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बजट 2025: आयकर में राहत, किसानों को उम्मीदें, लेकिन क्या यह बजट सबको खुश कर पाया?

Sat, 01 Feb 2025 05:21 PM IST
Mohan singh मोहन सिंह
Updated Sat, 01 Feb 2025 05:21 PM IST
सार

मोदी सरकार के इस बजट में बिहार में आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए बिहार के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं की हैं। इनमें पटना एयरपोर्ट का  विस्तार, पश्चिमी कोशी नहर को वित्तीय मदद भी शामिल है। 

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Union Budget 2025: Tax Exemptions, Support for MSMEs Is It A Development Push or Political Strategy
बजट 2025 - फोटो : PTI

विस्तार

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट में अपने घोषित लक्ष्य के मुताबिक ही किसानों, दलित महिलाओं और छोटे कारोबारियों के लिए कुछ मदद की घोषणा की है। इस बजट में किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाकर 5 लाख तक कर दिया है। अब छोटे कारोबारियों को भी 5 लाख तक के क्रेडिट कार्ड की सुविधा मिलेगी। महिलाओं को उद्यमशील बनाने के लिए 5 लाख तक के कर्ज की सुविधा घोषणा इस बजट में किया गया है।

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दरअसल, कृषि मंत्रालय से अलग मत्स्य पालन विभाग बनाने के बाद अब मछुआरों के लिए स्पेशल इकॉनॉमिक जोन बनाने की भी घोषणा इस बजट में किया गया है। एमएसएमई सेक्टर की कर्ज की सीमा 10 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ कर दिया गया है। इन घोषणाओं का उद्देश्य कृषि , छोटे उद्योगों, और मछुआरों को अपनी उद्यमशीलता बढ़ाने के साथ - साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन करना भी है। 
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भारत को छोटे खिलौना उद्योग का हब बनाने की घोषणा किया गया है। इस घोषणा से बनारस के लकड़ी के खिलौना बनाने वाले छोटे उद्यमियों के  मुरझाए चेहरे खिल जाएंगे। चमड़ा उद्योग में सरकार ने निवेश बढ़ाने की घोषणा किया है। सरकार को उम्मीद है कि इस सेक्टर में 22 लाख नौकरियों के सृजन की संभावना है।

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मोदी सरकार ने पहली बार राज्य खनन सूचकांक बनाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य खनन क्षेत्र के प्रदर्शन और भविष्य की तैयारी मापने के लिए प्रमुख खनिजों और लघु खनिजों के सम्बन्ध में राज्यों के राज्यों के खनन क्षेत्र के प्रदर्शन दर आकलन करना है। इस पहल के तहत खान मंत्रालय ने आई आई टीआई आईएसएम धनबाद के साथ मिलकर एक कार्यशाला में राज्यों के खनन क्षेत्र के प्रदर्शन पर चर्चा किया गया है।


मोदी सरकार के इस बजट में बिहार में आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए बिहार के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं किया गया है। इनमें पटना एयरपोर्ट का  विस्तार, पश्चिमी कोशी नहर को वित्तीय मदद भी शामिल है। 

पश्चिमी कोशी नहर परियोजना के वित्तीय मदद से उम्मीद है कि लगभग 50 हजार एकड़ कृषि जमीन की सिंचाई संभव हो सकती है। इसके अलावा बिहार में नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने का भी बजट में ऐलान किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी की सुविधा बढ़ेगी। पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के अपने पुराने संकल्प को इस साल के बजट में फिर दुहराया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे कम निवेश से स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर उपलब्ध होगा। 

Union Budget 2025: Tax Exemptions, Support for MSMEs Is It A Development Push or Political Strategy
बजट में महात्मा बुद्ध के जन्मभूमि समेत बुद्ध से जुड़े ऐसे 52 पर्यटन स्थलों को भी विकसित करने की घोषणा की गई है। - फोटो : Amar ujala

इस बाबत सरकार की पचास हजार पर्यटन स्थलों को बेहतर बनाने की योजना है। बजट में महात्मा बुद्ध के जन्मभूमि समेत बुद्ध से जुड़े ऐसे 52 पर्यटन स्थलों को भी विकसित करने की घोषणा की गई है। बताते चलें कि बिहार में महात्मा बुद्ध से जुड़े अधिकतर ऐतिहासिक स्थल हैं। इसका मकसद भी है स्थानीय स्तर रोजगार को बढ़ावा देना है। बिहार में एक नया ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाने के साथ ही बिहटा हवाई अड्डे को ब्राउन फील्ड एयर पोर्ट के रुप में विकसित करने की घोषणा भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया है। 

