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कहानी प्रेम, परिवार और पैसे की

Fri, 22 Dec 2017 05:29 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
टीम डिजिटल/ अमर उजाला Updated Fri, 22 Dec 2017 05:29 PM IST
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inspirational story: love, family and money which one is important

प्रेम के पिता जी एक फैक्टरी में नौकरी करते थे। उसकी मां लोगों के घर का काम करके कुछ पैसे कमाकर लाती थी। पति-पत्नी कड़ी मेहनत सिर्फ इसलिए करते थे कि प्रेम पढ़-लिखकर अच्छी नौकरी कर सके। प्रेम भी एक आदर्श बेटे की तरह मन लगाकर पढ़ाई करता था। बारहवीं पास करने के बाद प्रेम आईटीआई में पढ़ाई करने लगा। 

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कुछ ही समय बाद उसे नौकरी मिल गई। प्रेम की कमाई से धीरे-धीरे उसके माता-पिता को राहत मिली। कुछ ही वर्षों में प्रेम ने अपना घर बना लिया, और फिर एक गाड़ी भी ले ली। प्रेम अपने काम में इतना ज्यादा मशरूफ रहता कि उसके पास माता-पिता के लिए जरा भी समय न बच पाता। जब भी माता-पिता उससे उसकी व्यस्तता के बारे में पूछते, तो वह कहता, मैं यह सब आपके लिए ही तो कर रहा हूं। प्रेम की जब भी एक ख्वाहिश पूरी हो जाती, वह दूसरी के पीछे भागने लगता।
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कुछ ही दिनों में प्रेम को विदेश जाने का मौका मिला। वह अपने माता-पिता से यह कहकर विदेश चला गया कि अब मैं आप दोनों को जल्द ही विदेश बुलाऊंगा। लेकिन प्रेम को विदेश में अपना पैर जमाने में कई साल लग गए। इधर माता-पिता की तबीयत भी खराब रहने लगी। जब भी माता-पिता प्रेम से वापस आने को कहते, वह मुस्करा कर जवाब देता कि बस मैं यहां अपना काम समेट लूं, फिर आता हूं। बदले में प्रेम अपने माता-पिता को ढेर सारा पैसा भेज देता और अपने कर्तव्य की इतिश्री समझ लेता। 
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फिर एक दिन प्रेम की मां का फोन आया कि पिता की तबीयत बहुत बिगड़ गई है और वह अस्पताल में भर्ती हैं। प्रेम ने पहले तो खूब सारा पैसा घर भेजा, फिर देश लौटने की तैयारी करने लगा। लेकिन वह जब तक वापस अपने घर पहुंचा, तब तक उसके पिता उससे बहुत दूर जा चुके थे। प्रेम ने अपने जीवन में बहुत कुछ कमाया, लेकिन वह अपनी सारी दौलत देकर भी अपने माता-पिता के साथ सुकून के कुछ पल नहीं बिता सका।

यह जरूरी नहीं कि जिनके पास सब कुछ हो, उनके पास खुशी भी हो।

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