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वाणिज्य: अब बाजार का अनुभव बदल गया है; घर पर मिनटों में पहुंच रहा जरूरी सामान

Tue, 12 May 2026 08:20 AM IST
Pavan मधुरेन्द्र सिन्हा
मधुरेन्द्र सिन्हा Published by: Pavan Updated Tue, 12 May 2026 08:20 AM IST
सार

अब ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी क्विक कॉमर्स कंपनियां मिनटों में जरूरी सामान को घरों तक पहुंचाकर देश के रोजगार क्षेत्र के साथ बाजार के स्वरूप को भी बदल रही हैं। भारत में स्मार्टफोन एवं इंटरनेट सस्ते होने से लोगों के सोचने व खरीदारी के तरीके बदलने के चलते यह बाजार तेजी से बढ़ रहा है।

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Commerce: The market experience has changed; essential goods are delivered to homes within minutes.
अब बाजार का अनुभव बदल गया है - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत में उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री लंबे समय से हो रही थी, लेकिन जब कोविड महामारी फैली, तो फिर इसमें जबर्दस्त तेजी आई। तब लोगों को समझ में आया कि आपूर्ति शृंखला का प्रबंधन क्या जादू कर सकता है। कच्चे माल की आपूर्ति, कारखानों में तैयार उत्पादों को डीलरों तक भेजना और फिर ग्राहकों तक पहुंचाना, इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। आज देश के किसी भी कोने से कहीं भी कोई सामान खरीदा-बेचा जा सकता है और यह कमाल कर रही हैं ई-कॉमर्स कंपनियां। इन्होंने देश ही नहीं, दुनिया में व्यापार करने का तरीका बदल दिया।
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यह ऐसा व्यापार है, जिसमें ग्राहकों को विक्रेता का पता नहीं होता, पर यह यकीन होता है कि उसे सही चीज सही कीमत पर मिल रही है। अगर पसंद नहीं है, तो सामान वापस। इसके अलावा सुरक्षित भुगतान। यानी ग्राहकों को मालूम है कि उसका पैसा सुरक्षित है। इनकी डिलिवरी भी बहुत तेज और समय पर होती है। यह ऐसी दुनिया है, जिसमें ग्राहक राजा है, क्योंकि उसे एक ही चीज के सैकड़ों विकल्प मिलते हैं। यही कारण है कि 2024 में भारत का ई-कॉमर्स बाजार 147.3 अरब डॉलर का हो गया और इसमें 18.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसमें अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, मिंत्रा, जियो मार्ट, टाटा क्लिक वगैरह ऐसी कंपनियां हैं, जो अरबों रुपये का सामान बेचती हैं और उनके ग्राहक लगातार बढ़ते हैं।
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भारत में स्मार्टफोन एवं इंटरनेट सस्ते होने से लोगों के सोचने व खरीदारी के तरीके बदलने के चलते यह बाजार तेजी से बढ़ रहा है। ये कंपनियां सुई से लेकर मोटर कार तक ऑनलाइन बेच रही हैं। अब इनकी पैठ छोटे शहरों तक हो गई है। उम्मीद है कि 2027 तक ई-कॉमर्स के 40 करोड़ ग्राहक होंगे। एक अनुमान है कि 2030 तक इनकी कुल बिक्री 250 से 300 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी। इसने देश में खपत को बढ़ावा दिया है, जिसका सकारात्मक असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ा है।
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स्वदेशी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट की शुरुआत एक किताबों की दुकान के रूप में हुई थी, जो एक व्यापक ऑनलाइन बाजार के रूप में विकसित हुई। इसने कैश ऑन डिलीवरी (सीओडी) जैसी क्रांतिकारी सुविधाएं पेश कीं, जिन्होंने ऑनलाइन खरीदारी को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई।

व्यापार के इस खेल मे अब क्विक कॉमर्स कंपनियां भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। ब्लिंकिट, इंस्टामार्ट, जेप्टो जैसी कंपनियां मिनटों में जरूरी सामान ग्राहकों के घर पर पहुंचा देती हैं। इसी का नतीजा है कि ये ई-कॉमर्स कंपनियों को भी अब टक्कर दे रही हैं। इनके कारोबार में वृद्धि सालाना 40 फीसदी की दर से हो रही हैं और एक मोटे अनुमान के अनुसार, इस साल इनका कुल कारोबार लगभग सात अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। कॉर्नेल एससी जॉनसन की रिपोर्ट के मुताबिक, क्विक कॉमर्स का भारत में कारोबार इस साल (2026) बढ़कर 65,645.40 करोड़ हो गया है। 2022 की तुलना में यह बढ़ोतरी 24 गुना है। बेन ऐंड कंपनी की एक रिपोर्ट बताती है कि क्विक कॉमर्स कंपनियों के ऑर्डर 2024 में उल्लेखनीय तरीके से बढ़े। देश के कुल ऑनलाइन ग्रॉसरी ऑर्डर का दो-तिहाई क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म से हुआ था।

ई-कॉमर्स बाजार में क्विक कॉमर्स कपंनियों ने पकड़ बना ली है, क्योंकि लोगों की आय में बढ़ोतरी हो रही है। हमारा ई-कॉमर्स परिदृश्य देश की दृढ़ता, नवाचार और उद्यमशीलता की भावना का प्रमाण है। अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनियों से लेकर सिख एक्सेसरीज डॉट कॉम जैसे विशिष्ट प्लेटफॉर्म तक, ने उपभोक्ता अनुभव को नया रूप देने और बाजार तक पहुंच बढ़ाने में अपना अनूठा योगदान दिया है।


सबसे बड़ी बात है कि ये कंपनियां बड़े पैमाने पर रोजगार दे रही हैं। पीआईएफ फाउंडेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों ने पिछले साल 1.58 करोड़ लोगों को रोजगार दिया है। इनमें 35 लाख महिलाएं हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां आम वेंडरों की तुलना में 54 फीसदी ज्यादा लोगों को रोजगार देती हैं। थ्री टायर शहरों में ग्राहक औसतन 5,000 रुपये से ज्यादा की ऑनलाइन खरीदारी कर रहे हैं, जो बड़े शहरों से कहीं ज्यादा है। ई-कॉमर्स कंपनियां सिर्फ डिलिवरी बॉय ही नहीं नियुक्त करतीं, बल्कि स्किल्ड लोगों को भी रोजगार देती हैं। ये कंपनियां वेयर हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल और टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट, फाइनेंस वगैरह में भी बड़े पैमाने पर रोजगार दे रही हैं। आने वाले समय में इस क्षेत्र में रोजगार और बढ़ेगा, इनका कारोबार भी बढ़ रहा है। ई-कॉमर्स कंपनियां सुनियोजित तरीके से काम करती हैं।  - edit@amarujala.com
 
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