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जीवन धारा: कठिनाइयां ही हमें असाधारण बनाती हैं; सूत्र- बहाने छोड़ आगे बढ़ें
Mon, 25 May 2026 08:53 AM IST
Pavan
न्यूट रॉक्ने
न्यूट रॉक्ने
Published by: Pavan
Updated Mon, 25 May 2026 08:53 AM IST
सार
अगर रास्ता कठिन न हो, तो मंजिल की कीमत भी कम हो जाती है। इसलिए कठिनाई से घबराएं नहीं। उसका स्वागत करें, क्योंकि वही आपको साधारण से असाधारण बनाती है।
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कठिनाइयां ही हमें असाधारण बनाती हैं
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जब खेल आसान हो, तब मैदान में उतरना बड़ी बात नहीं। असली पहचान तब होती है, जब आसमान धुंधला हो, शरीर थक चुका हो, भीड़ की आवाज धीमी पड़ जाए और स्कोरबोर्ड तुम्हारे खिलाफ खड़ा दिखाई दे। वही क्षण आदमी को बताता है कि वह वास्तव में कौन है। मैंने अपने खिलाड़ियों से हमेशा कहा है कि तुम्हारी ताकत इस बात से नहीं देखी जाएगी कि तुमने कितनी बार जीत हासिल की, बल्कि इस बात से देखी जाएगी कि हार सामने खड़ी होने पर भी तुमने अपने कदम कितनी मजबूती से रखे। सामान्य दिनों में तो हर कोई आत्मविश्वास से भरा दिखाई देता है, लेकिन मुश्किल दिन ही आदमी के भीतर छिपी ताकत और साहस को बाहर निकालते हैं। तुम मैदान में उतरते हो, तो केवल गेंद लेकर नहीं उतरते। तुम अपने परिवार की उम्मीदें और इससे भी ज्यादा अपने भीतर उस छोटे-से विश्वास को लेकर उतरते हो, जो यह कहता है कि-‘मैं अभी समाप्त नहीं हुआ हूं।’ मैंने ऐसे खिलाड़ियों को देखा है, जो शरीर से तो लंबे-चौड़े-बलिष्ठ थे, पर संकट आते ही उनका साहस डगमगाने लग जाता था। जीत केवल ताकत से नहीं मिलती, जीत तो उस आदमी के हिस्से आती है, जो कठिनाई को देख कर पीछे नहीं हटता।
जब हालात मुश्किल हो जाते हैं, तब दुनिया दो हिस्सों में बंट जाती है। एक वे लोग जो बहाने खोजते हैं, जैसे- मौसम खराब था, किस्मत साथ नहीं थी। और दूसरे वे लोग, जो अपने जूतों के फीते कसते हैं और कहते हैं ‘अब मेरी बारी है यह दिखाने की कि मैं किस मिट्टी का बना हूं।’ एक समय के बाद मन हार मानने के लिए बहाने देने लगता है। तभी चरित्र खेल में उतरता है। चरित्र वह शक्ति है, जो कहती है ‘एक कदम और।’ और वही अतिरिक्त कदम इतिहास बनाता है। जीवन कठोर है। कभी पूरी तैयारी के बाद भी हार जाओगे। कभी तुम्हारे अपने साथी तुम्हें कमजोर कहेंगे। लेकिन यह तो तुम्हें तय करना होगा कि तुम्हारी आत्मा का कप्तान कौन है- हालात या तुम स्वयं। तूफान जब आता है, तब कमजोर पेड़ उखड़ जाते हैं, लेकिन मजबूत पेड़ और गहरे धंस जाते हैं।
आदमी भी ऐसा ही है। संकट उसे तोड़ता नहीं, संकट उसके भीतर की असली ताकत को बाहर लाता है। मैंने अपने खिलाड़ियों से हमेशा यही कहा- भीड़ की आवाज को मत सुनो। केवल अपने भीतर की आवाज सुनो। अगर तुम्हारा मन अभी भी लड़ने को तैयार है, तो खेल समाप्त नहीं हुआ। अगर रास्ता कठिन न हो, तो मंजिल की कीमत भी कम हो जाती है। इसलिए कठिनाई से घबराओ मत। उसका स्वागत करो, क्योंकि वही तुम्हें साधारण से असाधारण बनाती है। लोग तुम्हें तुम्हारी आसान जीतों से कुछ समय के लिए याद रखेंगे, लेकिन वे तुम्हें हमेशा उस साहस के लिए याद रखेंगे, जो तुमने सबसे कठिन क्षणों में दिखाया था। इसलिए जब परिस्थितियां कठिन हो जाएं, तब सिर झुका कर मत बैठो। दुनिया को बता दो कि मजबूत लोग कठिनाइयों से भागते नहीं, वे कठिनाइयों की ओर बढ़ते हैं, क्योंकि वही क्षण उन्हें महान बनाते हैं।
