभी सोनीपत में ही तैयारियां करेंगे।
बजरंग साफ करते हैं कि वह गुजरात में होने वाले राष्ट्रीय खेल में नहीं खेलेंगे। वह अभी चोट से पूरी तरह उबरे नहीं हैं। हालांकि भारतीय कुश्ती संघ ने इन खेलों केलिए राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले सभी पहलवानों की एंट्री भेजी है। बजरंग का फोकस फिलहाल अगले साल होने वाले एशियाई खेलों और पेरिस ओलंपिक क्वालिफाइंग विश्व चैंपियनशिप पर है। वह अभी सोनीपत में ही तैयारियां करेंगे।