दोबारा पीएम बने मोदी तो सामने होंगे ये 8 मुद्दे, इन पर लिया एक्शन तो बदल जाएगा इतिहास
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17वीं लोकसभा चुनाव के लिए 19 मई को अंतिम दौर खत्म हो गया। एग्जिट पोल आ चुके हैं और उसके आधार पर केंद्र में एक बार फिर से मोदी सरकार बनती दिखाई दे रही है। बहरहाल, सरकार किसी की भी बने नई सरकार के सामने देश के कुछ ऐसे मुद्दे होंगे जो ना केवल सालों से चले आ रहे हैं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर आज भी बहुत ज्वंत हैं। खास बात यह है कि नरेंद्र मोदी दोबारा पीएम बनते हैं और यदि इन मुद्दों को चुनौती के रूप में मानते हुए इन पर एक्शन लेते हैं तो यह भारतीय राजनीति के इतिहास के सबसे ऐतिहासिक फैसले होंगे।
सवाल यह है कि क्या कोई भी नई सरकार देश के सामने इन बड़े मुद्दों को लेकर एक्शन ले पाएगी? इन सवालों का जवाब ढूंढने में सफल होगी? क्या केंद्र की नई सरकार इन मुद्दो को केवल मुद्दे के रूप में ना रखकर इसे लेकर जमीन स्तर कुछ काम करेगी। आइए जानते हैं की यदि नरेंद्र मोदी दोबारा पीएम बने तो क्या इन मुद्दों पर एक्शन ले पाएंगे?
1. क्या जम्मू-कश्मीर में एक नई व्यवस्था आएगी और धारा 35A हटाई जाएगी?
2. पाकिस्तान पर भारत की नीति सख्त रहेगी या फिर नई सरकार की इस नीति में कोई बदलाव करेगी?
3. क्या देश में सामजिक सुरक्षा का एक नया दौर शुरु होगा, जिसमें बिना मेहनत के पैसा बांटा जाएगा?
4-छोटे और सीमांत किसानों को 60 साल के बाद पेंशन की सुविधा दी जाएगी? क्या छोटे दुकानदारों को 60 साल के बाद पेंशन की सुविधा उपलब्ध होगी,
5-5 करोड़ गरीब परिवारों को सालाना 72,000 दिए जाएंगे? प्रत्येक परिवार के लिए पक्का मकान मिलेगा? लोगों की बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार को लेकर क्रांतिकारी कदम उठाए जाएंगे?
4. क्या देश में समान नागरिक संहिता लागू होगी?
5. लोकसभा और राज्य विधान सभाओं में महिलाओं के लिए 33 फ़ीसदी आरक्षण होगा? केन्द्र सरकार की नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 फ़ीसदी आरक्षण किया जाएगा?
7-केंद्रीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की संख्या बढ़ाकर 33 फ़ीसदी कर दी जाएगी? राज्य पुलिस बल में पदोन्नति में महिलाओं के 33 फ़ीसदी आरक्षण होगा?
8. क्या कर चोरी करने वालों पर सख्ती और बढे़गी या इसमें एक बार फिर ढीलापन आ जाएगा?
जाहिर है नई सरकार यदि इन मुद्दों को लेकर मुखर होती है तो ना केवल भारत की राजनीतिक दिशा बदल जाएगी। खासतौर पर यदि पीएम मोदी सत्ता में चुनकर दोबारा आते हैं और पीएम बनते हैं और इन मुद्दों को लेकर एक्शन लेते हैं तो भविष्य के भारत के लिए ये क्रांतिकारी फैसले साबित हो सकते हैं।