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पर्यावरण: ई-मेल का कार्बन फुटप्रिंट, अनावश्यक इस्तेमाल में कटौती की दरकार
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो :
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विस्तार
क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी हर एक ई-मेल भी जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार है? हर ई-मेल, जो आप भेजते हैं या जिसे आप पढ़ते हैं, उनका कार्बन फुट प्रिंट है। यानी ई-मेल के आदान-प्रदान से ग्रीन हाउस गैस का उत्सर्जन होता है। यह इस बात पर निर्भर है कि आप कितनी लंबी ई-मेल भेज रहे हैं, कहां भेज रहे हैं, और इसमें जो अटैचमेंट संलग्न है, वह कितना बड़ा या छोटा है।
एक छोटी-मोटी दो-तीन पंक्तियों की ई-मेल से 0.3 x 53=15.9 ग्राम ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जित होती है। हर दिन करोड़ों ई-मेल का अदान-प्रदान होता है, जो दिखाता है कि पर्यावरण पर हमारे इनबॉक्स के कारण चिंताजनक प्रभाव पड़ता जा रहा है। ईको2ग्रीटिंग्स द्वारा जारी रिपोर्ट – 'ई-मेल के पर्यावरण पर प्रभाव' के अनुसार एक औसत ई-मेल करने वाला व्यक्ति एक साल में लगभग 136 किलोग्राम CO2e (कॉर्बन डाईऑक्साइड इक्विवेलेंट) का उत्सर्जन करता है, जो गैस से चलने वाली कार में 200 मील की दूरी तय करने के समान है। अगर ब्रिटेन के प्रत्येक नागरिक प्रतिदिन केवल एक ई-मेल कम भेजें, तो प्रति वर्ष 16,433 टन कार्बन बचाया जा सकता है, जो लंदन से मैड्रिड तक की 81,152 फ्लाइट या उड़ानों से होने वाले उत्सर्जन के बराबर है।
केवल एक टेक्स्ट या लिखित संदेश, जिसमें कोई फोटो या अटैचमेंट न हो, वाला ई-मेल भेजने से चार ग्राम CO2e का उत्सर्जन होता है, क्योंकि हर एक ई-मेल को भेजने के लिए बिजली की आवश्यकता होती है। यह सिर्फ आपके फोन, कंप्यूटर या राउटर को पावर (बिजली की आपूर्ति) देने में ही नहीं है, बल्कि उन्हें भेजने के लिए आवश्यक उपकरण और बुनियादी ढांचे के निर्माण में भी है। स्पैम ई-मेल केवल 0.3 ग्राम CO2e उत्सर्जित करती हैं, लेकिन कई अटैचमेंट वाले ई-मेल के लिए यह प्रभाव बढ़कर 50 ग्राम हो जाता है।
इस काम के लिए एक ऑनलाइन ई-मेल कार्बन कैलकुलेटर भी विकसित किया गया है- https://www.cwjobs.co.uk/insights/environmental-impact-of-emails/#resultContainer, जिस पर जाकर आप अपनी ई-मेल के जरिये होने वाले कार्बन उत्सर्जन के बारे में जान सकते हैं। किसी सामान्य दफ्तर में काम करने वाले औसत कर्मचारी को प्रतिदिन 126 ई-मेल आते हैं, जिनमें लगभग 50 फीसदी स्पैम होते हैं। अगर ये माना जाए कि जो संदेश स्पैम नहीं हैं, उनमें से एक चौथाई में कई अटैचमेंट हैं, तो इसका मतलब प्रतिदिन होने वाला उत्सर्जन 825.9 ग्राम होगा। मिसाल के तौर पर ब्रिटेन में, प्रत्येक वर्ष में काम किए गए दिनों की संख्या पर विचार करते हैं (आमतौर पर 223), तो यह 184 किलोग्राम, या 0.184 टन का वार्षिक प्रभाव देता है। इसकी तुलना में तंजानिया का नागरिक प्रति वर्ष केवल 0.18 टन कार्बन उत्सर्जन करता है।
सिर्फ ई-मेल भेजने या प्राप्त करने से ही नहीं, बल्कि उन्हें सर्वर पर संग्रहीत करने से भी कार्बन उत्सर्जन होता है। भले ही ऐसा लगता न हो, लेकिन क्लाउड दरअसल विशाल सर्वर है, जो किसी भी क्षण हमारे द्वारा एक्सेस करने के लिए डाटा स्टोर करता है, और ये बड़े डाटा केंद्र प्रत्येक दिन भारी मात्रा में जीवाश्म ईंधन का उपभोग करता है।
इसका स्थायी समाधान डाक के माध्यम से हस्तलिखित पत्र भेजने की तरफ वापस जाना नहीं है, जिन्हें भेजने की आवश्यक सामग्री और परिवहन के कारण बहुत अधिक पर्यावरणीय प्रभाव होता है, बल्कि इस पर विचार करना कि क्या आपके द्वारा भेजे जा रहे ई-मेल वास्तव में आवश्यक हैं। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सामूहिक कार्रवाई से पर्यावरण पर भी असर पड़ेगा। अपने प्रभाव को कम करने और दुनिया को हरा-भरा बनाने के लिए कुछ सुझाव हैं, जिन पर विचार किया जा सकता है- 1. अपना स्पैम इनबॉक्स नियमित साफ करें; 2. धन्यवाद, जैसे औपचारिक ई-मेल न भेजें; 3. अवांछित ई-मेल को अनसब्सक्राइब करें; 4. इस पर विचार करें कि क्या अटैचमेंट जोड़ना आवश्यक है या नहीं; 5. अपने प्रभाव को समझने के लिए ई-मेल कार्बन कैलकुलेटर का उपयोग करें।