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लगातार खराब प्रदर्शन के बाद भी ऋषभ पंत को खिलाए जाने के क्या मायने हैं?

Shivendra Kumar Singh शिवेंद्र कुमार सिंह
Updated Mon, 11 Nov 2019 02:34 PM IST
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Why Rishabh Pant is getting chance after continuous poor performance
ऋषभ पंत - फोटो : ट्विटर

तारीख-9 नवंबर। जगह- नागपुर स्टेडियम का प्रेस बॉक्स। मौका- बांग्लादेश के खिलाफ तीसरे टी-20 मैच की प्री मैच कॉन्फ्रेंस। कप्तान- रोहित शर्मा का बयान। उनका बयान हम जस का तस लिख रहे हैं। सिर्फ पाठकों के लिए हमने उसका अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद कर दिया है।

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रोहित ने कहा- 'ऋषभ पंत पर लोग आजकल काफी ज्यादा बात कर रहे हैं। मुझे लगता है कि उन्हें फील्ड में अपने मन से खेलने देने की आजादी होनी चाहिए। हम सभी लोगों से अपील करना चाहते हैं कि कुछ दिन के लिए ऋषभ पंत से अपना ध्यान हटा लें। पंत अभी 21-22 साल के युवा हैं जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ना चाहता है। मैदान में वो जो भी करता है लोग उसके बारे में बात करने लगते हैं। मुझे लगता है ये ठीक नहीं है। मुझे लगता है कि उसे अपना खेल खेलने देना चाहिए, जब वो अच्छा करता है तो उस पर भी लोगों को ध्यान देना चाहिए। वो हर दिन सीख रहा है। वो वही करता है जो टीम मैनेजेमेंट उसे कहता है। वो बेखौफ होकर खेलने वाला क्रिकेटर है। हम उसे पूरी आजादी देना चाहते हैं। अगर कुछ लोगों का ध्यान उसपर से कुछ दिन के लिए हट जाएगा तो वो और अच्छा करेगा'।

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Why Rishabh Pant is getting chance after continuous poor performance
ऋषभ पंत - फोटो : ट्विटर

यूं तो अमूमन अगर टीम जीत रही हो तो उसके एकाध खिलाड़ियों का खराब प्रदर्शन छुप जाता है। यहां मुसीबत ये है कि अगर आप बंद भी कर लें ऋषभ पंत का प्रदर्शन नजरअंदाज नहीं कर पाएंगे। सौम्य सरकार की गेंद पर जो शॉट खेलने की कोशिश में वो नागपुर टी-20 में बोल्ड हुए उसकी झुंझलाहट उनके चेहरे पर भी थी। इस टी-20 सीरीज से उनके खाते में कुल 33 रन हैं।

ये जानना भी जरूरी है कि उनकी स्ट्राइक रेट 94.28 की है। जिन 7 खिलाड़ियों ने इस सीरीज के सभी तीन मैच खेले उसमें सबसे ख़राब स्ट्राइक रेट ऋषभ पंत की है। ये तो हुई बल्लेबाजी की बात। अब पंत के दूसरे रोल पर आते हैं। वो टीम इंडिया के विकेटकीपर हैं। दूसरे टी-20 में उन्होंने जो किया कि क्रिकेट की अकादमी में खेलने वाले बच्चे भी नहीं करेंगे।

आपको याद दिला दें कि राजकोट में पंत ने चहल की गेंद पर लिटन दास को स्टम्पिंग किया था। बाद में जब टीवी रिप्ले देखा गया तो पता चला कि पंत ने गेंद को विकेट से आगे ही पकड़ लिया था। जिसके बाद अंपायर ने दास को नॉट आउट देते हुए गेंद को नो बॉल करार दिया। इस गलती पर पंत हंसी का पात्र बने।

Why Rishabh Pant is getting chance after continuous poor performance
श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत - फोटो : सोशल मीडिया

इस प्रदर्शन के बाद आप चाहकर भी ऋषभ पंत को सर आंखों पर नहीं बिठा सकते। इसी टीम में संजू सैमसन भी थे। उन्हें मौका क्यों नहीं दिया गया? अगर पंत 22 साल के हैं तो सैमसन भी 25 के ही है। सैमसन भी अभी लंबे समय तक खेल सकते हैं। टेस्ट टीम से पंत को बाहर करके ऋद्धिमान साहा को मौका दिया गया तो उन्होंने तुरंत अपनी उपयोगिता साबित की। सैमसन को भी मौका मिलना चाहिए। वरना वो दिन दूर नहीं जब ऋषभ पंत को लेकर कप्तानों को इस तरह के बयान भी देने पड़ेंगे।

  • आप ऋषभ पंत को खेलते वक्त ना सिर्फ अपना ध्यान हटा लें बल्कि अपने आंख, कान और दिमाग का इस्तेमाल ना करें।
  • भारत के अलग अलग शहरों में क्रिकेट सीख रहे खिलाड़ी अगले पांच साल तक विकेटकीपिंग ना सीखें क्योंकि टीम इंडिया में अगले पाँच साल तक विकेटकीपर की वेकेंसी फ़ुल है।
  • जब तक पंत खुद को साबित नहीं कर लेते तब तक टीम इंडिया मानसिक तौर पर 10 खिलाड़ियों के साथ ही खेलेगी।


ये बयान अभी तो अतिशयोक्ति लग रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में ये टीम इंडिया मैनेजमेंट की मजबूरी बन सकते हैं
 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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