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अपना पैसा: वरिष्ठ नागरिक कर्ज से बचें, निवेश कर जिएं बेहतर जिंदगी; संपत्ति बेचकर कर्ज का भुगतान बेहतर
Mon, 25 Mar 2024 07:30 AM IST
यशोधन शर्मा
नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार
नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Mon, 25 Mar 2024 07:30 AM IST
सार
कोशिश करनी चाहिए कि उधार लेने के बजाय, रिटायरमेंट में अपनी संपत्तियों का इस्तेमाल करें। अगर कभी थोड़े समय के लिए पैसों की जरूरत हो तो इसके लिए शेयरों या फंडों में निवेश से काम चलाना अच्छा तरीका साबित हो सकता है।
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- फोटो : istock
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विस्तार
कर्ज कभी भी अच्छा नहीं होता है, खासकर जब आप रिटायरमेंट का जीवन जी रहे हों। कोशिश करनी चाहिए कि उधार लेने के बजाय, रिटायरमेंट में अपनी संपत्तियों का इस्तेमाल करें। अगर कभी थोड़े समय के लिए पैसों की जरूरत हो तो इसके लिए शेयरों या फंडों में निवेश से काम चलाना अच्छा तरीका साबित हो सकता है।
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एक आम धारणा है कि सेवानिवृत्त इंसान जोखिम लेने से बचता है और लगातार चिंता में डूबा रहता है। ऐसे लोग छोटी-छोटी चीजों की चिंता करते हैं और जब पैसे की बात आती है तो वे छोटी-छोटी बातों पर भी अपना आपा खो बैठते हैं। इसलिए, इस महीने की शुरुआत में जब बाजार में तेज गिरावट आई तो मुझे इसका आभास हो गया था कि मुझे किसी सेवानिवृत्त व्यक्ति का फोन आएगा जो अपनी चिंताएं जाहिर करेगा। शुक्र है कि जिनके बारे में मैं चिंता कर रहा था, उनका कॉल नहीं आया।लेकिन मुझे सुखद आश्चर्य तब हुआ जब मेरे एक दोस्त के 81 वर्षीय पिता, जो शेयर बाजार में भारी कारोबार करते हैं, ने मुझे थोड़ा चिंतित होकर फोन किया।
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मैं अरोड़ा को तब से जानता हूं, जब से मैं जानने लायक हुआ। वह एक सरकारी कंपनी में कार्यरत थे और अपने पैसे के मामले में हमेशा अकलमंदी दिखाया करते थे। मुझे याद है कि जब हम स्नातक हुए थे तो उन्होंने अपने बेटे अर्जुन को डांटा था। उनकी शिकायत थी कि अर्जुन शेयर बाजारों में कोई रुचि नहीं दिखा रहे थे। इसके विपरीत, मेरे पिता के एक निवेशक होने और अरोड़ा चाचा के व्यापारी-निवेशक दोनों होने के कारण उन्होंने निवेश पर अपने विचार साझा किए थे। मैं 30 वर्षों से अधिक समय से एक निवेशक और बाजारों पर गहरी नजर रखने वाला व्यक्ति रहा हूं। जब अरोड़ा अंकल ने फोन किया, तो मुझे लगा कि वे अपनी चिंता बताएंगे।
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प्रतिभूति के एवज में कर्ज ओवरड्राफ्ट की तरह
उन्होंने बताया कि कैसे कुछ नए निवेश करने के लिए पुराने निवेश के बदले में उधार लिया था। यह उनके जैसे किसी व्यक्ति के लिए कोई नई बात नहीं है, जिन्होंने लंबी अवधि में अपने पोर्टफोलियो पर उधार लिया है और आगे निवेश किया है। प्रतिभूति के एवज में लोन छोटी अवधि के लिए आपकी संपत्ति के विरुद्ध एक ओवरड्राफ्ट सुविधा की तरह है। हालांकि, कर्ज का मूल्य संपत्तियों के मूल्य पर निर्भर करता है। यदि मूल निवेश का मूल्य कम हो जाता है, तो इसे ऋणदाता के पक्ष में रीसेट कर दिया जाता है। अंकल के साथ ऐसा ही हुआ था।
ओवरड्राफ्ट तब तक ही अच्छा
सेवानिवृत्त लोगों के लिए उनके निवेश के मूल्य पर कोई भी घाटा बड़ी चिंता का कारण है। अगर पैसा अप्रत्याशित खर्चों को कुछ माह तक पूरा करने के लिए पर्याप्त है तो ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी तब तक ही अच्छी है, जब तक आपके पास वैकल्पिक आय स्रोत है, जिससे कर्ज भुगतान संभव हो।
कर्ज के लिए ये बेहतर साधन
लोन राशि आपके द्वारा गारंटी के रूप में गिरवी रखी गई प्रतिभूतियों के मूल्य से निर्धारित होती है। यह प्रतिभूतियों के कुल मूल्य का एक फीसदी भी हो सकती है जो 50 से 70 फीसदी तक के बीच रहता है। कोई अपनी जरूरत के आधार पर निचली सीमा भी निर्धारित कर सकता है। लोन अवधि आमतौर पर एक से तीन वर्ष के भीतर होती है। यह सेवानिवृत्त लोगों के लिए बहुत शक्तिशाली और उपयोगी सुविधा है, जिन्हें अपने जीवन के इस चरण में किसी अन्य प्रकार का लोन मिलने की संभावना नहीं है। एफडी, म्यूचुअल फंड, सोना, शेयर के बदले लोन किसी की एसेट का उपयोग करने के लिए एक अच्छा साधन है।
संपत्ति को बेचें और कर्ज का भुगतान करेें
अगर कोई कर्ज चुकाने में सक्षम नहीं है तो बेहतर होगा कि वह अपनी संपत्ति बेचकर लोन चुकाए। दुर्भाग्य से अरोड़ा की स्थिति ऐसी हो गई कि उन्होंने जो कर्ज लिया था, वह भी उतना आसाना नहीं था, जैसा सोचा था।
उनकी गिरवी रखी प्रतिभूतियों का मूल्य काफी गिर गया था। ऐसे में बैंक ने उनसे अतिरिक्त प्रतिभूतियां गिरवी रखने या कर्ज का एक हिस्सा चुकाने को कह दिया।
निवेश को भुना लेना ही ज्यादा बुद्धिमानी
यदि आपकी जरूरत ज्यादा है तो अपने निवेश को भुनाएं और उस रकम का उपयोग लंबी अवधि की जरूरतों के लिए करें। मैंने अरोड़ा को अपनी निवेश स्थिति बनाए रखने के लिए अल्पावधि कर्ज का विकल्प दिया या फिर कर्ज चुकाने के लिए अच्छे प्रदर्शन न करने वाले निवेश को भुनाने को कहा था। उन्होंने चतुराई से अपने कुछ निवेशों को भुनाया और जब कुछ दिनों में मामला सुलझ गया तो वह अपने स्मार्ट रूप में वापस आ गए।
सबक
जब आपके पास सेवानिवृत्ति में उपयोग के लिए संपत्ति हो, इसे मजबूत स्थिति में रहने के लिए इस्तेमाल करें। अगर इसमें से थोड़ा सा खर्च भी हो जाए तो चिंता न करें, क्योंकि कर्ज में जाने से यह अच्छा रास्ता है।