विराट बनाम सचिन: कौन किससे इक्कीस, हमेशा होती रहेगी तुलना
तिरुवंतपुरम में जैसे ही विराट कोहली ने वनडे में अपना 46वां शतक लगाया, वो सचिन तेंदुलकर के वनडे में सर्वाधिक 49 शतकों के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए। दूसरा उन्होंने भारतीय जमीन पर सचिन तेंदुलकर के लगाए 20 शतकों के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया।
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एक इंटरव्यू में क्रिकेटर के.एल. राहुल और हार्दिक पांड्या से जब पूछा गया कि सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली में कौन बेहतर बल्लेबाज है? दोनों ने एक सुर में विराट कोहली का नाम लिया। हालांकि, विराट कोहली ने स्वयं एक अन्य इंटरव्यू में अपनी सचिन तेंदुलकर से तुलना को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जिन सचिन तेंदुलकर को देखकर उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, उनसे उनकी तुलना बेमानी है। दोनों के बीच में तुलना नहीं की जानी चाहिए।
सचिन अपनी तरह के अलग और महान क्रिकेटर रहे हैं। लेकिन, जैसा मानव स्वभाव है। दो सफल व्यक्तियों की तुलना हमेशा से की जाती रही है और की जाती रहेगी। यदि रिकॉर्ड्स के आईने में देखा जाए तो विराट कोहली सचिन तेंदुलकर से कहीं आगे नजर आते हैं।
विराट बनाम सचिन
तिरुवंतपुरम में जैसे ही विराट कोहली ने वनडे में अपना 46वां शतक लगाया, वैसे ही वो सचिन तेंदुलकर के वनडे में सर्वाधिक 49 शतक के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए। दूसरा उन्होंने भारतीय जमीन पर सचिन तेंदुलकर के लगाए 20 शतकों के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। अब विराट के नाम भारत में 21 शतक लगाने का रिकॉर्ड हो गया है। कोई भी सक्रिय क्रिकेटर उनके रिकॉर्ड के आसपास नहीं है।
भारत में रोहित शर्मा के 11, महेंद्र सिंह धोनी के 8 और युवराज सिंह के 7 शतक हैं। इनमें केवल रोहित अभी खेल रहे हैं, लेकिन उनका भी विराट तक पहुंचना करीब-करीब असंभव है। वर्ष 2023 की शुरुआत में दो शतक लगाकर जो तेवर विराट कोहली ने दिखाए हैं, उससे लग रहा है कि यदि इस साल पर्याप्त वनडे मैच खेलने का उन्हें मौका मिला तो वह सचिन तेंदुलकर के वनडे में सर्वाधिक शतक के रिकॉर्ड को वर्ष 2024 से पहले ही ध्वस्त कर देंगे।
विराट कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ खेले सीरीज के आखिरी मैच को मिलाकर अब तक 259 वनडे पारियों में बल्लेबाजी की है, जिसमें वो 40 बार नॉटआउट रहे हैं। उन्होंने 12,754 रन बनाए हैं, जिसमें 46 शतक व 64 अर्धशतक हैं, उनका औसत 58.23 और स्ट्राइक रेट 93.68 है। उनका अधिकतम स्कोर 183 रन है।
यदि इतनी पारियों में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड देखा जाए तो वो 22 बार नॉटआउट रहे, उन्होंने 10,105 रन बनाए थे, उनका औसत 42.63 और स्ट्राइक रेट 86.51 का था। 28 शतक और 50 अर्धशतक उनके नाम थे, उनका अधिकतम स्कोर 186 नॉटआउट था। इस लिहाज से विराट कोहली सचिन तेंदुलकर से बहुत आगे दिख रहे हैं।
कुछ साल पहले विजडन ने प्रभावशाली क्रिकेटर्स की सूची जारी की थी, जिसमें सचिन का नाम नहीं था और तब भारतीय क्रिकेट प्रेमियों ने काफी हो-हल्ला मचाया था। विजडन का कहना था कि सचिन ने बड़े अवसर पर मैच विनर की भूमिका नहीं निभाई। उनकी कोई ऐसी पारी नहीं है, जो टीम इंडिया को संकट से निकाल कर ले गई हो और मैच जिताया हो।
