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Shakib Al Hasan: शाकिब ने मांगी बांग्लादेश के आवाम से माफी, लौट सकते हैं स्वदेश, जानें मामला
Thu, 10 Oct 2024 02:20 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Thu, 10 Oct 2024 02:20 PM IST
सार
भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान शाकिब ने इस प्रारूप से संन्यास का एलान करते हुए इच्छा जताई थी कि उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मीरपुर टेस्ट में खेलने का मौका मिले।
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शाकिब अल हसन
- फोटो : @ICC
विस्तार
बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन के दौरान शाकिब अल हसन को कोई प्रतिक्रिया नहीं देना महंगा पड़ा है। चुप रहने को लेकर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। अब दिग्गज ऑलराउंडर ने इसके लिए माफी मांगी है। बता दें कि, शाकिब ने हाल ही में टेस्ट से संन्यास का एलान किया था। हालांकि, उन्होंने इच्छा जताई थी कि वह अपना आखिरी मुकाबला बांग्लादेश की सरजमीं पर खेलना चाहेंगे।
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भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान शाकिब ने इस प्रारूप से संन्यास का एलान करते हुए इच्छा जताई थी कि उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मीरपुर टेस्ट में खेलने का मौका मिले। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा की मांग की थी। वहीं, युवा और खेल सलाहकार महमूद शोजिब भुईन ने कहा था कि शाकिब को सुरक्षा की मांग करने से पहले अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।
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अब शाकिब ने बांग्लादेशियों से माफी मांगी है। उन्होंने लिखा- मैं उन सभी छात्रों को श्रृद्धांजलि देता हूं जिन्होंने पक्षपात विरोधी आंदोलन की अगुवाई की और अपनी जान गंवा दी या घायल हो गए।
प्रियजनों को खोने की क्षति की कोई भरपाई नहीं कर सकता। बच्चे या भाई को खोने की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता। इस नाजुक दौर में मेरी खामोशी से आहत हुए लोगों से मैं क्षमायाचना करता हूं। मैं आपकी जगह होता तो मैं भी दुखी होता।
प्रियजनों को खोने की क्षति की कोई भरपाई नहीं कर सकता। बच्चे या भाई को खोने की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता। इस नाजुक दौर में मेरी खामोशी से आहत हुए लोगों से मैं क्षमायाचना करता हूं। मैं आपकी जगह होता तो मैं भी दुखी होता।
शाकिब ने आगे लिखा- आप सभी को पता है कि मैं जल्दी ही अपना आखिरी मैच खेलूंगा। मैं आप सभी के सामने विदा लेना चाहता हूं। विदाई के समय उन लोगों से हाथ मिलाना चाहता हूं जिनकी शाबासी ने मुझे बेहतर खेलने के लिये प्रेरित किया। मैं उन लोगों से आंख मिलाना चाहता हूं जिन्होंने मेरे अच्छा खेलने पर तालियां बजाई और खराब खेलने पर उनकी आंखें भर आई। मेरा मानना है कि विदाई की इस बेला में आप सभी मेरे साथ होंगे। हम सभी मिलकर उस कहानी का समापन करेंगे जिसके नायक मैं नहीं, बल्कि आप सभी हैं।