हुआ ऐसा कारनामा जो क्रिकेट मैचों में कम ही दिखता है!
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आईपीएल-8 के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में रॉयल चॉलेंजर्स बंगलोर ने चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टूर्नामेंट की सबसे सफलतम टीम के सामने जीत के लिए 140 रनों का लक्ष्य दिया लेकिन यह लक्ष्य छोटा लग रहा था। जबकि बंगलोर की टीम इस मैच से पहले दो बार 140 से कम का लक्ष्य देने के बाद चेन्नई को धूल चटा चुकी थी।
चेन्नई की टीम जब लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम की ओर से नाजुक मोड़ पर कई आसान कैच टपकाए गए साथ ही रन आउट करने के मौके भी गंवाए। इन्हीं मिले मौकों का फायदा उठाते हुए चेन्नई टीम ने एक गेंद शेष रहते मैच अपने नाम कर लिया।
छोटे से लक्ष्य के जवाब में चेन्नई को शुरुआत में ही झटका मिला। इस झटके के बाद टीम सहम गई और कई खराब शॉट खेलकर कैच उछाले और हड़बड़ी में रन लिए लेकिन दोनों ही तरह को मौकों पर बंगलोर के क्षेत्ररक्षण विकेट झटकने में नाकाम रही।
मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स लक्ष्य की पारी के दौरान धोनी की टीम जब संघर्ष कर रही थी तो उस बीच लगातार 3 ओवरों में एक गजब का कारनामा हुआ।
ऐसा कारनामा जो क्रिकेट में कम ही देखने को मिलता है!
आईपीएल-8 का तीसरा प्लेऑफ मुकाबला जो किसी एक टीम को फाइनल का टिकट दिलाने वाला था, इसलिए दोनों टीमों के बीच मुकाबले को 2 कप्तानों के बीच जंग के रूप में देखा जा रहा था जिसमें महेंद्र सिंह धोनी ने साबित कर दिया कि वही भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े कप्तान हैं। इस बार दोनों के बीच कुल 3 बार भिड़ंत हुई और तीनों ही बार चेन्नई ने बाजी मार लिया।
फिलहाल अब बात करते हैं उस गजब के कारनामे की। चेन्नई ने अपनी पारी के चौथे ओवर तक एक विकेट पर 23 रन बना लिए थे। लेकिन इसके बाद लगातार 3 ओवर में ओवर नंबर के हिसाब से रन बने। आपको समझ में आया कि क्या बताया जा रहा है।
मतलब यह कि क्रीज पर टिके बल्लेबाजों फैफ डु प्लेसिस और माइक हसी ने पांचवें ओवर में 5 रन बनाए। इसके बाद छठे ओवर में 6 रन जोड़े। फिर सातवें ओवर में दोनों बल्लेबाजों ने टीम के लिए 7 रन जोड़े। ऐसा दिलचस्प कारनामा क्रिकेट मैचों में कम ही देखने को मिलता है।
चेन्नई के ओपनर और 'मिस्टर क्रिकेट' हसी को पारी के दौरान कई जीवनदान मिले जिसका फायदा उन्होंने उठाया और एक छोर संभालते हुए अर्धशतक ठोक दिया जो टीम की जीत के लिए काफी रहा। चेन्नई टूर्नामेंट के 8 संस्करण में छठी बार फाइनल में पहुंची है।