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Hindi News ›   Columns ›   Opinion ›   India's 78th Independence Day and the Role of AI in India's Technological Development

जश्न-ए-आजादी: हरित क्रांति, ISRO और अब AI.. समृद्ध भविष्य की दिशा में बढ़ते कदम, भारत वैश्विक मंच पर बड़ी ताकत

Wed, 14 Aug 2024 11:26 PM IST
पवन पांडेय जसप्रीत बिंद्रा, अतिथि व्याख्याता, हार्वर्ड विश्वविद्यालय
जसप्रीत बिंद्रा, अतिथि व्याख्याता, हार्वर्ड विश्वविद्यालय Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 14 Aug 2024 11:26 PM IST
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सार
हरित क्रांति, इसरो और अब एआई जैसे-जैसे देश नवाचार और विकास कर रहा है, वैसे-वैसे भविष्य में अपार संभावनाएं बढ़ती चली जा रही हैं। एआई भारत के उज्ज्वल और अधिक समृद्ध भविष्य की दिशा में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए तैयार है। 
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India's 78th Independence Day and the Role of AI in India's Technological Development
समृद्ध भविष्य की दिशा में बढ़ते भारत के कदम - फोटो : ANI

विस्तार

भारत अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। राष्ट्र उस लचीलेपन, प्रगति और नवाचार के प्रमाण के रूप में खड़ा है, जिसने 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से इसकी यात्रा को आकार दिया था। भारत दशकों से सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे नए स्वतंत्र देश से प्रौद्योगिकी और नवाचार में एक उभरते हुए वैश्विक नेता के रूप में विकसित हुआ है। 


प्रारंभिक तकनीकी प्रगति के प्रमुख उदाहरण 
भारत का तकनीकी विकास आत्मनिर्भरता और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की स्थापना पर ध्यान देने के साथ शुरू हुआ था। 1960-70 के दशक में हरित क्रांति ने कृषि क्षेत्र में बदलाव लाया, तो 1969 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की स्थापना हुई, जिसने अंतरिक्ष अन्वेषण में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। ये प्रारंभिक तकनीकी प्रगति के प्रमुख उदाहरण हैं। 


वैश्विक आईटी केंद्र के रूप में भारत की पहचान
भारतीय अर्थव्यवस्था का 1991 का उदारीकरण एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जिससे निजी क्षेत्र की क्षमताएं उभरीं और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) जैसे उद्योगों का तेजी से विकास हुआ। आज भारत को वैश्विक आईटी केंद्र के रूप में पहचाना जाता है। बंगलूरू, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में दुनिया की अग्रणी आईटी कंपनियां मौजूद हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) भारत में जारी तकनीकी क्रांति की महत्वपूर्ण शक्ति बनकर उभरी है। सरकार का जोर परिवर्तनकारी तकनीक के रूप में एआई को लेकर राष्ट्रीय एआई रणनीति जैसी पहलों में स्पष्ट है, जिसका उद्देश्य भारत को एआई अनुसंधान और विकास में एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करना है।

तमाम क्षेत्रों में एआई का लाभ
कृषि और स्वास्थ्य सेवा से लेकर शिक्षा तथा शासन तक के क्षेत्रों में एआई का लाभ उठाया जा रहा है, जिससे दक्षता, सटीकता और पहुंच बढ़ रही है। कृषि क्षेत्र में एआई संचालित उपकरण किसानों को पूर्वानुमानित विश्लेषण और सटीक कृषि तकनीकों के माध्यम से फसल की पैदावार बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवा में एआई निदान, उपचार योजना और रोगी देखभाल में क्रांति ला रहा है, जिससे उन्नत चिकित्सा सेवाएं ग्रामीण आबादी के लिए भी सुलभ हो गई हैं। शिक्षा क्षेत्र में एआई संचालित व्यक्तिगत शिक्षण प्लेटफार्म छात्रों की व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करते हैं।

गर्व और प्रेरणा से भरी हुई है देश की यात्रा
इसके अलावा, शासन में एआई का एकीकरण प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित कर रहा है, सेवा वितरण में सुधार कर रहा है और डाटा संचालित निर्णय लेने में सक्षम बना है। एआई सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा और शहरीकरण जैसी चुनौतियों के समाधान की दिशा में भारत के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्वतंत्रता से लेकर तकनीकी कौशल तक देश की यात्रा गर्व और प्रेरणा से भरी हुई है। अब इसमें एआई की भूमिका समावेशी वृद्धि और विकास के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जैसे-जैसे देश नवाचार और विकास कर रहा है, वैसे-वैसे भविष्य में अपार संभावनाएं बढ़ती चली जा रही हैं। एआई भारत के उज्ज्वल और अधिक समृद्ध भविष्य की दिशा में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

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