फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Literature ›   Life is a game in which there are many rules, but no referee

'जीवन ऐसा खेल है, जिसमें नियम कई हैं, पर रेफरी कोई नहीं'

Mon, 12 Mar 2018 05:23 PM IST
जोसेफ ब्रॉड्स्की
जोसेफ ब्रॉड्स्की Updated Mon, 12 Mar 2018 05:23 PM IST
विज्ञापन
Life is a game in which there are many rules, but no referee
Joseph Brodsky

किताबें नहीं पढ़ना, उन्हें जलाने से बड़ा अपराध है। कवियों को पढ़ने या सुनने में विफल रहने के कारण समाज स्वयं को अभिव्यक्ति के निचले स्तर पर ले जाता है।

विज्ञापन


दूसरे शब्दों में वह अपनी विकासवादी क्षमता को खो बैठता है। भाषा का उपहार ही हमें अन्य जीवों से अलग करता है। कविता मनोरंजन का एक रूप नहीं है और विशिष्ट अर्थों में यह कला का भी एक रूप नहीं है, बल्कि यह हमारा आनुवंशिक लक्ष्य है। यह विकासवादी, भाषायी प्रकाशस्तंभ है।
विज्ञापन


जिस समय मैं लिखता या पढ़ता नहीं हूं, उस समय लिखने-पढ़ने के बारे में ही सोचता रहता हूं। लेखक के लिए देशभक्ति का एक ही रूप है-भाषा के प्रति उसका रवैया। एक कवि का समाज के प्रति अगर कोई दायित्व है, तो वह है श्रेष्ठ लेखन करना। इसके अलावा उसके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इसमें विफल रहने पर वह विस्मृति में डूब जाता है। दूसरी तरफ समाज का कवियों के प्रति कोई दायित्व नहीं होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


समाज के पास कविता पढ़ने के अलावा अन्य विकल्प भी होते हैं, भले ही कविता कितनी ही अच्छी क्यों न हो। किसी भी मनुष्य को अपने बारे में दो या तीन चीजें जरूर जाननी चाहिए-क्या वह कायर है, क्या वह ईमानदार है, क्या वह एक महत्वाकांक्षी आदमी है। पहले इसी आधार पर खुद को परिभाषित करना चाहिए, फिर संस्कृति, जाति और पंथ के संदर्भ में। जिस क्षण आप किसी पर दोष मढ़ते हैं, उसी क्षण आप बदलाव के प्रति अपने संकल्प कमजोर करते हैं। जीवन ऐसा खेल है, जिसके नियम तो कई हैं, पर कोई रेफरी नहीं है।
-नोबेलजयी साहित्यकार

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed