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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: एआई से सलाह लेना मतलब अजनबी से पूछना, मनुष्य की स्वाभाविकता पकड़ने में करता है चूक
Sat, 30 Nov 2024 06:56 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
कश्मीर हिल, द न्यूयॉर्क टाइम्स
कश्मीर हिल, द न्यूयॉर्क टाइम्स
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sat, 30 Nov 2024 06:56 AM IST
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अमर उजाला
विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के साथ मैंने एक दिलचस्प प्रयोग किया। यह प्रयोग कुछ ऐसा था कि एक हफ्ते तक, इसने ही बताया कि मुझे क्या खाना है, क्या पहनना है और अपने बच्चों के साथ क्या करना है। इसी ने तय किया कि मुझे बाल कटवाने हैं और मेरे दफ्तर को किस रंग से रंगना है। यही नहीं, इसने मेरी तरफ से मेरे पति को एक प्यार भरा संदेश भेजा कि उनके लिए गोल्फ खेलना क्यों ठीक है। हालांकि इसकी भाषा को देखकर वह तुरंत ताड़ गए कि इसे मैंने नहीं लिखा।इस प्रयोग के दौरान मैंने करीब दो दर्जन जेनरेटिव एआई टूल का इस्तेमाल किया, जिन्होंने पूरे सप्ताह में मेरे लिए करीब सौ निर्णय लिए। मैंने चैटबॉट्स को सिर्फ यह बताया कि मैं एक पत्रकार हूं, जो एक प्रयोग कर रही हूं और मेरा एक परिवार है। इससे ज्यादा मैंने उसे कुछ नहीं बताया। एआई का पहला काम हमारे खाने की योजना बनाना और हफ्ते भर के लिए खरीदारी की सूची बनाना था, और यह काम उसने कुछ ही सेकंडों में कर दिया। मेरी बेटियां उस अशरीरी आवाज से मंत्रमुग्ध हो गईं, जिसमें उनके सवालों के लिए असीम धैर्य था। उन्होंने तय किया कि इसका कोई नाम होना चाहिए। चैटबॉट ने ही ‘स्पार्क’ नाम सुझाया, जो हम सभी को बहुत पसंद भी आया।
एआई ने पूरे हफ्ते के लिए एक योजना तैयार की। किराने के सामान में जंक फूड के नाम पर सिर्फ एक चॉकलेट थी। दैनिक योजनाओं में हमें रोज एक घंटे व्यायाम करना था और काम के दौरान भी कुछ ब्रेक लेने थे। शाम को इसने फैमिली टाइम की योजना बनाई, जिसमें हम चैटबॉट से कहानियां सुनते और उसे सुनाते भी थे। यह पूरा हफ्ता एक वेलनेस रिट्रीट की तरह था। मैं एक साल से ज्यादा समय से अपने घर के दफ्तर को फिर से रंगना चाह रही थी, पर कोई रंग नहीं चुन पा रही थी, मैंने चैटबॉट्स को कमरे की एक तस्वीर दी। मुझे राहत महसूस हुई कि उसने सबसे उबाऊ रंग नहीं चुना, लेकिन जब मैंने अपनी एक दोस्त के साथ यह कहानी साझा की, तो वह थोड़ी भयभीत दिखी। उन्होंने एक सॉफ्टवेयर से सलाह लेने की तुलना ‘सड़क पर किसी अजनबी से पूछने’ से की। चूंकि मैं कई कंपनियों के चैटबॉट उपयोग में ले रही थी, मुझे उन सभी में फर्क भी दिखा। माइक्रोसॉफ्ट का कोपायलट बहुत उत्सुक था। गूगल का जेमिनी पूरी तरह से व्यावसायिक था। जब मैंने स्पार्क से पूछा कि मुझे कौन-सा हेयरकट करवाना चाहिए, तो उसने टेक्सचर्ड बॉब की सिफारिश की, और मशहूर हस्तियों के बीच लोकप्रिय बताया।
बाद में मुझे मिली तारीफों के आधार पर मैं कह सकती हूं कि यह एक अच्छा चुनाव था। हालांकि जब एआई द्वारा सुझाए गए कपड़ों को पहनकर तस्वीरें अपने दोस्तों को भेजीं, तो सभी ने काफी मजाक उड़ाया। हालांकि मेरी जिंदगी के एक हिस्से में एआई विफल रहा। मैंने अपने लैपटॉप कैमरे में एक छोटी-सी स्क्रिप्ट पढ़कर अपना एक वीडियो भी बनाया। मैं चाहती थी कि इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जाए। लेकिन जो स्क्रिप्ट एआई ने तैयार की थी, वह बहुत बेकार थी। मैंने अपनी मां को एक प्यार भरा एआई रचित संदेश भेजने के लिए अपने अवतार का इस्तेमाल किया, तो वह बहुत डर गईं। दरअसल, जिसे भी मैंने बहुत भावुक संदेश भेजे, उसने यही कहा कि वे नकली लग रहे हैं और उनमें स्वाभाविकता नहीं है। मेरी मां को तो यह लगा कि कहीं मैं नाराज तो नहीं हूं। खैर, हफ्ता खत्म हुआ, तो अपनी जिंदगी पर वापस नियंत्रण पाकर मैं बहुत खुश थी। एआई ने कई फैसले बहुत तेजी से और बेहतर ढंग से लिए। शायद उतने अच्छे फैसले मैं न ले पाती। लेकिन मेरी तरह हर इन्सान में कुछ ऐसा मौलिक जरूर होता है, जो उसे दूसरों से अलग करता है। मनुष्य की इसी स्वाभाविकता को पकड़ने में एआई चूक जाता है। है तो वह मशीन ही।
जुपिटर नोटबुक
जुपिटर नोटबुक एक ओपन सोर्स वेब एप्लिकेशन है, जो उपयोगकर्ताओं को लाइव कोड, गणनाएं, समीकरण, विजुअलाइजेशन और वर्णनात्मक टेक्स्ट को एक ही डॉक्युमेंट में बनाने और साझा करने की सुविधा देता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से डाटा विश्लेषण, मशीन लर्निंग, वैज्ञानिक शोध और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है। यह कई प्रोग्रामिंग भाषाओं का समर्थन करता है, खासकर, डाटा साइंस और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में।
जेपीडी
जॉइंट प्रॉबेबिलिटी डिस्ट्रिब्यूशन (जेपीडी) एआई का एक सांख्यिकीय कार्य है, जो दो या दो से अधिक रैंडम चर के एकसाथ घटित होने की संभावना को व्यक्त करता है। इसे आम तौर पर तब उपयोग में लाते हैं, जब हम यह समझना चाहते हैं कि दो या दो से अधिक घटनाएं एक-दूसरे से किस तरह जुड़ी हुई हैं और एक ही समय में होने की कितनी संभावना है। उदाहरण के लिए, यदि हमारे पास दो रैंडम चर हैं : एक है ‘बारिश होने की संभावना’ और दूसरा है ‘छाता खुला होने की संभावना’, तो हम जेपीडी का उपयोग करके यह जान सकते हैं कि इन दोनों घटनाओं के एकसाथ घटित होने की कितनी संभावना है, जैसे कि बारिश होने और छाता खुलने की संभावना एकसाथ।