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क्या मध्यप्रदेश में भी लागू होगा ‘गुजरात फॉर्मूला’?

Fri, 24 Oct 2025 06:00 AM IST
Suresh Tiwari सुरेश तिवारी
Updated Fri, 24 Oct 2025 06:00 AM IST
सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लगातार दिल्ली दौरे और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकातों के बाद अटकलें तेज हैं कि बिहार चुनाव के बाद मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल हो सकता है। पार्टी ने कमजोर प्रदर्शन वाले और विवादित मंत्रियों की रिपोर्ट तैयार कर ली है।

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Will the 'Gujarat formula' be implemented in Madhya Pradesh too?
राज और नीति: प्रदेश की सियासी हलचल के पीछे की कहानी बताता कॉलम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों यह आम चर्चा है कि क्या मध्यप्रदेश में भी ‘गुजरात फॉर्मूला’ लागू होगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लगातार हो रहे दिल्ली दौरे को इससे जोड़ा जा रहा है, जहां वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हर बार मिलते हैं। पता चला है कि पार्टी हाई कमान भी मध्य प्रदेश में गुजरात पैटर्न पर बदलाव करने के पक्ष में है। बिहार चुनाव के बाद कभी भी मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल हो सकता है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि इस तरह के बदलाव से सरकार में नई ऊर्जा आएगी और जनता के बीच बेहतर संदेश जाएगा। बताया जा रहा है कि ऐसे कई मंत्री जो या तो बड़बोले माने जाते हैं या जिनका प्रदर्शन ठीक नहीं है, उन्हें हटाया जा सकता है। पार्टी संगठन ने ऐसे मंत्रियों की रिपोर्ट तैयार कर ली है।

पूर्व मुख्य सचिव के बेटे की शादी मुख्यमंत्री के परिवार में
मध्य प्रदेश के कभी मुख्य सचिव रहे गोपाल रेड्डी के बेटे अंशुमन के विवाह का रिसेप्शन आगामी 9 नवंबर को हैदराबाद में होगा। जानकारी के अनुसार जिस परिवार से उनके बेटे की शादी हो रही है उसका संबंध तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से है। बताया गया है कि रेवंत रेड्डी के बड़े भाई की बेटी रचना अब गोपाल रेड्डी की बहू होंगी। बता दें कि गोपाल रेड्डी मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के कार्यकाल के आखिरी 9 दिनों यानी 16 मार्च से 24 मार्च 2020 तक मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव रहे। लेकिन, जैसे ही शिवराज सिंह चौहान फिर से मुख्यमंत्री बने, इकबाल सिंह बैंस फिर से मुख्य सचिव बन गए थे।

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नहीं चल रहे आबकारी विभाग के अधिकारियों के अच्छे दिन
मध्य प्रदेश में आबकारी अधिकारियों के पिछले कुछ महीनों से अच्छे दिन नहीं चल रहे हैं। 2003 के शराब ठेका फर्जीवाड़ा मामले में आबकारी विभाग के सेवानिवृत्त उपायुक्त विनोद रघुवंशी को भोपाल की शाहपुरा पुलिस ने गत दिनों गिरफ्तार किया गया। भोपाल जिला कोर्ट ने उन्हें चार साल की सजा सुनाई थी। राज्य शासन ने प्रभारी उपायुक्त संभागीय उड़नदस्ता रीवा आलोक खरे को पिछले सप्ताह सस्पेंड कर दिया गया। लोकायुक्त पुलिस द्वारा खरे के विरुद्ध की गई छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई थी। लोकायुक्त पुलिस ने आबकारी विभाग द्वारा दी गई अभियोजन की स्वीकृति के बाद इसी माह खरे के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था। इसके चलते शासन ने यह कार्रवाई की है। अलीराजपुर से इसी साल अगस्त में सेवानिवृत्त हुए आबकारी अधिकारी भदौरिया के इंदौर-ग्वालियर के ठिकानों पर मारे गए छापे के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक के नकद मिले हैं। इसके अलावा डेढ़ किलो सोने के बिस्किट, एक किलो सोने के आभूषण, दो किलो चांदी भी लोकायुक्त की टीम ने बरामद की है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इंदौर के दो सहायक आबकारी अधिकारियों राजीव द्विवेदी और सुखनंदन पाठक से इंदौर के फर्जी चालान घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पूछताछ की गई थी।

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ईओडब्ल्यू में चल रही है जांच, सरकार ने फिर दे दी प्रमुख अभियंता को संविदा नियुक्ति!
मध्य प्रदेश सरकार में एक ऐसे प्रमुख अभियंता की संविदा नियुक्ति में वृद्धि कर दी है, जिनके खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में जांच लंबित है। मध्य प्रदेश भवन विकास निगम में संविदा पर चल रहे प्रमुख अभियंता अनिल श्रीवास्तव की सेवा अवधि में फिर वृद्धि कर दी गई है। इस संबंध में जारी आदेश में बताया गया है कि तकनीकी कार्यों के प्रभावी पर्यवेक्षण और सुचारू संचालन हेतु प्रशासकीय सुविधा की दृष्टि से प्रमुख अभियंता मध्य प्रदेश भवन विकास निगम के पद पर नवीन नियुक्ति होने तक अस्थाई रूप से अनिल श्रीवास्तव की संविदा सेवा अवधि में वृद्धि की जाती है। श्रीवास्तव को सेवानिवृत्ति के बाद पिछले 2 साल से प्रमुख अभियंता के रूप में लगातार संविदा नियुक्ति दी जाती रही है। अब लगातार तीसरे साल फिर से संविदा नियुक्ति में वृद्धि करने से विभाग में यह चर्चा होने लगी है कि क्या अब विभाग में कोई योग्य इंजीनियर नहीं बचा है, जिसे इस पद पर बिठाया जा सके।


अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें। 
 

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