कोहली चाहते ही नहीं थे मैच बचाना
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ऑस्ट्रेलिया के हाथों पहले टेस्ट में 48 रन की हार के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने अपने इरादे स्पष्ट करते हुए कहा कि मैच के दौरान हम सिर्फ जीत के लिए खेले। एक पल के लिए भी मेरे मन में यह बात नहीं आई थी कि हमें ड्रॉ के लिए खेलना है।
यहां तक रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे के आउट होने के बाद भी नहीं। कर्ण शर्मा को भी मैंने यही कहा था कि मुझे अधिक से अधिक स्ट्राइक दें। हालांकि उन्होंने कहा कि अच्छी बल्लेबाजी कर रहे विजय का आउट होना मैच का टर्निंग प्वाइंट रहा। कोहली बोले, अगर मैं और विजय करीब और 40 रन की साझेदारी कर लेते तो नतीजा कुछ और हो सकता था।
ऐसे मुकाबलों में एक भी मौका मिले तो विपक्षी टीम उसका फायदा उठा लेती है और ऑस्ट्रेलिया ने यही किया। कोहली ने ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर नाथन लायन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने बेहतरीन गेंदबाजी की। लेकिन मुझे इस मैच को सिर्फ जीत के लिए खेलने का कोई अफसोस नहीं है।
कोहली
भारतीय टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए विराट बोले यह शानदार क्रिकेट
मैच था और मुझे अपनी टीम के प्रदर्शन पर गर्व है। उन्होंने अच्छा जज्बा
दिखाया, हालांकि ऑस्ट्रेलियाई टीम हमसे बेहतर साबित हुई।
स्वीप शॉट खेलने
के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे याद नहीं कि मैंने किसी मैच
में आखिरी बार कब इतने स्वीप शॉट खेले। मैं ये शॉट ज्यादा नहीं खेलता हूं,
लेकिन यहां ये कारगर रहे।
हार के बावजूद अपना मानवीय पहलू दिखाते हुए विराट कोहली ने जीत के लिए ऑस्ट्रेलिया को बधाई दी। उन्होंने कहा कि फिल ह्यूज की मौत के बाद मेजबान खिलाड़ियों के लिए इस तरह का प्रदर्शन कर पाना आसान नहीं था। पिछले दस दिनों में उन्होंने बेहद मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया है और उसके बावजूद वे पूरे जज्बे और जुनून से खेले। मैं पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को जीत की बधाई देना चाहूंगा।