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स्मृति शेष उमेश उपाध्याय: अचानक असमय अस्त हो गया मीडिया का एक सितारा

Dr. Praveen Tiwari डॉ.प्रवीण तिवारी
Updated Sun, 01 Sep 2024 08:19 PM IST
सार

उन्होंने मीडिया में तो काम किया ही साथ ही साथ एकेडमिक्स में उन्हें जब लंबा समय रायपुर में बिताना पड़ा तो उसे भी चुना और उसके बाद रिलायंस जैसे बड़े समूह के साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां को अभी तक निभा रहे थे।

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Veteran Journalist Umesh Upadhyay Passes Away
उमेश उपाध्याय - फोटो : Facebook/Anuranjan_Jha

विस्तार

वरिष्ठ पत्रकार उमेश उपाध्याय नहीं रहे। अचानक और असमय चले गए। घर में हुई एक दुर्घटना में उनका निधन हो गया। विश्वास नहीं हो रहा। उनका जाना बड़ी क्षति है। उमेश उपाध्याय जी उन विरले पत्रकारों में से एक रहे जो जीवन के व्यवहारिक पहलू को समझते रहे। उन्होंने अपने जीवन में कई किस्म के संघर्ष शुरुआती दौर में किए हैं।

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उनके बारे में वह कई बार चर्चा किया करते थे पत्रकारिता के जीवन में आने वाली चुनौतियां सभी पत्रकार साथी जानते हैं। ऐसे में स्वयं को आर्थिक चुनौतियों से लड़ने के लिए तैयार करने के विषय में वह हमेशा बात किया करते थे। यही वजह है कि उन्होंने मीडिया में तो काम किया ही साथ ही साथ एकेडमिक्स में उन्हें जब लंबा समय रायपुर में बिताना पड़ा तो उसे भी चुना और उसके बाद रिलायंस जैसे बड़े समूह के साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां को अभी तक निभा रहे थे।
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कुल मिलाकर उनका जीवन कई आदर्श से भरा हुआ है वह अपने आप में एक किताब थे और इस किताब को कई दफे मुझे पढ़ने का मौका मिलता था। एक बार बातचीत के दौरान मैंने उनसे यही कहा कि क्यों ना आप जो सलाह देते हैं उसे सभी युवाओं को दिया जाए और इसीलिए मैंने उनका एक इंटरव्यू भी किया था जो अभी यूट्यूब पर मौजूद है इसमें उन्होंने बताया है कि किस तरीके से युवा स्वयं को आर्थिक मोर्चे पर मजबूत कर सकते हैं।
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गहरा आध्यात्मिक चिंतन था। गुरुओं में बड़ी आस्था रखते थे। उनके घर अखंड रामायण के पाठ में बैठने का सौभाग्य भी मिलता रहा जिसे हो नियमित अंतराल पर आयोजित करवाते रहते थे। मेरे लिए एक क्षति एक पिता तुल्य व्यक्ति के जाने जैसी ही क्षति है।

उमेश जी से मेरी पहली मुलाकात जनमत चैनल के लांचिंग के समय पर हुई थी। उसे समय के प्रसिद्ध सब टीवी के इस वेंचर को लाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंप गई थी। उन्होंने एक बहुत ही शानदार टीम को बनाया ज़ी न्यूज़ के साथ उनकी लंबी परी रही जहां वह महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके थे।

वहां के कई साथी उनके साथ आगे टीम में आए युवाओं को भी मौका दिया गया था। वह नए तरीके से सोचने में विश्वास रखते थे यही वजह है कि उन्होंने उसे समय पर न्यूज़ और व्यूज को मिक्स करने के कई प्रयोग किया और वह सफल भी रहे जिन्हें बाद में कई लोगों ने आजमाया उनके साथ की सबसे दिलचस्प बातों में उनके पूर्वानुमान याद आते हैं जैसे के लिए उन्होंने डिजिटल मीडिया की इतनी संभावनाओं से करीब एक दशक पहले ही यह बात कह दी थी कि आने वाला समय टेलीविजन से हटकर मोबाइल में सिमट जाएगा।

यह भी मैसेज इत्तेफाक नहीं कि वह रिलायंस जैसे ग्रुप के साथ जुड़कर जिओ के मीडिया के रिस्पांसिबिलिटी देख रहे थे। वह डिजिटल मीडिया के बड़े एक्स्पर्ट थे। एंकरिंग के विषय में उन्होंने एक बार मुझसे कहा था कि आने वाले समय में कोई भी एंकर बन सकता है। यह सिर्फ कुछ खास लोगों या खास तरह से बोलने वाले लोगों की फील्ड भर नहीं है जिसके पास कंटेंट है उसे लोग पसंद करेंगे उनकी बात को सत्य साबित होने में कुछ बरस भी नहीं लगे।

वह खुद एक बहुत अच्छे और कर रहे हैं और मुझे उनके साथ एंकरिंग करने का भी सौभाग्य मिला। यह बात अलग है कि उन्होंने लाइमलाइट में रहने को कभी बहुत ज्यादा तवज्जो नहीं थी। उनके जीवन से बहुत सी बातें सीखी है लेकिन उनके अचानक से असमय जाने की पीड़ा असहनीय है इस पर भरोसा नहीं कर पा रहा।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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