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Amar Ujala Samwad: इस दिग्गज कप्तान की तरह बनना चाहते थे हरभजन सिंह, बताया क्रिकेट में करियर क्यों बनाया
Tue, 10 Jun 2025 02:56 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Tue, 10 Jun 2025 02:56 PM IST
सार
अमर उजाला के प्रतिष्ठित कार्यक्रम संवाद का आयोजन उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में भारत के दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह भी इसमें शामिल हुए। हरभजन ने बताया कि उन्होंने क्रिकेट में करियर क्यों बनाया।
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हरभजन सिंह
- फोटो : amar ujala
विस्तार
भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने बताया कि वह अपने करियर में पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव की तरह बनना चाहते थे। अमर उजाला के प्रतिष्ठित कार्यक्रम संवाद का आयोजन उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में भारत के दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह भी इसमें शामिल हुए। उन्होंने क्रिकेट से जुड़ी कई कहानियां सुनाईं। इसी क्रम में हरभजन ने बताया कि उन्होंने क्रिकेट में करियर क्यों बनाया।
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जूडो और बैडमिंटन में भी हाथ आजमाए
हरभजन से कार्यक्रम के दौरान पूछा गया, बचपन में हर कोई कुछ खेल खेलता है। ऐसे में एक समय ऐसा भी आता है जब आपको लगता है कि ये खेल मेरे सपने को पूरा कर सकता है। आपकी जिंदगी में वो मौका कब आया? इस पर उन्होंने कहा, मैंने क्रिकेट इसलिए खेलना शुरू किया था क्योंकि यही मेरा सपना था। पढ़ने में मैं बहुत ज्यादा होशियार था नहीं और जितना मन खेल में लगता था, उतना पढ़ाई में लगता भी नहीं था। मैं क्रिकेट से पहले जूडो खेलता था, उसमें बहुत मार खाई क्योंकि दुबला-पतला था। देखा कि इसमें तो रोज पिटाई हो रही है तो वो छोड़ दिया। बैडमिंटन खेला, लेकिन उसमें भी मन नहीं लगा। मन क्रिकेट खेलने में था और जिस दिन से मैदान जाना शुरू किया, बस एक ही सपना देखा कि कपिल देव जैसा बनना है।
हरभजन से कार्यक्रम के दौरान पूछा गया, बचपन में हर कोई कुछ खेल खेलता है। ऐसे में एक समय ऐसा भी आता है जब आपको लगता है कि ये खेल मेरे सपने को पूरा कर सकता है। आपकी जिंदगी में वो मौका कब आया? इस पर उन्होंने कहा, मैंने क्रिकेट इसलिए खेलना शुरू किया था क्योंकि यही मेरा सपना था। पढ़ने में मैं बहुत ज्यादा होशियार था नहीं और जितना मन खेल में लगता था, उतना पढ़ाई में लगता भी नहीं था। मैं क्रिकेट से पहले जूडो खेलता था, उसमें बहुत मार खाई क्योंकि दुबला-पतला था। देखा कि इसमें तो रोज पिटाई हो रही है तो वो छोड़ दिया। बैडमिंटन खेला, लेकिन उसमें भी मन नहीं लगा। मन क्रिकेट खेलने में था और जिस दिन से मैदान जाना शुरू किया, बस एक ही सपना देखा कि कपिल देव जैसा बनना है।
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हरभजन बोले- बड़े सपने देखना जरूरी
हरभजन ने कहा, मैं हमेशा ही ये कहता हूं कि सपने देखने चाहिए और बड़े-बड़े देखने चाहिए क्योंकि सपने सच होते हैं। ख्वाब वो सच होते हैं, जो आप जागते हुए देखते हो। सोते हुए सपने नहीं देखने है क्योंकि जब तक आप उठते हो, तब तक वो चले जाते हैं। जो जागते हुए आप ख्वाब देखते हो, उसे पूरा करने के लिए आपको भागना पड़ता है, मेहनत करनी पड़ती है और मैं यही कहूंगा कि आप जरूर ख्वाब देखिए, जो आप बनना चाहते हैं वो जरूर बनोगे।
हरभजन ने कहा, मैं हमेशा ही ये कहता हूं कि सपने देखने चाहिए और बड़े-बड़े देखने चाहिए क्योंकि सपने सच होते हैं। ख्वाब वो सच होते हैं, जो आप जागते हुए देखते हो। सोते हुए सपने नहीं देखने है क्योंकि जब तक आप उठते हो, तब तक वो चले जाते हैं। जो जागते हुए आप ख्वाब देखते हो, उसे पूरा करने के लिए आपको भागना पड़ता है, मेहनत करनी पड़ती है और मैं यही कहूंगा कि आप जरूर ख्वाब देखिए, जो आप बनना चाहते हैं वो जरूर बनोगे।