ऑस्ट्रेलिया दौरे में पितृशोक से गमगीन क्रिकेटर मोहम्मद सिराज भारतीय टीम को जिता दिलाकर अपने पिता को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं। 20 नवंबर की देर शाम मोहम्मद सिराज के सिर से पिता का साया उठ गया। लंबे समय से फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे 53 वर्षीय मोहम्मद गौस ने उस वक्त आखिरी सांस ली, जब उनका क्रिकेटर बेटा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहा था।
2 of 4
पिता मोहम्मद गौस के साथ सिराज
- फोटो : Social Media
एक गरीब परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने के सफर में सिराज के ऑटो चालक पिता ने उनकी सबसे ज्यादा मदद की थी। ऑटो चलाकर अपने बेटे के लिए महंगी किट का इंतजाम किया और हर मुश्किल के आगे खुद खड़े हो गए। सिराज अपने पिता की खबर सुनकर बेहद भावुक हो गए थे और लगातार रो रहे थे। अंतिम संस्कार के लिए ऑस्ट्रेलिया से भारत भी वापस आना चाहते थे, लेकिन बड़े भाई मोहम्मद इस्माईल ने उन्हें हिम्मत दिलाई और अपने काम पर फोकस करने को कहा।
एक मीडिया संस्थान से खास बातचीत में इस्माईल ने बताया कि, 'आईपीएल में अच्छे प्रदर्शन के बाद सिराज का चयन ऑस्ट्रेलिया दौरे की भारतीय टेस्ट टीम में हुआ, जिसके बाद वह बेहद खुश था। पिता को फोन कर उसने कहा था कि अब्बू मैं ऑस्ट्रेलिया जा रहा हूं, लेकिन उसे क्या पता था कि वापस आकर वह कभी उनसे मिल नहीं पाएगा। टीम 14 दिन के पृथकवास पर चल रही है, अगर वह वापस आता तो उसे दोबारा 14 दिन क्वारंटीन होना पड़ता। अब्बू का सपना था कि वह देश का नाम रोशन करे।'
इस्माईल ने आगे बताया कि, 'टीम के कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली उसे लगातार संबल दे रहे हैं। मैं उससे फोन में लगातार संपर्क में हूं। वह सिर्फ अब्बू को यादकर रोता है। सिराज को इस वक्त साथ की जरूरत है। यह वक्त उसके लिए बेहद नाजुक है। उसने मुझसे वादा किया है कि वह सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर अब्बू के लिए ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतकर आएगा।'