13 फरवरी 2021, शनिवार का दिन, चेन्नई का चेपॉक स्टेडियम, टेस्ट क्रिकेट में अक्षर पटेल का डेब्यू। ये सारी चीजें इस स्पिन गेंदबाज को ताउम्र याद रहेंगे। अपनी फिरकी से अंग्रेजों को नचाने और डेब्यू मैच को यादगार बनाने वाले अक्षर को शायद ही कोई भूल सकता है, जिसकी बदौलत टीम इंडिया ने दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड को 317 रनों से हराया था।
स्पिन का एक भी 'अक्षर' नहीं पढ़ पा रहे अंग्रेज, लेकिन अभी असल टेस्ट बाकी
लेफ्ट आर्म स्पिनर अक्षर पटेल ने अपने डेब्यू टेस्ट में दोनों पारियों में कुल मिलाकर सात विकेट चटकाए, जिसमें उन्होंने दूसरी पारी में पांच विकेट हॉल करने का भी कमाल किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने नाम बेहद खास उपलब्धि भी हासिल की। वह अपने डेब्यू टेस्ट में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले छठे भारतीय स्पिनर बने। बता दें कि उन्होंने दूसरी पारी में 60 रन देकर पांच विकेट हासिल किए थे।
अक्षर अपने करियर में दो टेस्ट मैच खेल चुके हैं और तीसरा टेस्ट (चार विकेट*) खेल रहे हैं। पहले टेस्ट में कुल सात विकेट चटकाने वाले पटेल दूसरे टेस्ट में दोनों पारियों में कुल मिलाकर 11 विकेट चटकाए। यानी अक्षर अपने करियर के पहले तीन टेस्ट में 22* विकेट लेकर धाक जमाने में तो कामयाब हो गए हैं। मगर सवाल तो यह है कि क्या वह लंबे समय तक टीम इंडिया के टेस्ट टीम का सदस्य बन सकते हैं?
यह बात सब जानते हैं कि टीम इंडिया में बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज रविंद्र जडेजा ने अपनी जगह पक्की बनाई हुई है। जडेजा पिछले ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर चोटिल हो गए थे। बल्लेबाजी करते समय उनका अंगूठा फ्रैक्चर हो गया था और इस वजह से ही इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में वह नहीं खेल पाए और उनके बदले टीम में अक्षर पटेल को शामिल किया गया।
मौजूदा सीरीज में अक्षर ने तो अपने प्रदर्शन से सबका दिल तो जीत लिया है पर यह आम धारणा है कि जडेजा के फिट होते ही उनका टीम में लौटना तय सा माना जा रहा है। इसकी एक खास वजह यह है कि वह टीम में सिर्फ गेंदबाज के तौर पर नहीं बल्कि ऑलराउंडर के तौर पर जगह बनाने में सफल रहे हैं।