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चलन : एआई गर्लफ्रेंड के साथ भी हिंसा, कल्पित संसार के अतृप्त बियाबान में अपने ही सवालों से मुठभेड़

Wed, 11 Jun 2025 07:45 AM IST
Kshama Sharma क्षमा शर्मा
Updated Wed, 11 Jun 2025 07:45 AM IST
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सार
महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा तो एक समस्या थी ही, अब लोग एआई गर्लफ्रेंड के साथ भी मार-पीट और मानसिक हिंसा कर रहे हैं।
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Domestic violence against women was already problem, now people mental violence against their AI girlfriends
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : फ्रीपिक

विस्तार

अपने यहां घरेलू हिंसा महिलाओं की बड़ी समस्या है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ तरह-तरह के अपराधों में दिल्ली शीर्ष पर है। यह आंकड़ा प्रति लाख महिलाओं पर 144.4 है। इस मामले में बंगाल सबसे निचले पायदान पर है। वहां एक लाख महिलाओं पर यह आंकड़ा 71.8 है। संविधान ने चाहे महिलाओं को बराबर के अधिकार दिए हों, लेकिन न केवल पुरुषों, बल्कि समाज की नजर में भी महिलाएं बराबर नहीं हैं। कई साल पहले एक अखबार में रिपोर्ट छपी थी कि पति द्वारा पिटाई को न केवल सास, बल्कि वह महिला भी सही मानती है, जिसके प्रति हिंसा हुई। इस रिपोर्ट में बहुत-सी उन महिलाओं का उल्लेख किया गया था, जिन्होंने कहा था कि अगर पत्नी पति को समय पर खाना नहीं देगी, उसका मनपसंद खाना नहीं बनाएगी, जुबान चलाएगी, तो पति का मारना जायज है।


घरेलू हिंसा से अधिकांश महिलाएं पीड़ित रहती हैं। इनमें भी गरीब वर्ग की महिलाओं को ज्यादा झेलना पड़ता है। महिलाओं के प्रति हिंसा का बड़ा कारण शराब का अधिक से अधिक बढ़ता उपयोग है। अनेक महिलाएं ऐसी हैं, जो परिवार चलाने के लिए काम करती हैं, लेकिन उनके पैसे शराब के लिए पति द्वारा छीन लिए जाते हैं। बात-बात पर महिलाओं की पिटाई तो मामूली बात है।


अमेरिका में 22 प्रतिशत महिलाओं को अपने पति या पार्टनर की घरेलू हिंसा का शिकार होना पड़ता है। इनमें से भी चालीस प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं, जो इस तरह की हिंसा की कहीं शिकायत भी नहीं करतीं। ब्रिटेन में चार में से एक महिला घरेलू हिंसा का शिकार है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि इकहत्तर देशों के विभिन्न अध्ययनों में पाया गया कि इथोपिया में महिलाओं के खिलाफ सबसे अधिक हिंसा होती है। भारत में 2019 से 2021 तक 28.5 प्रतिशत महिलाओं को शारीरिक हिंसा झेलनी पड़ी। 13.1 प्रतिशत को मानसिक हिंसा और 5.7 प्रतिशत को यौन हिंसा का सामना करना पड़ा। इन आंकड़ों को देखने पर लगता है कि चाहे विकसित देश हों या विकासशील देश या बेहद गरीब देश, स्त्रियों की तकदीर में हिंसा लिखी हुई है।

सोचा तो यह जाता है कि ज्यों-ज्यों शिक्षा बढ़ेगी, तकनीकी विकास होगा, महिलाओं के प्रति सोच बदलेगी। लेकिन अमेरिका हो या ब्रिटेन अथवा भारत, महिलाएं हिंसा झेलने के लिए अभिशप्त हैं। सबसे अफसोसनाक बात यह है कि पुरुषों या पति द्वारा पिटाई और तरह-तरह की हिंसा को आज तक समाज ने स्वीकृति प्रदान कर रखी है। अरसे तक ऐसी हिंदी फिल्में भी बनती रही हैं, जिनका काम स्त्री को त्याग की प्रतिमूर्ति दिखाना और पुरुष की हिंसा को जायज ठहराना रहा है। ऐसी पुस्तकें भी उपलब्ध हैं, जो स्त्री को काबू करने के लिए उसके प्रति की गई हिंसा को जायज ठहराती हैं।

हम इक्कीसवीं सदी में हैं। कहा जाता है कि बीसवीं सदी ने जो विकास के मानक स्थापित किए, वे पहले नहीं देखे गए। अस्सी - नब्बे के दशक में जब टीवी और कंप्यूटर का फैलाव हुआ, इंटरनेट आया, मोबाइल, मेल, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक घर-घर पहुंच गए। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) यानी कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का बोलबाला है। तकनीक जहां विकास को गति देती है, वहीं वह हिंसा के तरह-तरह के रूप ईजाद करती हैं। जैसे कि डिजिटल जगत में डिजिटल रेप और तरह-तरह के अपराधों को अंजाम दिया जाता है। वैसा ही कुछ एआई के साथ हो रहा है।

अब लोग एआई गर्लफ्रेंड खरीद रहे हैं। बताया जाता है कि इन्हें अकेले लोगों की सहायता के लिए विकसित किया गया है, जिनके जीवन में स्त्रियां नहीं हैं, जो अकेलेपन से परेशान हैं।

लेकिन देखा गया है कि इसका उपयोग करने वाले, इन कल्पित महिलाओं के साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं, जैसा कि वे अपनी वास्तविक महिला मित्रों या पत्नियों के साथ करते। वे उनके साथ मार-पीट और मानसिक हिंसा कर रहे हैं। यौन अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे लोग कह रहे हैं कि वे देखना चाहते हैं कि क्या इन्हें गुस्सा आता है। अवसाद होता है। यौन संबंधों में अतृप्ति महसूस होती है।

ऐसे ही एक आदमी ने कहा कि यदि वह कहता है कि तुम किसी काम की नहीं हो, तो उसे कैसा लगता है। दूसरे ने कहा कि वह यह देखना चाहता है कि अगर किसी स्त्री को आप लगातार बेइज्जत करें, तो उसे कैसा महसूस होता है। आने वाले दिनों में अगर कोई एआई ऐसा करने लगे, जवाब देने लगे, तो क्या होगा? विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसा करना उन लोगों के लिए घातक है। यदि भविष्य में उनका कोई संबंध बनेगा, तो शायद वे उनके साथ भी ऐसा ही करेंगे। आखिर इतना गुस्सा और हिंसक व्यवहार आता कहां से है!
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