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पाकिस्तान के सुर में सुर मिला रहे जयचंदों से सावधान रहने की जरूरत

Tue, 13 May 2025 07:09 AM IST
शिव शुक्ला एयर मार्शल राजेश इस्सर
एयर मार्शल राजेश इस्सर Published by: शिव शुक्ला Updated Tue, 13 May 2025 07:09 AM IST
सार

हर नागरिक को देश के नेतृत्व के साथ खड़ा होना चाहिए  आज हर नागरिक को देश के नेतृत्व के साथ खड़ा होना चाहिए। आज देश का मजबूत नेतृत्व विकसित भारत-2047 पर काम कर रहा है। दुनिया की कोई ताकत हमारा रास्ता नहीं रोक सकती हैं। हमारे पास दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारने और आगे बढ़ने की क्षमता है।
 

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We need to be cautious of those who are toeing the line of Pakistan
पाकिस्तान का झंडा - फोटो : ANI

विस्तार

अपना देश भी अजीब है। यहां बहुत से लोगों को खुद की और अपने देश की बेइज्जती करने में बहुत अच्छा लगता है। ऐसे लोगों को लगता है कि उनके बेहूदे बयानों से उन्हें लोकप्रियता मिलेगी। हो सकता है कि कुछ विशेष वर्ग के लोग उनके ऐसे बयानों पर ताली बजाएं। लेकिन, मुख्यधारा की मीडिया के लोग भी उनके बयानों पर भद्दे कमेंट करते हैं।

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ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वे अंधे हैं या पाकिस्तान से मिले हुए हैं। ऐसे लोग क्या सिद्ध करना चाहते हैं? भारत ने पहलगाम की नृशंस घटना के लिए दोषी आतंकियों को सजा देने के लिए 11 जगह उनके अड्डों को नष्ट कर 100 से अधिक आतंकवादी और उनके परिवारों को समाप्त कर दिया। इसके बाद हुए पाकिस्तानी हमलों के जवाब में पाकिस्तान के 10 से ज्यादा एयरपोर्ट और एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया गया। पाकिस्तान में 100 किलोमीटर अंदर जाकर प्रहार किया गया। पाकिस्तान के परमाणु ठिकानों के नजदीक तक हमले किए गए। भारत की सेना ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया। भारत ने युद्ध अपनी ओर से शुरू नहीं किया था, बल्कि उस पर थोपा गया। इस युद्ध में पाकिस्तान को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। उसके तमाम मिसाइल, ड्रोन भारत का कोई नुकसान नहीं कर पाए। उसके सभी चीनी डिफेंस सिस्टम फेल हुए और बहुत सारे तबाह हो गए। उसके तमाम सैनिक और नागरिक मारे गए।
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कुछ को परेशानी है कि क्रेडिट मोदी जी को क्यों मिल रहा है
हमारी ओर से कुछ लोग प्रधानमंत्री और सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि इन्हें इस बात से परेशानी है कि सारा क्रेडिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्यों मिल रहा है। जयचंद अब सवाल कर रहे हैं कि युद्ध विराम क्यों किया? किसी तीसरे ने यह घोषणा क्यों की? भारत को आतंकी घटना का बदला लेना था, वह पहले ही दिन पूरा हो गया और उसके बाद का पाकिस्तान का नुकसान तो बोनस है। ऐसे में कार्यवाही तो रुकनी ही थी। कुछ लोगों को भारत की सेना पर यकीन नहीं है। वे देश की संस्थाओं की बुराई करने में खुशी महसूस होती है। उससे उनका वोट बैंक खुश होता है। लेकिन, वे नहीं जानते कि देश की एक बड़ी जनसंख्या उनके इस प्रकार के बेहूदे बयानों पर हंसती है, मजा लेती है।

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