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Asia Cup: शोएब अख्तर ने कप्तान सलमान आगा और कोच माइक हेसन को घेरा, टीम चयन और रणनीति पर उठाए सवाल
Tue, 23 Sep 2025 03:47 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 23 Sep 2025 03:47 PM IST
सार
अख्तर ने यह भी कहा कि सलमान अली आगा अपनी भूमिका सही तरह से निभाने में नाकाम रहे हैं और टीम चयन में बड़े बदलाव की जरूरत है।
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शोएब अख्तर
- फोटो : Twitter
विस्तार
भारत के हाथों करारी हार के बाद पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने कप्तान सलमान अली आगा की जमकर आलोचना की। अख्तर ने कहा कि सलमान टीम की कमजोर कड़ी हैं। उन्होंने कहा, 'उन्हें तो कुछ पता ही नहीं है, वो क्या कप्तानी कर रहे हैं और बीच में क्या खेल रहे हैं? वो टीम की सबसे कमजोर कड़ी हैं।' अख्तर ने यह भी कहा कि सलमान अली आगा अपनी भूमिका सही तरह से निभाने में नाकाम रहे हैं और टीम चयन में बड़े बदलाव की जरूरत है।
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चयन प्रक्रिया में बदलाव की अपील
शोएब अख्तर ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और चयन समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने सुझाव दिया कि चयन में पारदर्शिता होनी चाहिए और युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाना चाहिए। अख्तर ने कहा कि अगर उन्हें टीम सुधारने का मौका मिले तो वह 20 चयनकर्ताओं की टीम बनाएंगे।
उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान क्रिकेट को सुधारने के लिए अगर मुझे तीन साल दिए जाएं... तो खिलाड़ियों को भरोसा दिया जाएगा। कोई बात नहीं, अगर आप आउट होते हैं तो आपको तुरंत बाहर नहीं किया जाएगा।' अख्तर ने यह भी सवाल उठाया कि क्यों अहम गेंदबाजों को पूरे चार ओवर नहीं दिए गए और मध्य ओवरों में टीम की गति क्यों रुक गई।
शोएब अख्तर ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और चयन समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने सुझाव दिया कि चयन में पारदर्शिता होनी चाहिए और युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाना चाहिए। अख्तर ने कहा कि अगर उन्हें टीम सुधारने का मौका मिले तो वह 20 चयनकर्ताओं की टीम बनाएंगे।
उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान क्रिकेट को सुधारने के लिए अगर मुझे तीन साल दिए जाएं... तो खिलाड़ियों को भरोसा दिया जाएगा। कोई बात नहीं, अगर आप आउट होते हैं तो आपको तुरंत बाहर नहीं किया जाएगा।' अख्तर ने यह भी सवाल उठाया कि क्यों अहम गेंदबाजों को पूरे चार ओवर नहीं दिए गए और मध्य ओवरों में टीम की गति क्यों रुक गई।
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कोच माइक हेसन पर भी निशाना
अख्तर ने पाकिस्तान के कोच माइक हेसन को भी जमकर घेरा। उन्होंने कहा, 'कोच से सवाल पूछे जाने चाहिए, उनका दिमाग कहां है? यह सिर्फ बेतुकी कोचिंग और बेतुका चयन है।' उन्होंने अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा, 'ऐसा लग रहा है जैसे मैं ही धोखेबाज हूं, जिसने 15 साल क्रिकेट खेलकर भी कुछ नहीं समझा।' अख्तर का मानना है कि कोचिंग स्टाफ और कप्तान को मिलकर विचार करना चाहिए कि किन खिलाड़ियों को अवसर मिलें और टीम की रणनीति कैसी हो ताकि दबाव वाले मैचों में प्रदर्शन बेहतर हो।
अख्तर ने पाकिस्तान के कोच माइक हेसन को भी जमकर घेरा। उन्होंने कहा, 'कोच से सवाल पूछे जाने चाहिए, उनका दिमाग कहां है? यह सिर्फ बेतुकी कोचिंग और बेतुका चयन है।' उन्होंने अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा, 'ऐसा लग रहा है जैसे मैं ही धोखेबाज हूं, जिसने 15 साल क्रिकेट खेलकर भी कुछ नहीं समझा।' अख्तर का मानना है कि कोचिंग स्टाफ और कप्तान को मिलकर विचार करना चाहिए कि किन खिलाड़ियों को अवसर मिलें और टीम की रणनीति कैसी हो ताकि दबाव वाले मैचों में प्रदर्शन बेहतर हो।
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हार के कारण और सुधार की राह
अख्तर ने बताया कि पहले 10 ओवर में पाकिस्तान ने 91 रन बना लिए थे लेकिन इसका फायदा नहीं उठा सके। मध्य ओवरों में विकेट लगातार गिरते रहे और रनगति थम गई, जिससे भारत ने आसानी से मैच पर कब्जा जमा लिया। उन्होंने यह भी कहा कि गेंदबाजी रणनीति में बदलाव जरूरी है। नए गेंद से आक्रामक शुरुआत करनी होगी, सीमाओं पर नियंत्रण रखना होगा और विरोधी बल्लेबाजों को दबाव में लाना होगा।
अख्तर ने बताया कि पहले 10 ओवर में पाकिस्तान ने 91 रन बना लिए थे लेकिन इसका फायदा नहीं उठा सके। मध्य ओवरों में विकेट लगातार गिरते रहे और रनगति थम गई, जिससे भारत ने आसानी से मैच पर कब्जा जमा लिया। उन्होंने यह भी कहा कि गेंदबाजी रणनीति में बदलाव जरूरी है। नए गेंद से आक्रामक शुरुआत करनी होगी, सीमाओं पर नियंत्रण रखना होगा और विरोधी बल्लेबाजों को दबाव में लाना होगा।