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फिर से जीवन के पटरी पर लौटने की उम्मीद
Fri, 01 Jan 2021 08:07 AM IST
मीराबाई चानू
मीराबाई चानू
मीराबाई चानू
Published by: मीराबाई चानू
Updated Fri, 01 Jan 2021 08:07 AM IST
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ओलंपिक मशाल
मुझे उम्मीद है कि नया साल महामारी से मुक्त होगा और हम सभी फिर से पुरानी जिंदगी की ओर लौट सकेंगे। युवा हों या बुजुर्ग सभी को न सिर्फ सब्र रखना होगा, बल्कि अनुशासन के साथ इस महामारी का सामना करना है। पूरी दुनिया में जिस तरह कोरोना को दूर भगाने के लिए वैक्सीन का निर्माण हो रहा है, उससे उम्मीद है जीवन फिर से पटरी पर लौटेगा। कोरोना ने खेलों की दुनिया को बुरी तरह प्रभावित किया है। खिलाड़ी भी घरों में कैद होकर रह गए। युवाओं से मैं यही कहना चाहूंगी कि घर में भी रहकर वे अपने शरीर को चलाते रहें, जैसा मैंने लॉकडाउन के दौरान एनआईएस, पटियाला के अपने हॉस्टल के कमरे में किया। मैं फोन पर अपने कोच विजय शर्मा के संपर्क में रही और उनके दिशा-निर्देशों का पालन करती रही।
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कोरोना ने जब दस्तक दी, तब मेरी टोक्यो ओलंपिक की तैयारियां चरम पर थीं। जब महामारी के चलते ओलंपिक को 2021 के लिए खिसका दिया गया, तो हर खिलाड़ी की तरह मुझे भी थोड़ा धक्का लगा। सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं। एक पेशेवर खिलाड़ी की तैयारियां अलग तरह की होती हैं। उसे अपने सर्वश्रेष्ठ को ओलंपिक जैसे आयोजन के लिए बचाकर रखना होता है। मैं भी अपने सर्वश्रेष्ठ की ओर बढ़ रही थी, लेकिन ठीक है, अब मैं इसे सकारात्मक रूप से ले रही हूं। हालांकि वेटलिफ्टिंग ऐसा खेल है कि अगर आपने तैयारी बंद कर दी, तो शून्य पर पहुंचने में देर नहीं लगती है। लॉकडाउन के बाद जब एनआईएस में दोबारा ओलंपिक की तैयारियों का कैंप शुरू हुआ, तो मैंने फिर से तैयारियां शुरू कीं। लेकिन मुझे थोड़े दिन बाद पीठ में दर्द का एहसास हुआ। मुझे लगा, मेरी पुरानी चोट फिर से उभर आई है। ठीक ऐसा ही हुआ। मैंने कोच विजय शर्मा से बात की, उन्होंने इस बारे में फेडरेशन को अवगत कराया। इस तरह अमेरिका में मेरे इलाज का इंतजाम कराया गया। अब मैं वापस लौट आई हूं।
दरअसल वजन उठाने वाले खेल वेटलिफ्टिंग में एक दिन भी ट्रेनिंग छोड़ने का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। पर अब मैं आश्वस्त हूं। मैं युवा खिलाड़ियों से कहना चाहती हूं कि कितनी भी विपरीत परिस्थतियां हों, उन्हें सकारात्मक ढंग से लें। मुझे याद है, लॉकडाउन के दौरान मेरी मां मणिपुर में थीं और वह फोन पर रोजाना मुझसे कहती थीं, बेटा, मास्क पहन रखा है न, कहीं बाहर तो नहीं जा रही हो। मैं हमेशा मास्क लगाती हूं। अपने और अपने उपकरण को सैनिटाइज करती हूं, तब ट्रेनिंग शुरू करती हूं। मुझे विश्वास है वैक्सीन आने के बाद सब ठीक हो जाएगा। देश और दुनिया में खेलों के मैदान में दोबारा फिर से चहल-पहल होगी।
(पद्मश्री, खेल रत्न पुरस्कार प्राप्त और वेटलिफ्टिंग में पूर्व विश्व चैंपियन हैं।)