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आत्मविश्वास: स्वयं पर भरोसा करें और अपनी कहानी रचें, आंखें सितारों पर और पैर जमीन रखिए
Mon, 28 Oct 2024 07:44 AM IST
शुभम कुमार
लियो टॉल्सटॉय
लियो टॉल्सटॉय
Published by: शुभम कुमार
Updated Mon, 28 Oct 2024 07:44 AM IST
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सार
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आत्मविश्वास
- फोटो :
ANI
विस्तार
बचपन से युवा होने के क्रम में हमारी आत्मा पहली बार सवाल उठाती है कि मैं कौन हूं, मैं क्यों जीता हूं और सबसे गौर करने वाला प्रश्न-क्या मैं ठीक से जीता हूं और मेरे आसपास के लोग ठीक से जीते हैं? इन सारे प्रश्नों का जवाब हमें जाने-अनजाने मिलता रहता है, लेकिन जैसे ही आप खुद पर भरोसा करेंगे, बचपन से मिलने वाले जवाबों से आप असहमत होंगे। मुझे अब भी याद है, मैं करीब पंद्रह साल का बहुत ही आज्ञाकारी बच्चा था, जो दूसरों के विचारों से घिरा रहता था। और एक दिन मैंने पहली बार महसूस किया कि मुझे खुद से सोचने और जीने की जरूरत है, अपना रास्ता स्वयं चुनना है, अपने जीवन की जिम्मेदारी खुद लेनी है।मुझे याद है कि उस समय भले ही अस्पष्ट रूप से, लेकिन गहराई से मैंने महसूस किया था कि मेरे जीवन का मुख्य उद्देश्य निस्वार्थता और प्रेम के अर्थ में अच्छा होना है। मुझे याद है कि उस समय मैंने अपने तरीके से जीने की कोशिश की, लेकिन यह लंबे समय तक नहीं चल सका, क्योंकि मुझे खुद पर भरोसा नहीं था। इसका मुख्य कारण था मेरे आसपास का माहौल, जो प्रभावशाली, अहंकारी और कुशाग्र बुद्धि वाले लोग मेरे ऊपर थोप रहे थे। और इस तरह मेरी चेतना उन लोगों की तरह हो गई, जो धन, प्रसिद्धि और ताकत के पीछे भाग रहे थे। यानी मैं न चाहते हुए भी इन चीजों को मूल्यवान मानने लगा था।
उस वक्त मुझे स्वयं पर विश्वास नहीं था, और इन सांसारिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक उम्र बिताने के बाद, मैंने पाया कि खुद की बातें न सुनना अक्सर नुकसानदेह रहा है। हमें स्वयं पर विश्वास करना चाहिए और अपने बनाए गए रास्तों से ही लक्ष्यों तक पहुंचने का प्रयास करना चाहिए। और यह प्रत्येक मनुष्य के लिए जरूरी है। हमें एक बात हमेशा याद रखनी होगी कि बाहरी सुझावों से प्रभावित हुए बिना, स्वतंत्र रूप से और ईमानदारी से अपने जीवन के महत्व की चेतना के प्रति जागृत हों।
उन लोगों पर विश्वास न करें, जो आपके सपनों में अलग से कहानी जोड़कर उसे बर्बाद कर देते हैं। हमें अपनी कहानी स्वयं रचने की जरूरत है, जो मौजूदा समाज के जीवन के साथ तालमेल बिठाकर समाज को एक उपयोगी उपहार देने का प्रयास करती हो। हमारे समाज में बहुत से विद्वान और प्रसिद्ध लोग हैं, उन पर भी आंखें बंद करके विश्वास नहीं करना चाहिए, क्योंकि हर रास्ते विद्वान और प्रसिद्ध लोग नहीं बता सकते, कुछ रास्ते आपकी आत्मा में अंकित होते हैं। अगर प्रत्येक व्यक्ति में यह अनुभूति आ जाए, तो एक बेहतर समाज का निर्माण होगा।
अपने आप पर भरोसा रखते हुए और अपनी सारी शक्तियों को अपने उद्देश्य में लगाने के लिए जिएं, आप देखेंगे कि आपके भीतर वह क्षमता उत्पन्न हो जाएगी, जिससे आप वह सब कुछ हासिल कर सकेंगे, जो विश्व कल्याण के लिए फायदेमंद होगा।
आंखें सितारों पर रखिए
खुद पर भरोसा रखें। अपने आप को ऐसा बनाएं कि आप जीवन भर खुश रहें। संभावनाओं की छोटी-छोटी आंतरिक चिंगारियों को उपलब्धि की लपटों में बदलकर खुद का अधिकतम लाभ उठाएं। खुद पर विश्वास करने में वास्तविक रचनात्मक जादू है, जो आपको हर कार्य में सफल होने में सक्षम बनाएगा। आंखें सितारों पर और अपने पैर जमीन पर रखें।