{"_id":"6965802a2027a78917081ff3","slug":"serious-questions-data-security-millions-of-instagram-users-information-stolen-crisis-stemming-from-leak-2026-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"डाटा सुरक्षा पर गंभीर सवाल: इंस्टाग्राम से जुड़े लाखों यूजर्स की जानकारी पर डाका, लीक से उपजा संकट","category":{"title":"Opinion","title_hn":"विचार","slug":"opinion"}}
डाटा सुरक्षा पर गंभीर सवाल: इंस्टाग्राम से जुड़े लाखों यूजर्स की जानकारी पर डाका, लीक से उपजा संकट
Tue, 13 Jan 2026 04:43 AM IST
देवेश त्रिपाठी
अमर उजाला
अमर उजाला
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Tue, 13 Jan 2026 04:43 AM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
इंस्टाग्राम के लाखों यूजर्स का डाटा लीक हो गया है।
- फोटो :
अमर उजाला प्रिंट
विस्तार
दुनिया भर में 1.75 करोड़ इंस्टाग्राम खातों से जुड़े डाटा के कथित लीक की खबर ने डिजिटल सुरक्षा और निजता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल हुआ यों कि पिछले सप्ताह, कई इंस्टाग्राम उपयोगकर्ताओं को अप्रत्याशित ढंग से पासवर्ड को रीसेट करने संबंधी मेल प्राप्त हुईं, जिससे व्यापक भ्रम, घबराहट और आशंकाओं का माहौल फैला।
सुरक्षा फर्म मालवेयर बाइट्स ने इस गतिविधि को करोड़ों इंस्टाग्राम खातों से जुड़े डाटा के लीक होने से जोड़ा है। फर्म के अनुसार, यूजरनेम, ईमेल पते, फोन नंबर और यहां तक कि आंशिक भौतिक पते जैसी संवेदनशील जानकारियां भी डार्क वेब पर लीक हुई हैं, जो एक खतरनाक स्थिति है। इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा ने इस पूरे मामले पर शुरुआत में जिस तरह से खामोशी साध रखी थी, वह भी कोई कम चौंकाने वाली नहीं थी।
मीडिया और साइबर विशेषज्ञों का दबाव बढ़ने पर इंस्टाग्राम की तरफ से इसे एक तकनीकी समस्या बताया गया, जिसे जल्द ही ठीक भी कर दिया गया। उपयोग करने वालों का भरोसा कमजोर होने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता पर सवाल उठने स्वाभाविक हैं। तब तो और भी, जब यह कोई पहली बार नहीं है कि किसी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को डाटा सुरक्षा के मोर्चे पर कठघरे में खड़ा होना पड़ा हो।
पिछले वर्ष जून में एपल, फेसबुक और गूगल समेत कई अन्य कंपनियों के 16 अरब पासवर्ड और लॉग-इन संबंधी जानकारियां लीक होने की खबर मिली थी, जिसे डाटाबेस इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा लीक माना जा रहा था। इससे पहले, 2021 में फेसबुक ने करोड़ों उपयोगकर्ताओं के डाटा लीक की सूचना दी थी। इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन इससे डिजिटल दुनिया पर हमारी निर्भरता एक कतरा भी कम नहीं हुई है।
हाल ही में, भारत में लागू हुए डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संरक्षण (डीपीडीपी) अधिनियम, 2023 का जिक्र उल्लेखनीय है, लेकिन भारतीय कानून हो या यूरोपीय संघ का डाटा संरक्षण कानून जीडीपीआर, ये तभी कारगर हो सकते हैं, जब इन प्लेटफॉर्मों को एहसास हो कि लापरवाही की कीमत चुकानी होगी। दरअसल, ऐसी घटनाएं याद दिलाती हैं कि डिजिटल दुनिया में गोपनीयता कोई स्वाभाविक अधिकार नहीं रह गया है। हम जितनी आसानी से तस्वीरें, स्टोरी और रील्स साझा करते हैं, उतनी ही आसानी से हमारी इन जानकारियों का दुरुपयोग भी हो सकता है।
गनीमत है कि मालवेयर बाइट्स की रिपोर्ट के अनुसार, ताजा लीक में पासवर्ड शामिल नहीं हैं, पर यह छिपा नहीं कि साइबर अपराधी केवल पासवर्ड ही नहीं, बल्कि हमारे संपर्क विवरण, स्थान और पहचान के टुकड़ों को जोड़कर हमला करते हैं। लिहाजा, पहली जरूरत तो उपयोगकर्ताओं के सतर्क रहने की ही है।