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हर भारतीय को अमेरिका के इस राष्ट्रपति से एक बात सीखनी चाहिए

Fri, 26 Jun 2015 09:14 AM IST
रामचरण महेंद्र
रामचरण महेंद्र Updated Fri, 26 Jun 2015 09:14 AM IST
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Whenever necessary, call me

अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन शहर की स्थिति का जायजा लेने निकले। रास्ते में एक जगह इमारत बनने का काम चल रहा था। जॉर्ज वहां कुछ देर के लिए रुके और चल रहे काम को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठाकर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

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पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह इतने मजदूरों से भी उठ नहीं रहा था। ठेकेदार उन मजदूरों को पत्थर न उठा पाने के कारण डांट रहा था। राष्ट्रपति को यह देखकर हैरानी हुई कि ठेकेदार उन मजदूरों को डांट तो रहा था, पर खुद किसी भी तरह उनकी मदद करने के लिए तैयार नहीं था।
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वॉशिंगटन उस ठेकेदार के पास आकर बोले, इन मजदूरों की मदद करो। यदि एक आदमी और कोशिश करे, तो यह पत्थर आसानी से उठ जाएगा। ठेकेदार वॉशिंगटन को पहचान नहीं रहा था। वह बड़े रौब से बोला, मैं दूसरों से काम लेता हूं, खुद मजदूरी नहीं करता।

यह सुनकर वॉशिंगटन घोड़े से उतरे और पत्थर उठाने में मजदूरों की मदद करने लगे। उनके सहारा देते ही पत्थर उठ गया और आसानी से ऊपर चला गया। इसके बाद वह वापस अपने घोड़े पर आकर बैठ गए और बोले, ‘सलाम ठेकेदार साहब, भविष्य में कभी तुम्हें एक व्यक्ति की कमी मालूम पड़े, तो राष्ट्रपति भवन में आकर जॉर्ज वॉशिंगटन को याद कर लेना।

यह सुनते ही ठेकेदार शर्म से पानी-पानी हो गया। अपने व्यवहार के लिए वह क्षमा मांगने लगा। वॉशिंगटन बोले, मेहनत करने से कोई छोटा नहीं हो जाता। मजदूरों की मदद करने से तुम उनका सम्मान हासिल करोगे। याद रखो, मदद के लिए सदैव तैयार रहने वाले को ही समाज में प्रतिष्ठा हासिल होती है।

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