फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Blog ›   Nasa Released Black Hole Sound IPS Officer Sandeep Mittal hears OM Sound in Nasa Black Hole Video

Nasa Black Hole Sound: अनहद नाद का ओम और ब्लैक होल की आवाज, दोनों के बीच के संबंध को लेकर हो रही चर्चाएं

Wed, 24 Aug 2022 06:24 PM IST
Sankalp Singh संकल्प सिंह
Updated Wed, 24 Aug 2022 06:24 PM IST
सार

अपने लोकप्रिय टीवी सीरीज कॉसमॉस में मशहूर खगोल वैज्ञानिक कार्ल सेगन कहते हैं - हिंदू धर्म एकमात्र ऐसा धर्म है, जिसमें समय के पैमाने आज के आधुनिक वैज्ञानिक खोजों के अनुरूप हैं।

विज्ञापन
Nasa Released Black Hole Sound IPS Officer Sandeep Mittal hears OM Sound in Nasa Black Hole Video
प्राचीन वैदिक साहित्य और उसका आज के आधुनिक विज्ञान के साथ काफी गहरा संबंध है। - फोटो : NASA

विस्तार

Nasa Black Hole Sound: अपने लोकप्रिय टीवी सीरीज कॉसमॉस में मशहूर खगोल वैज्ञानिक कार्ल सेगन कहते हैं - हिंदू धर्म एकमात्र ऐसा धर्म है, जिसमें समय के पैमाने आज के आधुनिक वैज्ञानिक खोजों के अनुरूप हैं। इस दौरान कार्ल सेगन आधुनिक विज्ञान की दिशा में ब्रह्मांड के जन्म और कॉस्मिक साइकिल को लेकर हो रही खोजों का संबंध प्राचीन हिंदू पौराणिक कथाओं से जोड़ते हैं।

विज्ञापन


आधुनिक विज्ञान की दिशा में हो रही कई खोजों का संबंध प्राचीन भारतीय एवं पौराणिक इतिहास में उल्लेखित खगोलिय एवं वैज्ञानिक ज्ञान परंपरा के साथ जुड़ा है। आइंस्टीन के सापेक्षतावाद की खोज से पहले जब टाइम डायलेशन और समय की गुत्थियों को लेकर किसी के पास कोई व्यापक समझ नहीं थी। उससे काफी पहले भारतीय वैदिक धर्म ग्रंथों में इस बात का जिक्र कर दिया गया था कि भगवान ब्रह्मा का एक दिन पृथ्वी के 8.6 अरब सालों के बराबर है। इसमें टाइम डायलेशन जैसे सिर चकरा देने वाले तथ्य का जिक्र हमें मिलता है।
विज्ञापन


प्राचीन वैदिक साहित्य और उसका आज के आधुनिक विज्ञान के साथ काफी गहरा संबंध है। इसी कड़ी में इन दिनों नासा का एक ट्वीट काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उसने 200 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर पर्सियस गैलेक्सी के ब्लैक होल की आवाज का एक वीडियो रिलीज किया है। इस वीडियो में ब्लैक होल ओम की तरह ध्वनि करता सुनाई दे रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


स्पेस का ज्यादातर भाग निर्वात (वैक्यूम) है। ऐसे में उसमें ध्वनि तरंगें यात्रा नहीं कर पाती हैं। इस कारण ब्लैक होल की आवाज को रिकॉर्ड करना काफी मुश्किल काम है। हालांकि, गैलेक्सी क्लस्टर में काफी ज्यादा गैस होने के कारण नासा को इस ब्लैक होल की आवाज को रिकॉर्ड करने में मदद मिली। 

आवाज को रिकॉर्ड करने के बाद उसे एम्प्लीफाई और अन्य डाटा के साथ मिश्रण करके जारी किया गया। ब्लैक होल की ध्वनि को कैप्चर करने के लिए नासा ने सोनिफिकेशन नामक एक खास तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया है। इससे पहले साल 2019 में नासा ने इवेंट होराइजन टेलीस्कोप की मदद से मेसियर 87 नामक गैलेक्सी के केंद्र में स्थित एक ब्लैक होल की पहली तस्वीर जारी की थी।

Nasa Released Black Hole Sound IPS Officer Sandeep Mittal hears OM Sound in Nasa Black Hole Video
ब्लैक होल की आवाज जारी होने के बाद ट्विटर पर कई लोग दावा कर रहे हैं कि इसकी आवाज हूबहू ओम की ध्वनि की तरह है। - फोटो : Istock



ब्लैक होल की आवाज जारी होने के बाद ट्विटर पर कई लोग दावा कर रहे हैं कि इसकी आवाज हूबहू ओम की ध्वनि की तरह है। इसको लेकर आईपीएस संदीप मित्तल ने ट्वीट कर कहा - "इस ध्वनि को हमारे ऋषियों ने ऊँ का नाम दिया है। ब्रह्माण्ड का आदि और अंत सब ॐ है। इसके नाद में प्रलय को आमंत्रित करने की क्षमता है एवं ब्रह्माण्ड की किसी भी अन्य वस्तु, प्राणी, ग्रह, आदि से अधिक प्रभावशाली है। हम कहें तो अंधविश्वास, नासा कहे तो विज्ञान।"

हिंदू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ॐ शब्द आध्यात्मिकता का प्रतीक है। ये पूरे ब्रह्मांड को एक सिरे से बांधे रखता है। इसमें भूत, वर्तमान और भविष्य तीनों समाहित हैं। यह आध्यात्मिक ज्ञान के अनुभव को आमंत्रित करता है। यह ब्रह्मांड की ध्वनि है। 

हमारे वैदिक धर्म ग्रंथों में विज्ञान की जटिल से जटिल गुत्थियों को रूपक अंदाज में काफी सटीक ढंग से समझाया गया है। इन खोजों के कई सांकेतिक और गहरे अर्थ हैं। हालांकि, इतिहास के कई सोपानों पर इन खोजों का आर्ष स्वरूप अपभ्रंश हुआ। ऐसे में जो चीजें जैसी थीं उनका एक भ्रष्ट स्वरूप आज हमारे सामने है। 

वैदिक सहित्य में उन्नत वैज्ञानिक तकनीकों का जिक्र हमें मिलता है। ऐसे में कई विशेषज्ञ इस बात का दावा करते हैं कि आधुनिक विज्ञान के सिद्धांत, अविष्कार और अवधारणाएं कई अर्थों में हमारे वैदिक साहित्य से मेल खाते हैं। 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed