{"_id":"63aee0e3765a597e000d32fa","slug":"pm-narendra-modi-s-mother-heeraben-modi-passes-away-modi-performed-the-last-rites-of-his-mother","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अलविदा हीरा-बा: मां तो मां होती है, प्रधानमंत्री जी की हो या आम आदमी की।","category":{"title":"Blog","title_hn":"अभिमत","slug":"blog"}}
अलविदा हीरा-बा: मां तो मां होती है, प्रधानमंत्री जी की हो या आम आदमी की।
विज्ञापन
पीएम मोदी की मां के निधन पर शोक में डूबा पूरा देश
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कल (30 दिसंबर) सुबह जब मोदी जी ने अपनी मां को खोया तो अपने पद को बीच में ना लाते हुए बेटा होने के फ़र्ज़ को पूरी ईमानदारी से निभाया। उस विशेष समय के लिए तब जब उनकी ज़रूरत उनकी मां को थी और फिर पुनः एक राष्ट्र नेता होने के नाते अपने कार्य को बिना कोई समय ज़ाया करते हुए वापस लयबद्ध करने में लग गए।
विज्ञापन
बात बिलकुल साफ़ और सीखने लायक़ है कि किसी भी एक फ़र्ज़ को निभाने के साथ ही दूसरे पर आंच नहीं आने देने का प्रयास ही तो इंसान को महान बनाता है ।
यकीनन ऐसा ही होना चाहिए जब जिस कार्य की सर्वाधिक अहमियत हो तब आपका पूर्ण समर्पण के साथ वहां होना आपके व्यक्तित्व के ठोस संतुलन और अंदरूनी मजबूती को दर्शाता है। ये ही वो संस्कार है जो मोदी जी को दूसरे राज नेताओ से भिन्न भी बनाता है और श्रेष्ठ भी ।
विज्ञापन
समय -समय पर अपनी मां को मिलते रहना ,उनका आशीर्वाद लेते रहना, उनके चरण धुले जल को नेत्र से लगाना बातें सहज है, पर करते विरले व्यक्तित्व ही है। क्यूंकि ये कम ही लोग समझ पाते है कि जिसने आपको इस लायक़ बनाया है उनके लिए आपका आचरण और व्याहवर ही सही मायने में उनके प्रति आपकी कृतज्ञता को दर्शाता है।
विज्ञापन
वास्तव में मां के बच्चे के लिए और बच्चे के मां के लिए भाव बिना किसी शर्त या उम्मीद के हो तो वही उनका एक दूसरे के प्रति सम्मान और सच्चे समर्पण का प्रतीक होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।