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सूत्र- बहाने छोड़ आगे बढ़ें
जब आसमान धुंधला लगे, तब याद रखना कि असली पहचान जीत में नहीं, बल्कि उस हिम्मत में है, जिससे तुम हार के सामने खड़े रहते और भीतर की आवाज सुनकर एक कदम और बढ़ाते हो, क्योंकि कदम तुम्हें साधारण से असाधारण बनाता है। इसलिए बहाने छोड़ आगे बढ़ें, क्योंकि संकट तोड़ने नहीं, बल्कि गढ़ने आता है। आप अपने जीवन के कप्तान खुद बनें।
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जब हालात मुश्किल हो जाते हैं, तब दुनिया दो हिस्सों में बंट जाती है। एक वे लोग जो बहाने खोजते हैं, जैसे- मौसम खराब था, किस्मत साथ नहीं थी। और दूसरे वे लोग, जो अपने जूतों के फीते कसते हैं और कहते हैं ‘अब मेरी बारी है यह दिखाने की कि मैं किस मिट्टी का बना हूं।’ एक समय के बाद मन हार मानने के लिए बहाने देने लगता है। तभी चरित्र खेल में उतरता है। चरित्र वह शक्ति है, जो कहती है ‘एक कदम और।’ और वही अतिरिक्त कदम इतिहास बनाता है। जीवन कठोर है। कभी पूरी तैयारी के बाद भी हार जाओगे। कभी तुम्हारे अपने साथी तुम्हें कमजोर कहेंगे। लेकिन यह तो तुम्हें तय करना होगा कि तुम्हारी आत्मा का कप्तान कौन है- हालात या तुम स्वयं। तूफान जब आता है, तब कमजोर पेड़ उखड़ जाते हैं, लेकिन मजबूत पेड़ और गहरे धंस जाते हैं।
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आदमी भी ऐसा ही है। संकट उसे तोड़ता नहीं, संकट उसके भीतर की असली ताकत को बाहर लाता है। मैंने अपने खिलाड़ियों से हमेशा यही कहा- भीड़ की आवाज को मत सुनो। केवल अपने भीतर की आवाज सुनो। अगर तुम्हारा मन अभी भी लड़ने को तैयार है, तो खेल समाप्त नहीं हुआ। अगर रास्ता कठिन न हो, तो मंजिल की कीमत भी कम हो जाती है। इसलिए कठिनाई से घबराओ मत। उसका स्वागत करो, क्योंकि वही तुम्हें साधारण से असाधारण बनाती है। लोग तुम्हें तुम्हारी आसान जीतों से कुछ समय के लिए याद रखेंगे, लेकिन वे तुम्हें हमेशा उस साहस के लिए याद रखेंगे, जो तुमने सबसे कठिन क्षणों में दिखाया था। इसलिए जब परिस्थितियां कठिन हो जाएं, तब सिर झुका कर मत बैठो। दुनिया को बता दो कि मजबूत लोग कठिनाइयों से भागते नहीं, वे कठिनाइयों की ओर बढ़ते हैं, क्योंकि वही क्षण उन्हें महान बनाते हैं।
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सूत्र- बहाने छोड़ आगे बढ़ें
जब आसमान धुंधला लगे, तब याद रखना कि असली पहचान जीत में नहीं, बल्कि उस हिम्मत में है, जिससे तुम हार के सामने खड़े रहते और भीतर की आवाज सुनकर एक कदम और बढ़ाते हो, क्योंकि कदम तुम्हें साधारण से असाधारण बनाता है। इसलिए बहाने छोड़ आगे बढ़ें, क्योंकि संकट तोड़ने नहीं, बल्कि गढ़ने आता है। आप अपने जीवन के कप्तान खुद बनें।