मैच विनर कोहली
इसके विपरीत विराट कोहली की पहचान ही मैच विनर की है। उन्हें चेज मास्टर कहा जाता है। पिछले साल टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ जब सभी ने भारत की हार मान ली थी, तब विराट कोहली ने अकेले दम पर टीम इंडिया को जीत दिलाई। उस मैच में एक समय तो 8 गेंदों पर 28 रन चाहिए थे, लेकिन उस असंभव स्कोर को विराट ने संभव बना दिया था।
बतौर कप्तान भी यदि सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तुलना करें तो विराट ही इक्कीस रहेंगे। सचिन ने 73 वनडे मैचों में कप्तानी की और मात्र 23 मैच भारत जीत सका था। टेस्ट में तो उनका रिकॉर्ड और खराब रहा। 25 टेस्ट मैचों में से भारत 9 मैच हार गया था, जबकि 5 में जीत मिली थी और 11 मैच बेनतीजा रहे थे।
जहां तक विराट कोहली की कप्तानी की बात है तो उन्हें भारत के सफलतम कप्तानों में गिना जाता है। विराट की कप्तानी में 95 वनडे में 65 मैच भारत जीता और 27 में शिकस्त मिली, विराट ने 68 टेस्ट में टीम का नेतृत्व किया और 40 मैच जिताए, जबकि 17 में हार मिली और 11 बेनतीजा रहे।
हालांकि, विराट कोहली की आलोचना इस बात के लिए भी होती रहती है कि वह कोई बड़ा आईसीसी टूर्नामेंट टीम इंडिया को नहीं जिता पाए। शायद यही कारण था कि उन्हें कप्तानी छोड़नी पड़ी।
सचिन तेंदुलकर का क्रिकेट करियर देखा जाए तो उन्होंने नवंबर 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ कराची में टेस्ट डेब्यू किया था और अपना अंतिम टेस्ट मुंबई में नवंबर 2013 में खेला था, यानी सचिन ने 24 साल क्रिकेट मैदान पर बिताए। इस दौरान उन्होंने 200 टेस्ट, 463 वनडे और एक टी-20 इंटरनेशनल खेला। टेस्ट में 53.78 के औसत से उनके 15,921 रन हैं, जिसमें 51 शतक शामिल हैं। 463 वनडे में उनके 44.83 के औसत से 18,426 रन हैं, जिसमें 49 शतक शामिल हैं।
विराट कोहली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अगस्त 2008 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था और वेस्टइंडीज के खिलाफ जून 2011 में उन्हें टेस्ट टीम में आने का मौका मिला। वर्ष 2008 से अब तक वह 268 वनडे खेल चुके हैं, जिसमें 12,754 रन उन्होंने बनाए हैं, उनका औसत 58.23 का है और 46 शतक लगा चुके हैं। टेस्ट में भी विराट का रिकॉर्ड अच्छा है। 104 टेस्ट मैच खेलकर उन्होंने 8119 रन बनाए हैं और उनका औसत 48.90 का है, उन्होंने 27 शतक लगाए हैं।
विराट में भरपूर प्रतिभा
यह कहना बेहद मुश्किल है कि विराट कोहली सचिन तेंदुलकर की भांति 24 साल सक्रिय क्रिकेट खेल पाएंगे या नहीं, क्योंकि अब विराट की उम्र 34 साल हो चुकी है। उनका बामुश्किल 4-6 साल का करियर बचा है। वह सचिन के बराबर टेस्ट और वनडे भी संभवतः नहीं खेल पाएंगे, लेकिन क्रिकेट प्रेमियों को यह उम्मीद तो है कि सचिन तेंदुलकर के कई रिकॉर्ड वह इन वर्षों में तोड़ जरूर देंगे।
शायद दोनों महान बल्लेबाजों की तुलना बेमानी हो, लेकिन क्रिकेट इतिहास में तुलना होती रहेगी और जब भी रिकॉर्ड बुक पर देखा जाएगा तो विराट कोहली एक बड़े सफल बल्लेबाज और खिलाड़ी नजर आएंगे। हालांकि, यह नहीं कहा जाएगा कि सचिन कमतर खिलाड़ी थे। इतिहास सचिन को क्रिकेट के भगवान और विराट को किंग कोहली के नाम से ही पहचानेगा।
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