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चुनाव: जनता ने अपने मुद्दों पर वोट किया और गलत साबित हुए तमाम एग्जिट पोल

Wed, 05 Jun 2024 07:39 AM IST
manisha priyam मनीषा प्रियम
Updated Wed, 05 Jun 2024 07:39 AM IST
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सार
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने अपना परचम बुलंद रखा है। हालांकि एग्जिट पोल ने यह कहा था कि भाजपा बंगाल में बहुत अच्छा करेगी, लेकिन एग्जिट पोल गलत हुए। यही नहीं, एग्जिट पोल का यह दावा कि भाजपा अपने दम पर 300 से ज्यादा सीटें जीतेगी और भाजपा अपने गठबंधन के साथ 370 के पार रहेगी।
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Election Result 2024 voting Trends Issues like Ram Mandir and opposition parties strategies
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala

विस्तार

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में भाजपा के इंजन को झटका दे दिया है। यह कहना उचित होगा, यद्यपि राहुल गांधी को यूपी में सीटें तो ज्यादा नहीं थीं, पर उन्होंने अखिलेश यादव के साथ प्रचार की कमान संभाली। यूपी में एक तरफ जहां   भाजपा के लिए राममंदिर का निर्माण और हिंदुत्व पर केंद्रित राजनीति प्रखर रही, वहीं, अखिलेश व राहुल ने संविधान, किसान और नौजवान के नारों को प्रबल किया।

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने अपना परचम बुलंद रखा है। हालांकि एग्जिट पोल ने यह कहा था कि भाजपा बंगाल में बहुत अच्छा करेगी, लेकिन एग्जिट पोल गलत हुए। यही नहीं, एग्जिट पोल का यह दावा कि भाजपा अपने दम पर 300 से ज्यादा सीटें जीतेगी और भाजपा अपने गठबंधन के साथ 370 के पार रहेगी। ये बातें भी गलत साबित हुई हैं। एग्जिट पोल करने वालों को अपनी पद्धति और आंकड़ों, दोनों का ही पुनरावलोकन करना चाहिए।



राहुल गांधी, जिन्हें कहा जाता था कि वह नरेंद्र मोदी का सामना नहीं कर सकते, उन्होंने भी अपने नेतृत्व का प्रदर्शन किया और अपने राजनीतिक चरित्र को सच्चे मन से दर्शाया। महाराष्ट्र में भी महाविकास अघाड़ी, जिसमें कांग्रेस, शरद पवार और उद्धव ठाकरे शामिल थे, उसने अच्छा प्रदर्शन किया। ओडिशा में क्षेत्रीय दल बीजद का प्रदर्शन बहुत बुरा रहा। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि यह चुनाव भारत की कई भाषाओं में लड़ा गया है। किसी भी दल का अपना दबदबा बना नहीं रहा है। लोगों ने गरीबी और स्थानीय मुद्दों को राजनीति के हाशिये से राजनीति के केंद्र में ला दिया है। यह एक परिपक्व जनमत है।

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