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महासागरों के 55 फीसदी प्रदूषण के लिए बड़ी कंपनियां जिम्मेदार, संकट में शार्क मछली का जीवन

Amalendu Upadhyayअमलेंदु उपाध्याय Updated Tue, 07 Jan 2020 01:11 PM IST
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महासागर का अम्लीकरण का प्रभाव अब शार्क पर भी होने लगा है।
महासागर का अम्लीकरण का प्रभाव अब शार्क पर भी होने लगा है। - फोटो : PTI
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भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शार्क मछली पालक देश है। शार्क मछलियों को उनके मांस और पंखों के लिए पकड़ा जाता है। शार्क के पंख मालवन से मडगांव और मंगलूरु जैसे दो प्रमुख मछली व्यापार केंद्रों से चीन और जापान में भेजे जाते हैं। इसी तरह, पोरबंदर से ओखा, वैरावल, मुम्बई, कालीकट और कोच्चि से होते हुए सिंगापुर, हांगकांग और दुबई व आबूधाबी तक शार्क के पंख भेजे जाते हैं।
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शार्क मछलियों के पंखों का उपयोग चीन, जापान, इंडोनेशिया और थाइलैंड जैसे देशों में सूप बनाने और दवाओं में होता है। लेकिन हालिया एक शोध में यह बात सामने आई है कि इस शार्क मछली का जीवन संकट में है क्योंकि महासागर धीरे-धीरे अधिक अम्लीय हो रहे हैं, जिसका सीधा प्रभाव शार्क मछली के पंख और उसकी त्वचा पर पड़ रहा है।

उधर दूसरे शोध ने उन बड़ी कंपनियों की पहचान की है जो महासागर को अमलीय बनाने का अपराध कर ही हैं। जर्मनी की जैकलीन डेज़िएर्गवा, क्रिस्टोफर आर. ब्रिजेस, जोआचिम एनैक्स और दक्षिणी अफ्रीका की सारिका सिंह, स्वेन ई. केर्वथ, लुत्ज़ और्सवल्ड का एक संयुक्त शोध नेचर पत्रिका में प्रकाशित हुआ है, जिसके मुताबिक महासागर अम्लीकरण शार्क की सख्त त्वचा को ख़राब कर सकता है।

इस अध्ययन में डीमेरल शार्क प्रजातियों में समुद्र के अम्लीकरण की स्थिति के कारण दंत क्षरण के सबूत पाए गए हैं। एक छोटे से प्रयोग में पाया गया कि नौ सप्ताह तक अम्लीय समुद्री जल के संपर्क में आने से पफैडर शार्क की त्वचा पर कई डेंटिकल्स के किनारों को भुरभुरा कर दिया था। क्षतिग्रस्त डेंटिकल्स शार्क को संक्रमण या चोट की चपेट में ले सकते हैं और शार्क की चिकनी त्वचा पर खिंचाव बढ़ा सकते हैं।

महासागर धीरे-धीरे अम्लीय हो रहे हैं क्योंकि समुद्री जल वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड की बढ़ती मात्रा को अवशोषित करता है और इसे कार्बोनिक एसिड में परिवर्तित करता है। जलवायु परिवर्तन पर काम कर रहे वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यदि मानव जीवाश्म ईंधन को इसी गति से जलाते हैं और CO₂ को वर्तमान स्तरों पर उत्सर्जित करते रहते हैं, तो वर्ष 2300 तक महासागरों का औसत pH लेवल आज 8.1 से 7.3 तक कम हो जाएगा।
 
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