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बजट 2024 : गंभीर और अनुशासित बजट, इस बार वाहवाही से दूर रही सरकार

Tue, 23 Jul 2024 03:04 PM IST
Vinod Patahk विनोद पाठक
Updated Tue, 23 Jul 2024 03:04 PM IST
सार

भले वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि को न बढ़ाया हो, लेकिन कृषि को लेकर बजट में गंभीरता नजर आती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक यह कहती आ रहे हैं कि हम दुनिया का फूड बॉस्केट बनना चाहते हैं, लेकिन इस बात को कहने और करने में बड़ा अंतर था।

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Union Budget 2024 analysis and impact on economy
बजट 2024 - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मोदी सरकार 3.0 का पहला बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बहुत वाहवाही लूटने की कहीं भी कोशिश नहीं की। बजट को अमृतकाल में वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर ले जाने वाला बजट कहा जा सकता है। वित्त मंत्री ने मोदी सरकार की अब तक चली आ रही योजनाओं और कार्यक्रमों की निरंतरता को बनाए रखने का ही प्रयास किया। बजट में कहीं भी ऐसा नहीं लगा कि उन्होंने अपनी पिछली घोषणाओं को वहीं छोड़कर नई घोषणाएं की हों। निर्मला सीतारमण का बजट बेहद सटीक, फोकस्ड और अनुशासित रहा।

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युवाओं के दृष्टिकोण से देखा जाए वित्त मंत्री ने नए अवसर देने के रास्ते खोले हैं। उद्योगों को रोजगार देने पर प्रोत्साहन देने की बात है। पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं के वेतन का कुछ बोझ सरकार उठाएगी। नई नौकरी वालों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर देगी। अतिरिक्त रोजगार देने वाले उद्योगों को कर्मचारियों का ईपीएफओ सरकार देगी। हालांकि, यहां पर थोड़ी सी चालाकी वित्त मंत्री ने दिखाई और सरकार ने अपना दायित्व निजी क्षेत्र की तरफ शिफ्ट करने का प्रयास किया। 500 कंपनियों में 1 करोड़ इंटर्नशिप की घोषणा इसी ओर संकेत करती है। इंफ्रास्ट्रक्चर की योजनाओं से भी रोजगार सृजित होंगे।
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बजट को लेकर मिडिल क्लास या कहें सैलरी वालों को राहत की थोड़ी उम्मीद रहती है। नई टैक्स रिजीम में 17,500 रुपए का फायदा होगा। फैमिली पेंशन पर भी टैक्स छूट 15,000 से बढ़कर 25000 रुपए की गई है। हालांकि, मिडिल क्लास इससे अधिक की उम्मीद लगाए बैठा था। हां, वो सस्ते मोबाइल और सोने से खुश हो सकता है। हालांकि, आयकर कानून की समीक्षा और नए एक्ट की तैयारी से नए सुधार आएंगे। वित्त मंत्री जानती हैं कि कहां से राहत देकर कहां से पैसा भी निकालना है। उन्होंने इनकम टैक्स में थोड़ी सी राहत देकर कैपिटल गैन्स टैक्स को बढ़ा दिया है। इस हाथ दे और इस हाथ ले... की कहावत वित्त मंत्री पर सटीक बैठती है।

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छोटे उद्योगों पर वित्त मंत्री ने मेहरबानी दिखाई है। मुद्रा लोन की सीमा को 10 लाख से बढ़कर 20 लाख रुपए तक किया गया है। हालांकि, इससे बैंकों की चिंता बढ़ेगी और एनपीए बढ़ने का डर सताएगा। एमएसएमई को लेकर भी वित्त मंत्री ने कई घोषणाएं की हैं और बैंक ऋण आसानी से मिलता रहे, इसके लिए एक नई व्यवस्था सरकार लेकर आ रही है। एमएसएमई और पारंपरिक कारीगरों को इंटरनेशनल मार्केट में अपने उत्पादों को बेचने में सक्षम बनाने के लिए ई-कॉमर्स निर्यात केंद्र की स्थापना एक अच्छा कदम है।

 

भले वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि को न बढ़ाया हो, लेकिन कृषि को लेकर बजट में गंभीरता नजर आती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक यह कहती आ रहे हैं कि हम दुनिया का फूड बॉस्केट बनना चाहते हैं, लेकिन इस बात को कहने और करने में बड़ा अंतर था। इस बजट को देखकर लगता है कि सरकार केवल कह नहीं रही, बल्कि उसके पास अब नीतियां भी हैं। एक फिस्कल प्लान भी है।


सरकार कृषि में रिसर्च और डेवलपमेंट पर अधिक जोर देगी। नए उन्नत किस्म के बीजों की दिशा में आगे बढ़ेगी। दुनिया आज नेचुरल कृषि उत्पादों की तरफ बढ़ रही है। एक साल में एक करोड़ किसानों को नेचुरल फार्मिंग से जोड़ने की घोषणा एक अच्छा कदम है। दाल और दलहन को लेकर हम निर्यात पर निर्भर हैं। वित्त मंत्री ने अब इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोडक्शन, स्टोरेज और मार्केटिंग पर फोकस करने की बात की है।

सरकार का फोकस मूंगफली, सरसों, सूरजमूखी, सोयाबीन जैसी फसलों पर भी रहेगा। इसे न केवल उपभोक्ताओं का फायदा होगा, बल्कि अन्नदाता की आय भी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण से गांवों में निवेश बढ़ेगा, जिसका फायदा ग्रामीण भारत को होगा।

निर्मला सीतारमण ने बजट में अपनी नौ प्राथमिकताएं, अर्बन डेवलपमेंट, कृषि, रोजगार, सोशल जस्टिस, मैन्युफैक्चरिंग एंड सर्विस, एनर्जी, नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म, इनोवेशन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर बताई हैं। वित्त मंत्री का बजट इस दिशा में आगे बढ़ता दिखता है। बजट से निश्चित ही देश की अर्थव्यवस्था सही राह पर चलेगी। कुल मिलाकर निर्मला सीतारमण ने बिना बड़ी और मुफ्त घोषणाओं के एक अच्छा बजट पेश किया है।



 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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