राजस्थान की क्रिकेट प्रतिभाएं : मूमल मेहर और भरत सिंह जैसी न हो सुशीला मीणा की स्थिति!
सुशीला मीणा के बॉलिंग एक्शन की तुलना सचिन तेंदुलकर ने पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान से की। सोशल मीडिया एक्स पर जहीर खान को टैग भी किया। सुशीला मीणा का एक्शन बहुत सहज और प्रभावशाली है। वो पहले से ही बहुत आशाजनक दिख रही हैं।
विस्तार
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के धरियावद तहसील के गांव रामेर तलाब की सुशीला मीणा का एक वीडियो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर घूम रहा था, जिसमें वो स्कूल की ड्रेस में विकेट लगाकर गेंदबाजी करती दिख रही है, लेकिन जैसे ही भारत रत्न और क्रिकेट के मास्टर ब्लॉस्टर सचिन तेंदुलकर ने सुशीला के वीडियो को सोशल मीडिया एक्स पर साझा किया तो एकाएक दुनिया की नजर सुशीला की ओर चली गई।
Smooth, effortless, and lovely to watch! Sushila Meena’s bowling action has shades of you, @ImZaheer.
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Do you see it too? pic.twitter.com/yzfhntwXux— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) December 20, 2024
तेंदुलकर के साझा किए सुशीला के वीडियो को चंद घंटों में 40 लाख से अधिक लोगों ने देखा है। हालांकि, सुशीला राजस्थान की पहली ऐसी बच्ची नहीं है, जिसके क्रिकेट के हुनर को लेकर सचिन तेंदुलकर ने अपनी राय रखी हो। जब भी सचिन तेंदुलकर जैसे बड़े क्रिकेटर किसी ग्रामीण युवा को लेकर कुछ लिखते हैं तो सभी में एक जागृति आ जाती है। सभी लोग उस युवा के पीछे दौड़ने लगते हैं। फिर समय के साथ सभी लोग यह भूल जाते हैं कि उन्होंने क्या वादे ऐसी युवा प्रतिभाओं से किए थे?
मूमल मेहर- भरत सिंह ने भी खूब बटोरी थीं सुर्खियां
बात फरवरी 2023 की है। उस समय राजस्थान के बाड़मेर जिले के रेगिस्तानी गांव शिव शेरपुर कानासर की मूमल मेहर का एक वीडियो सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया एक्स पर साझा किया था। वीडियो में मूमल बल्लेबाजी करती दिख रही थी। सचिन तेंदुलकर के वीडियो शेयर करने के बाद तत्कालीन केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री व बाड़मेर के पूर्व सांसद कैलाश चौधरी, भाजपा के पूर्व राजस्थान अध्यक्ष सतीश पूनियां, पाली के सांसद पी.पी. चौधरी, दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल से लेकर अनेक लोगों ने मूमल के वीडियो को साझा किया था।
सतीश पूनिया ने मूमल के लिए क्रिकेट किट भिजवाई थी। आज मूमल कहां है? किसी को नहीं पता। उस क्रिकेट किट का क्या हुआ? किसी को कुछ नहीं पता। मूमल क्या कर रही है? किसी को कुछ नहीं पता।
कुछ ऐसा ही राजस्थान के राजसमंद जिले के भरत सिंह के साथ हुआ। भरत सिंह का मछली के जाल को लगाकर नेट में बोलिंग की प्रैक्टिस करते वीडियो कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर साझा किया था। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भरत सिंह का सपना साकार करने में सहायता की अपील की थी। तब सरकार दौड़ी-दौड़ी भरत सिंह के पास पहुंची थी।
आनन-फानन में भरत सिंह को जयपुर में क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण के लिए बुला लिया गया था। कुछ महीने क्रिकेट अकादमी में पसीना बहाने के बाद भरत सिंह अब गांव लौट चुके हैं। उनके क्रिकेट के भविष्य का क्या होगा? किसी को कुछ नहीं पता।
जहीर खान जैसा है सुशीला का एक्शन
सुशीला मीणा के बॉलिंग एक्शन की तुलना सचिन तेंदुलकर ने पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान से की। सोशल मीडिया एक्स पर जहीर खान को टैग भी किया। तेंदुलकर ने जहीर से पूछा कि सरल, सहज और देखने में बहुत प्यारा, सुशीला की गेंदबाजी एक्शन में आपकी झलक दिखती है। जहीर खान क्या आपने इसे देखा है? जहीर ने भी सचिन को जवाब दिया कि आप बिल्कुल सही कह रहे हैं, मैं आपसे पूरी तरह सहमत हूं। सुशीला मीणा का एक्शन बहुत सहज और प्रभावशाली है। वो पहले से ही बहुत आशाजनक दिख रही हैं।
सचिन तेंदुलकर के वीडियो शेयर करने के बाद राजस्थान सरकार सुशीला मीणा की तरफ दौड़ी है। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सुशीला को जयपुर बुलाया है। सवाल यह है कि क्या मूमल मेहर और भरत सिंह जैसी स्थिति सुशीला मीणा की होगी? यदि ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी प्रतिभाएं हैं, जिनको आगे लाया जा सकता है। विशेष कर खेल के क्षेत्र में तो सरकार को गंभीरता से न केवल उनकी मदद करनी चाहिए, बल्कि ट्रेनिंग की व्यवस्था भी करनी चाहिए। एक मंच प्रदान करना चाहिए।
अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसी कई प्रतिभाओं के वीडियो घूमते हैं, जिन पर लोगों की नजर जाती है, परंतु जब कोई बड़ा व्यक्ति उसी वीडियो को शेयर करता है तो सब एकाएक नींद से जाग जाते हैं। कुछ दिन तक इन प्रतिभाओं की तारीफ होती है। उनका मंचों पर सम्मान होता है, लेकिन फिर वो भीड़ में कहीं खो जाते हैं। आवश्यकता ऐसी प्रतिभाओं के लिए लॉन्ग टर्म प्लान बनाने की है।
समाज, सरकार और स्वयंसेवी संगठनों, तीनों को आगे आकर मदद करने की जरूरत है। सरकार ऐसी ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए एक अलग से विभाग का गठन कर सकती है। जिला स्तर ऐसी व्यवस्था कर सकती है, जिससे इन प्रतिभाओं को आसपास ट्रेनिंग मिल सके। जब ट्रेनिंग पूरी हो जाए तो उनको बड़े मंच पर भेजा जा सके।
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