बिहार के लिए एक और पैकज की घोषणा इस बजट में की गई है। वह है बिहार मखाना बोर्ड की स्थापना। यह प्रयास किसी सरकार की ओर से पहली बार हुआ है। इससे अब तक उपेक्षित पड़े मखाना किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण जगी है। इससे मखाना को अब अंतर्राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध हो जाएगा। बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में मखाने की बड़े पैमाने पर खेती होती है। इसका मकसद भी स्थानीय स्तर पर बिना किसी ख़ास निवेश के रोजगार का सृजन करना ही है। बिहार के लिए इन तमाम घोषणाओं की वजह से विपक्ष मोदी सरकार के इस बजट को पूरे देश की बजाय बिहार का बजट बता रहे हैं।
 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्रों में होने वाले अनुसंधानों और नवाचारों को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश में आईआईटी संख्या की बढ़ाने की भी घोषणा की है। शहरी विकास के लिए एक लाख करोड़ का इंतजाम किया गया है। साथ ही केवाईसी की प्रक्रिया को भी आसान बनाने की घोषणा भी इस बजट में की गई है। 


हर बजट से देश के मध्यवर्ग को और खासकर नौकरी पेशा वाले वर्ग को कुछ खास उम्मीदें होती हैं। बहुत हद तक मोदी सरकार के इस तीसरे कार्यकाल के पहले आम बजट में  मध्य वर्ग के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। पहली बार 12 लाख की आय को आयकर सीमा से मुक्त किया गया है। इस एक छूट से 12 लाख की आमदनी पर मिली राहत से 12 लाख के सालाना आमदनी  पर 80 हजार रुपए 18 लाख की आमदनी पर 90 और जिनकी आमदनी 25 लाख से ज्यादा होगी उन्हें 1 लाख 10 हजार रुपए का मुनाफा होगा।  

सरकार की इस घोषणा को भी विपक्ष चार दिनों बाद दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों के नफा - नुकसान  चश्में से ही देख रहे हैं। ऊपरी स्तर पर यह बजट सब को कुछ न कुछ खास देते हुए लग रहा है। यह बजट मोदी सरकार के उस मंशा के अनुकूल ही कहा जा सकता है कि आम जनता इस सरकार से किसी तरह के मुफ्त स्कीम की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

सरकार का काम है मुफ्तखोरी को बढ़ावा देना नहीं , ऐसी सुविधाओं का निर्माण करना है, ताकि आमजन अपनी मेहनत, कौशल और हुनर से अपने  विकास के लिए नये क्षितिज का आविष्कार करे और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें। बढ़ती मंहगाई और किसानों की घटती आमदनी को ध्यान में रखते हुए इस बजट में किसानों को सरकार से उम्मीद थी कि किसान सम्मान निधि में शायद इस बजट में वृद्धि हों, जो नहीं हुआ। 

अन्तरर्राष्ट्रीय स्तर कच्चे तेल का भाव लगातार कम हो रहा है। पर उस लिहाज से डीजल -पेट्रोल के कीमत में कोई कमी नहीं की गई। हालांकि, इसकी काफी गुंजाइश थी। देश की जियो और बीपी जैसी निजी कंपनियां डीजल और पेट्रोल पर कच्चे तेल के भावों में आई कमी का फ़ायदा अपने उपभोक्ताओं को दे भी रहे हैं। अगर  ऐसा होता, तो किसानों और छोटे - बड़े उद्योगों के लिए यह बड़ी राहत की बात होती। सरसरी निगाह से देखा जाए तो इस बजट को संतुलित बजट कहा जा सकता है। जिसमें आमदनी चवन्नी खर्चा रुपैया के अतिरेक से बचने की कोशिश भी दिखाई देती है। इस साल के बजट में पिछले साल की तुलना में राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को भी साधने की कोशिश दिखती है। बताते दें कि पिछले साल राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 4।8 % रखा गया था और इस साल 4।4% रखा गया है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
 

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